रे रे लोयो रे रे रेला रे रे रेलाय...गोंडी विवाह गीत -
ग्राम-कारटी, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला कांकेर (छत्तीसगढ़) से मानसाय और विष्णुराम एक गोंडी विवाह गीत सुना रहे है:
रे रे लोयो रे रे रेला रे रे रेलाय-
चिरोटा मडा दर्मेड बोबा-
आया देरे दर्मेड ते-
बाडंग सौदा किंदी रो बोबा-
मियन जेवा केवी रो बाबा...
Posted on: Dec 13, 2017. Tags: MANSAY VISHNURAM SONG VICTIMS REGISTER
किसान स्वर : गेंदा फूल बेचकर अपनी रोज़ी रोटी चला रहा हूँ, इससे मेरी अच्छी आय हो जाती है...
हरिराम पटेल ग्राम-जिपाटोला, तहसील-चारामा, जिला-कांकेर के है वे बता रहे है कि वे गेंदा फूल की खेती करते है इसका बीज लगाते है पौधा होने के बाद एक फिट के पौधे को लगाते है उसके बाद पानी सिंचाई करते है| उसके एक महीने के अन्दर गोड़ाई करके खाद डालकर क्यारी बनाते है क्यारी बनाने के बाद 8 दिन के अंदर दवाई डालते है तो हराभरा होता है कुछ दिनों बाद फूल निकलने लगते है उसके बाद टॉनिक देते है टॉनिक देने के बाद फूल हराभरा होता तोड़ने लायक होता है तोड़ने के बाद मेला में या मंडई में बेचने ले जाते है और एक गुड्वा का एक हजार रूपये में बेचते है और एक गुड्वा में लगभग 3-4 टोकनी रहता है और उनको गेंदा की खेती करने के लिए लगभग 30 साल हो गए है और उसी से रोजी रोटी चल रही है
Posted on: Dec 13, 2017. Tags: HARIRAM PATEL SONG VICTIMS REGISTER
अजब बने है बम्ह्लाई डोंगरगढ़ के...जस गीत -
ग्राम-कराठी, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से गाँव की महिलाएं राजबाई ,रामदुलाई पुल्दी, जानकीबाई नेताम, इतवारिन टेकाम और सुशीला धुर्वे एक जस गीत सुना रही हैं :
अजब बने है बम्ह्लाई डोंगरगढ़ के – मैया जी के पाँव में पैजन विराजे – पैजन के शोभा बड़ा भारी डोंगरगढ़ के – मैया जी के कमर में करधन विराजे – अजब बने है बम्ह्लाई डोंगरगढ़ के...
Posted on: Dec 11, 2017. Tags: BASTIRAM NAGWANSHI SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : शरीर में कमजोरी का पाताल कुमडा फल से उपचार -
बिसाऊराम सोडी ग्राम-सिधवान नयापारा, तहसील-केशकाल, जिला-कोंडागाँव के रहने वाले है वे बता रहे हैं कि पाताल कुमडा शरीर में सुस्तपन, कमजोरी, खून कमी, पेशाब में जलन, कोता में जलन, सफ़ेद पानी इन सब के लिए बहुत अच्छा दवाई है| इसको काटकर पीस बनाकर सुखाते है आधा छाँव आधा धूप में सुखा के बढ़िया उसका पाउडर बनाके सुबह शाम गरम कुनकुना पानी में ले सकते है या दूध के साथ ले सकते है उससे बढ़िया आराम मिलता है और इसको जनवरी से फ़रवरी के बीच में खोदना चाहिए। मई जून में खोदने से इसकी शक्ति कम हो जाती है. ये जंगल में ज्यादा मिलता है और गाँव में बहुत कम मिलता है और ये पुरे छत्तीसगढ़ में मिलता है लेकिन बस्तर इलाका में ज्यादा मिलता है. बस्तीराम@8989851979.
Posted on: Dec 11, 2017. Tags: BISAURAM SODI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
आज के युवा हमारी रीति नीति, देवी देवता को नहीं मानते, इसका क्या करें कुछ समझ नहीं आता...
ग्राम-वटीन टोला, तहसील-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से उत्तम अटाला के साथ में प्रभुराम मंडावी हैं जो बता रहे है कि पहले बुजुर्ग लोग के पीछे हम लोग जुड़े थे उनकी बात मानते थे लेकिन आजकल गाँव में गली का साफ सफाई भी नहीं है उसी तरह से देवी देवता की जगह भी गंदी है सफाई कर देंगे तो उससे देवी देवता भी खुश हो जायेंगे और आशीर्वाद देंगे। आदिवासियों के तो देवता धामी ही असली सहयोग करने वाला है. माता पिता ने जन्म दिया है और वे बुजुर्ग इस व्यवस्था को बताते है लेकिन आज की युवा पीढ़ी यह सब मानती नहीं है वे कहते है कि मैं उस देवता को नहीं जानता, मानता तो इसके लिए क्या करना चाहिए समझ में नहीं आता. उत्तम@7354620356.




