आपका स्वास्थ्य आपके मोबाईल में : श्वेत प्रदर या पानी की बीमारी का इलाज -
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ग्राम पंचायत-गोटुलमुंडा, पोस्ट- तरई घुटिया, ब्लाक-दुर्गुकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां बाबूलाल नेटी की मुलाक़ात गाँव के वैद्य राज घंसूराम टेकाम जी से हुई है जो आज उन्हें महिलाओं को आम होने वाले बीमारी श्वेत प्रदर या पानी का स्थानीय जड़ी बूटी से इलाज बता रहे हैं. वे बता रहे हैं कि आंवला, हर्रा, बहेरा इन तीनो को 15-20 की संख्या में लेकर कूट लेना चाहिए और दही के सांथ मिलाकर रात भर रख देना चाहिए दवा को तीन खुराक बनाकर खाली पेट में रोज सुबह 3 दिन सेवन करने से श्वेत पानी की समस्या से राहत मिल सकता है | वे यह दवा बहुत लोगों को दे चुके हैं और इसमें फायदा होता है
Posted on: Dec 19, 2017. Tags: GHANSURAM TEKAM SONG VICTIMS REGISTER
किसान स्वर : तम्बाखू का कीटनाशक दवा के रूप में प्रयोग...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ग्राम पंचायत-गोटुलमुंडा, ब्लाक-दुर्गुकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है जहां बाबूलाल नेटी की मुलाक़ात गाँव के आदिवासी किसान धनीराम पद्दा से हुई है जो बता रहे हैं कि बहुत पहले से ही उनके पूर्वज खाने के लिए तम्बाखू का प्रयोग करते हैं लेकिन अब वे तम्बाखू से धान के फसल में होने वाले कीट प्रकोप से बचाने के लिए भी उगाने का प्रयास कर रहे हैं वे प्रयास कर रहे हैं कि किसान तम्बाखू का उपयोग दवा के रूप में भी करे जिससे लोग इसे सिर्फ नशे के रूप में ही ना उपयोग कर दवा के लिए में भी उपयोग करे. इसीतरह एक अश्वगंधा का पौधा भी वे लगाने का प्रयास कर रहे हैं जिसके भी अनेक औषधीय उपयोग हैं. बाबूलाल नेटी@7719930515
Posted on: Dec 19, 2017. Tags: GHANIRAM PADDA SONG VICTIMS REGISTER
रे रे रे रेला रे रे रेला रे रे रेला रे रे रेला...सीजीनेट गोंडी रेला गीत -
तहसील-भानुप्रतापुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से बस्तीराम नागवंशी सीजीनेट स्वर यात्रा से सम्बंधित एक गोंडी रेला गीत सुना रहे है:
रे रे रे रेला रे रे रेला रे रे रेला रे रे रेला-
बुल्टू रेडियो यात्रा मा नाटे वाता-
समस्या केंजी ले अरे समस्या केंजी ले-
सीजीनेट स्वरा मा नाटे वाता-
सन्देश रिकॉर्ड कियाले-
रे रे रे रेला रे रे रेला रे रे रेला रे रे रेला...
Posted on: Dec 19, 2017. Tags: BASTIRAM NAGWANSHI SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : यहां ग्रामवासी तेंदूपत्ता, चार, महुआ, हर्रा, बेहडा बेचकर अपना जीवन यापन करते है...
ग्राम-घोडाखुर्री, ब्लाक-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से अगनुराम खड़हे स्थानीय माध्यमिक शाला के प्रधान अध्यापक है. वे बता रहे हैं कि स्कूल की शुरुवात उनके ही द्वारा 1983 में हुई. घोडाकुर्री गाँव का नाम क्यों पड़ा उसके बारे में जानकारी दे रहे है. बुजुर्ग लोगो के अनुसार यहाँ पर घोडा के पैर का एक चिन्ह था उसके कारण इस गाँव का नाम घोडाकुर्री नाम पड़ा है अभी वर्तमान में वो चिन्ह नहीं है मिट गया है. गाँव की जनसँख्या लगभग 350 है. पूरा गोंड आदिवासी गाँव है और उनका जीवन यापन का साधन खेती बाड़ी और वनोपज है | वनोपज में तेंदूपत्ता, चार, महुआ, हर्रा, बेहडा, इस सबको समय-समय पर सीजन के आधार पर एकत्रित करते है उसको बेचकर अपना जीवन यापन करते है
Posted on: Dec 17, 2017. Tags: AGNURAM KHADHE SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
हमारे गाँव में बहुत सी महिलाएं चरखे से कपड़े बनाती हैं और अपना नियमित रोज़गार प्राप्त करती हैं...
ग्राम हथौद जिला बालोद छत्तीसगढ़ से राम सिंह देवांगन बता रहे है कि खादी ग्रामोद्योग विभाग की मदद से उनके गाँव में 30-35 महिलाये चरखे से कपड़ा बना रही हैं और उनको लगातार रोज़गार मिल रहा है. ऐसे ही आप भी अपने गाँव में कर सकते हैं इसके लिए राज्य शासन के खाड़ी ग्रामोद्योग विभाग से मदद मिलती है. ये महिलाएं कई प्रकार के कपडे बना सकते है उसमे चादर, लुंगी, टॉवेल, पेंट कपडा, शर्ट कपडा इत्यादि शामिल है| इससे हमारी मजदूरी और रोजगार मिलता है इसमें एक समस्या है जो कि भुनकरो के लिए जो वर्कशेड बनाया गया था इस वर्ष 2017 में किसी बुनकर के लिए वर्कसेट नहीं बना है तो वे बोल रहे है कि बुनकर का वर्कशेड का निर्माण हो ऐसा वे शासन से मांग कर रहे है |




