हम तो छोड़ जा रहे हैं दुनिया तुम्हारे हवाले करके सारे...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
हम तो छोड़ जा रहे हैं दुनिया तुम्हारे हवाले करके सारे-
हमें न भूलना संभालकर रखना, ऐ आने वाले इस धरती की शान-
यहां तो हर कोई मेहमान और आना जाना लगा है जमाना-
क्या लेके आया क्या लेके जाना, बस दो दिन का मेंहमान-
भाई चारे का सांथ निभाना, गिरे हुए को भी उठाना...

Posted on: Mar 27, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

पुती के बेरा उतरगे न गेरा, उठो-उठो भोजली दाई दर्शन के बेरा...भोजली गीत-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक भोजली गीत सुना रहे हैं :
पुती के बेरा, उतरगे न गेरा-
उठो-उठो भोजली दाई दर्शन के बेरा-
आहो देवी गंगा – एक बेट हर्दी ला घोटी-घोटी पीसेन-
हमरे भोजली दाई ला हंसी हंसी पिटेन...

Posted on: Mar 26, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

एक दूसरे का मदद करने से जीवन सरल हो जाता है...कहानी-

गंगा किनारे एक अंधा और एक गूंगा रहते थे| एक देख नहीं सकता था| दूसरा बोल नहीं सकता था| दोनों एक दूसरे की मदद कर साथ जीवन व्यतीत करते थे| गूंगा अंधे को राह दिखता था| अंधा द्वार-द्वार पर आवाज लगाकर भीख मांगता था| इस तरह से दोनों झोली लेकर भीख मांगते थे| लोग उनको भिक्षा देते थे | दोनों का घर नहीं था| वे प्रसाद खाकर मंदिर में ही पड़े रहते थे| साथ ही वे मंदिर की साफ़ सफाई भी कर लेते थे| इस तरह से उनका जीवन गुजर रहा था| उनकी बेबसी ने उन्हें संत बना दिया|

Posted on: Mar 25, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER

ये जिनगी के नई आय ठिकाना गा संगी...गीत-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक गीत सुना रहे हैं:
ये जिनगी के नई आय ठिकाना गा संगी-
आनी बानी के रोग आगे-
मुश्किल होगे जीना गा संगी-
ठौर-ठौर मा खुलगे कारखाना-
किसिम किसिम के कल कारखाना गा संगी-
पर्यावरण ला दूषित करथे, नई आये कोखरो ठिकाना...

Posted on: Mar 25, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

मेरी मम्मी प्यारी मम्मी मुझको बहोत भाती है...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रही हैं:
मेरी मम्मी प्यारी मम्मी मुझको बहोत भाती है-
अपने आंचल के छांव में, लोरी सुनाकर सुलाती है-
अपने तन से दूध पान कराकर-
अपने आंचल से ढक लेती है-
गीले में खुद सोती पर सूखे में मुझे सुलाती है-
थोड़ा भी अस्वस्थ्य होने पर झट अस्पताल ले जाती है...

Posted on: Mar 24, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

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