टोपीवाले की चतुराई...कहानी
ग्रामपंचायत-सिहपुर तहसील-पंडरिया, जिला कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से संयोगिता मरकाम कक्षा पांचवीं की छात्रा है जो एक कहानी सुना रही है जिसका शीर्षक है टोपीवाले की चतुराई
एक टोपी वाला था, गाँव-गाँव घूम कर टोपी बेचता था, एक दिन वह एक गाँव से दूसरे गाँव टोपियाँ बेचने जा रहा था दोपहर के समय तो वह कुछ देर सुस्ताने के इरादे से एक पेड़ के नीचे अपनी टोपियों को रख कर सो गया, जब नींद खुली तो उसके होश उड़ गए देखा की उसकी एक भी टोपी नहीं है सोचने लगा कौन ले गया होगा? फिर जैसे ही उसकी नजर पेड़ की तरफ़ गई तो देखा कि सारी टोपियों को बंदरों ने पहन रखी है तो वो उन पर इशारों से और पत्थर मार के टोपियाँ वापस पाने की जद्दोजहद करने लगा लेकिन सफलता नहीं फिर उसने देखा कि जैसे वह कर रहा है बन्दर भी वैसा ही कर रहे है तो उसको एक तकरीब सूझी क्यों न अपनी टोपी तो उतार फेंकूं उसने वैसा ही किया उसके बाद बंदरों ने भी अपनी-अपनी टोपियों को उतार कर नीचे फेंक दिए फिर क्या था टोपी वाले ने सारी टोपियाँ उठा कर अपने बैग में भरा और गाँव की तरफ चल पड़ा |
Posted on: Sep 02, 2018. Tags: CG KABIRDHAM PANDARIYA SNYOGITA MARKAM SONG STORY VICTIMS REGISTER
Impact: Started getting pension for disabled people after CGnet report, thanks...
ग्राम-धवाटाड़, ब्लॉक-जरीडीह, जिला-बोकारो (झारखण्ड) से शिवनारायण महतो बता रहे हैं, कि उनके गाँव के कल्पना कुमारी को पहले विकलांगता पेंशन मिल रहा था, पर फरवरी 2016 से उनको विकलंगता पेंशन मिलना बंद हो गया, जिससे उन्हें बहुत आर्थिक परेशानी हो रही थी, उन्होंने इसका शिकायत कई बार पिछले दो सालों में अधिकारियों को दिया पर कोई फायदा नही हुआ, तो ये साथी सीजीनेट में मई 2018 को अपना संदेश रिकॉर्ड किया और अगस्त 2018 को उनके खाते में पेंशन राशि आना चालू हो गया है जिससे वे बहुत खुश हैं और अब वे सीजीनेट और जिला अधिकारियों को धन्यवाद दे रहे हैं, वे कह रहे हैं कि आप सभी कृपया गरीबों की ऐसे ही मदद करते रहें: शिवनारायण महतो@9939727689.
Posted on: Sep 01, 2018. Tags: BOKARO DISABLE IMPACT JARIDIH JHARKHAND PENSION SHIVNARAYAN MAHTO SONG VICTIMS REGISTER
हमारे गाँव का नाम ताडवैली कैसे पड़ा: एक गाँव की कहानी ( गोंडी भाषा में )
सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम पंचायत-ताडवैली, ब्लॉक-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां मोहन यादव की मुलाक़ात गाँव के बुज़ुर्ग कन्ना राम वड्डे से हुई है जो उन्हें गोंडी भाषा में उनके ताडवैली गाँव के नाम की कहानी बता रहे हैं कि उनके गाँव का यह नाम कैसे पड़ा: वे बता रहे हैं ये गाँव राजा समय का गाव है परालकोट परगना में एक राजा रहते थे- राजा की मदद से यहाँ पर बड़ा सा तालाब बना जिसे गोंडी में तड़ाई
कहते हैं फिर उसके बाद इसलिए इस गाँव का नाम ताडवैली पड़ा- इसी प्रकार यहां के पेड़ पौधो- व्यक्ति या जानवर आदि पर गाँवों के नाम रखे गए हैं जिनके बारे में गाँव के बुज़ुर्ग ही जानते हैं
Posted on: Aug 31, 2018. Tags: CG GONDI KANKER KOELIBEDA MOHAN YADAV STORY
जन्म मरण के साथी, साथी हमारे, जा से नहीं बिछ्डू दिन राती...भजन गीत
संतोष कुमार ग्राम-सरई, पोस्ट-चंद्रानी, जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से हारमोनियम के साथ एक गीत सुना रहे हैं :
जन्म मरण के साथी, साथी हमारे – जन्म मरण के साथी हमारे-
जा से नहीं बिछ्डू दिन राती हमारे – हां देखे बिना चलन पडत है जानत है मेरी छाती –
उच्च चढ़, चढ़ कर पंथ निहारु रोवे अखियां राती –
ये संसार सकल जग झूठे, झूठे कुल और नाती – दोउ कर जोडीया आज करू मैं, चुनले तेरे मेरे बाती...
Posted on: Aug 30, 2018. Tags: DINDORI HINDI MP SANTOSH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
जौहरी के बेटे के नकली हीरे के हार की कहानी-
एक जोहरी था जिसका निधन हो जाने पर उसके घर में बहुत बढ़ा संकट आ गया, घर में खाने तक की समस्या हो गई, जोहरी का एक लड़का था जिसे उसकी माँ ने एक हार देकर कहा जाओ चाचा जी से कुछ मांग लाओ, चाचा ने हार को देखा और कहा अभी बाजार तेज नही है, जब बाजार तेज होगा तब लाना, और लडके को कुछ पैसे देकर अपने दुकान में काम करने के लिए कहा, लडके ने उसकी बात मान ली, कुछ दिन बाद लड़का काम सीख गया. दूर-दूर से लोग अपने हीरे की परख कराने के लिए उसके पास आने लगे, तब उसके चाचा ने उसे हार लाने को कहा, लड़का जब हार को देखा तो उसे पता चला वह नकली है, चाचा के पूछने पर उसने बताया वह हार नकली है, चाचा ने कहा यदि यह बात मै पहले कहता तो तुम नही मानते और मुझे बुरा समझते...

