वनांचल स्वर: जंगल से मिलने वाले महुआ, बेलवा, हर्रा, लाख बहुत सस्ते दामो में बेच देते है...
रामेश्वर कुमरा (सरपंच) ग्राम-अमोड़ी, ब्लाक-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से बता रहे है कि उनके गाँव के आसपास जंगल है उनसे उनको महुआ, तेंदू, लाख, कोशुम, सरई, बेलवा, हर्रा आदि मिलते है और लाख को साल में दो बार तोडा जाता है जून और दिसंबर माह में और उनको दुर्गकोंदल बाजार में ले जाकर बेच देते है, लाख को 200 रूपये किलो और महुआ को 15-20 रूपये किलो बेचते है और बेलवा और तेंदू बिक्री भी करते है और वे लोग लाख का बीज नहीं लाते है पेड़ से ही उत्पन होता है| महुआ, तेंदू, लाख, सरई, बेलवा, हर्रा को दुर्गकोंदल बाजार में सस्ते दामो में बेच देते है और अधिक जानकारी के लिए संपर्क@9294651617.
Posted on: Jan 26, 2018. Tags: RAMESHWAR KUMARA SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
जिंदल कंपनी के पानी टंकी फूटने से ज़मीन में गड्डा हो गया है खेती करना मुश्किल हो रहा है...
ग्राम-डोंगामहुआ, तहसील-घरघोडा, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से मानिकराम सिदार बता रहे हैं उनके जमीन के बगल में जिंदल कंपनी के पानी टंकी फूट जाने से 6 एकड़ जमीन में गड्ढा हो गया है ये जमीन में खेती किसानी करना मुश्किल होता है उसके लिए S.D.M.और कलेक्टर को आवेदन 4 अप्रैल 2016 को दिए थे और 7 अप्रैल 2016 निरिक्षण करने हेतु पटवारी जाँच में गये थे लेकिन आज तक उनका मुआवजा राशि नही मिल रहा है| इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि इन अधिकारियो से बात करके उनका मुआवजा दिलवाने में मदद करें: कलेक्टर@07762.222103 अधिक जानकारी के लिए संपर्क@9109095074.
Posted on: Jan 25, 2018. Tags: MANIKRAM SIDDAR SONG VICTIMS REGISTER
रेलो यो रे रे रेले लोयो रेला...कोलांग गीत
ग्राम-कोड़ापुरी, पंचायत-बरेली, ब्लाक-दुर्गुकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुकालूराम पुरामे एक कोलांग गीत सुना रहे हैं:
रेलो यो रे रे रेले लोयो रेला-
रे लोयो रे रेला रेला-
टाडो-टाडो रोय-
अले कोय मरडार-
टाडो कोय वायेन कोय मरडार-
वायोन आयो वायेनन...
Posted on: Jan 25, 2018. Tags: SONG SUKALURAM PURAME VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: जमीन पथरीली है तो फसल अच्छी नहीं होती, हम वन पर ही अधिक निर्भर हैं...
ग्राम-हिल्चुर, पंचायत-दमकसा, ब्लाक-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से टेमाराम बता रहे है कि वे लोग जंगल के किनारे रहते है और जंगल से महुआ का उत्पादन करते है और उसको बाजार में ले जाकर बेचते है और उससे साबुन, सोडा, दाल चावल खरीदकर अपना जीवन यापन करते है और उसके आलावा चार, बेलवा, तेंदू, लाख भी होता है लाख की कीमत लगभग 100-120 रूपये तक है उनके यहाँ पर चट्टान होने के कारण धान की खेती नहीं कर पाते है उनके यहाँ बारिश के समय सिर्फ एक ही फसल होती है| उसके आलावा कोई दूसरी फसल नहीं होती है और वे लोग ज्यादातर जंगल के ऊपर निर्भर रहते है. बाबूलाल नेटी@9713997981.
Posted on: Jan 24, 2018. Tags: SONG TEMAARAM DADURAM UIKA VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
रे रे रेला रे रेला, रेला रेला रे रे लोयो यो...गोंडी रेला गीत -
ग्राम-कोड़ाकुरी, पंचायत-परेली, ब्लाक-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से कान्ड़ेराम एक गोंडी रेला गीत सुना रहे है:
रे रे रेला रे रेला, रेला रेला रे रे लोयो यो-
अवेला टाला बाजर बोबर टाला लोड बाजिरा-
आगे बाजिरो वेलोड़ अल्सन बोगा बाजिरा-
रे रे रेला रे रेला, रेला रेला रे रे लोयो यो...


