गुरु बनाओ जान के सीखो ज्ञान विज्ञान के...कविता-
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट एक कविता सुना रहे हैं :
गुरु बनाओ जान के सीखो ज्ञान विज्ञान के-
संगीत है सुर और तान के-
सराहना होता है चरित्रवान के-
पानी पियो छान के सोना मच्छरदानी तान के-
रक्षा करो इंसान के, कभी काम करो अनुदान के...
Posted on: Jul 19, 2019. Tags: ANUPPUR CG KANHAIYALAL KEWAT MP POEM SONG VICTIMS REGISTER
गरीब का कहाँ पुछारी...कहानी-
गर्मी का दिन था| एक गरीब किसान रामू बिना जूते पहने और बिना पानी साथ रखे जरुरी काम के लिये घर से निकल पड़ा| रास्ता बड़ा दूर था| पेड़ का छाव तक नही था| समय के साथ धूप तेज हुई और धरती गर्म हो गई| रामू दौड़ाने लगा और थक गया| रास्ते में एक बबूल का पेड़ मिला| जिसके नीचे वह आराम किया और फिर से चलने लगा|शाम तक रामू पहुंच गया| वहां पहुचने पर उसके मामा बहुत खुश हुए| लेकिन मामी खुश नही हुई| उसके बाद उसकी मामी ने महमानों के लिये बिना मन का खाना बनाया| जो रामू को अच्छा नहीं लगा और वह दूसरे दिन चला गया| ये सब रामू के मामा को अच्छा नहीं लगा| उसने अपनी पत्नी को कहा तुमने ठीक नहीं किया| घर पहुंचकर रामू ने अपनी माँ को उस व्योहार के बारे में बताया| माँ बोली इसीलिए मै जाने से मना कर रही थी| इससे सीख मिलती है हमारे व्योहार से ही हमारी पहचान होती है| इसलिये सोच समझ कर काम करना चाहिए|
Posted on: Jul 19, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
समय सब कुछ सिखा देता है...कहानी-
एक गांव था| गांव के मुखिया का नाम बंतराम था| उसके छोटे भाई का नाम सगिर्तन था| दोनों में गहरा प्रेम था| दोनों का परिवार एक साथ एक घर में रहते थे| दोनों भाई के दो लडके और एक लड़की थी| सब कुछ अच्छा चल रहा था| सभी का विवाह हो गया| लेकिन बच्चो का आपस में मेल नहीं था| जिसके कारण घर का बटवारा हो गया| सभी अलग-अलग रहने लगे| जिससे उनका समय एक ही काम को करने बर्बाद होने लगा| खर्च बढ़ गये| मुखिया और उसका भाई दोनों बूढ़े हो चुके थे| फिर भी काम करने जाते थे| और जवान बेटे कोई काम नहीं करते थे| समय बीता और एक दिन दोनों भाई का देहांत हो गया| अब बच्चो पर जिम्मेदारी आई | तब उनको पता चला घर चलाने के लिये कितना मेहनत करना पड़ता है|
Posted on: Jul 18, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
इस समय नगरिहा खेत में जाकर...कविता-
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट एक कविता सुना रहे हैं :
इस समय नगरिहा खेत में जाकर-
न जाने कितना मेहनत कर जाते हैं-
और बाजार में जाते बीज खरीदने-
तो कीमत सुनकर डर जाते हैं-
इसी अन्न को पाने के लिये-
किसान खेत, कलीहन में डेरा धर देता है...
Posted on: Jul 17, 2019. Tags: ANUPPUR KANHAIYALAL KEWAT MP POEM SONG VICTIMS REGISTER
सीजीनेट में आओ भईया जी...गीत-
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट एक गीत सुना रहे हैं:
सीजीनेट में आओ भईया जी-
नई लागे रूपया पैसा सीजीनेट में आओ-
गाँव के समस्या ला मोबाईल मा रिकॉर्ड करो-
चाहे कोनो राज होवे, चाहे कोनो भाषा-
सबके समाधान होही, झन होवो गिलासा-
चाहे कोनो राज होवय चाहे कोनो भाषा-
चाहे गीत गाओ भईया जी, नई लागे रूपया पैसा-
सीजीनेट में आओ...
