घोर अंधकार से घिरा जग सुंदर उजियारा...कविता -
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं :
घोर अंधकार से घिरा जग सुंदर उजियारा-
पग-पग बिछे हैं सर्प, बिच्छु बन देशी फिरंगी-
विकास के नाम पर जल, जंगल, जमीन-
जलवायु विनाश की ओर अग्रसर-
बन दानव मानव रक्त की धार बहा रहे हैं-
आज दिल्ली बॉम्बे जैसे महानगर...
Posted on: Apr 03, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
नेताओं की झोली देखो, वैश्याओं की चोली देखो...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
नेताओं की झोली देखो, वैश्याओं की चोली देखो-
अपसरो की बोली देखो, किसानो की पोटली देखो-
बिखारी की झोली देखो, उद्योग पतियों का आंख मिचोली देखो-
जनताओं के बनेगे काल, ये खाये जा रहे हैं सरकारी माल-
ये देश के हैं जंजाल उनसे पूछो टेढ़ा मेढ़ा सवाल...
Posted on: Apr 02, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
चुनावी दौर पर देखो नेताओं के जमाव...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
चुनावी दौर पर देखो नेताओं के जमाव-
राहों में चौराहों पर पड़ाव-
कसमे वादे अच्छा-अच्छा सुझाव-
बरसाती मेढ़को के टर्राहट-
लगता है जैसा लगा हो हाट-
पम्पलेट पोस्टरो का देखो ठाठ...
Posted on: Apr 01, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
जल से पतला कौन है, कौन भूमि से भारी...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
जल से पतला कौन है, कौन भूमि से भारी-
कौन अगन से तेज है, कौन काजल से काली-
जल से पतला ज्ञान है, पाप भूमि से भारी-
क्रोध अगन से तेज है, कलंक काजल से काली-
मन भज ले श्री राधे गोविंदा...
Posted on: Mar 30, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGADH SONG VICTIMS REGISTER
अतिथी कला होई, सीता तो सीता सोई...ओड़िया भजन-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक ओड़िया गीत सुना रहे हैं :
अतिथी कला होई, सीता तो सीता सोई-
हे गणस्वामी मोरो, मृग मारी गा माई-
पोई का पोट्टा जाती, निये लम करा पोती-
कहिये करे मोरो, दहा नान पी-
नमो मोहरी सीता, श्री राम को ओ नीता...
