हैण्डपंप से पानी पर्याप्त नहीं निकलता पानी की समस्या होती है...
ग्राम-बीरपुर, ब्लाक-जवा जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से रामाश्रय बता रहे हैं, स्कूल के पास उनकी बस्ती है जहाँ पर एक हैण्डपंप लगा है जिसमे पर्याप्त पानी नहीं निकलता है, उनका कहना है उसमे पाईप की कमी है और वासर ख़राब है, ये दोनों चीजें लगा दिया जाये तो समस्या ठीक हो सकती है, निवासी सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं कि दिये नंबरों पर बात कर समस्या का निराकरण कराने में मदद करें, जिससे लोगो को पीने का पानी मिल सके| PHE@7047603066, 9425173278. संपर्क नंबर@9179241525.
Posted on: Mar 19, 2020. Tags: MP PROBLEM RAMASHRAY REWA SONG VICTIMS REGISTER
नन्हा एक बीज बोदें वही वृक्ष बन जायेगा...प्रेरणा गीत
जिला-शहडोल (मध्यप्रदेश) से गोलू नापित एक प्रेरणा गीत सुना रहे हैं:
नन्हा एक बीज बोदें हम-
वही वृक्ष बन जायेगा-
छोटा सा हम दीप जला दें-
अंधकार मिट जायेगा-
नन्हा एक बीज बोदें हम-
वही वृक्ष बन जायेगा...
Posted on: Mar 19, 2020. Tags: GOLU NAPIT MP SHAHDOL SONG VICTIMS REGISTER
शुभ घडी आई सुमंक सुनाबा...शादी गीत-
ग्राम-नोनारी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमारी एक शादी गीत सुना रही हैं:
शुभ घडी आई सुमंक सुनाबा-
हरादिया ये की रच-रच लगाबा-
चूनर में इनके सुंदर बनाबा-
हरादिया ये की रच-रच लगाबा-
आज अपन हैं कल होईहयें पराई-
गईल पईन कर बहुत याद आई-
सईयां से मिल के फार्मूला बताईहयें-
हरादिया ये की रच-रच लगाबा-
सखी सुकुमारी हैं बहुतये मिजाजी-
हरादिया ये की रच-रच लगाबा-
शुभ घडी आई सुमंक सुनाबा-
हरादिया ये की रच-रच लगाबा...
Posted on: Mar 19, 2020. Tags: AKHILESH KUMARI MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
बीच मा दुर्गा बिराजे बगल से गंगा बहत हैं...देवी गीत-
ग्राम-नोनारी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमारी एक देवी गीत सुना रही हैं:
बीच मा दुर्गा बिराजे बगल से गंगा बहत हैं-
गंगा बहत हैं रामा गंगा बहत हैं-
ओही बगलिया मा मलिया का डेरा-
फूलबा चढ़ाबये दिन रात बगल से गंगा बहत है-
ओही बगलिया मा कोंहरा का डेरा-
कलशा उतारये दिन रात बगल से गंगा बहत है-
ओही बगलिया मा सोनरा का डेरा-
बिंदिया चढ़ाबये दिन रात बगल से गंगा बहत है-
बीच मा दुर्गा बिराजे बगल से गंगा बहत हैं...
Posted on: Mar 19, 2020. Tags: AKHILESH KUMARI MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
जा रही है संविधान की सवारी...संगठन गीत
ग्राम-छिपिया, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से सुकन्या एक संगठन गीत सुना रही हैं:
जा रही है संविधान की सवारी-
किरन को आकर समेटें-
बादल को रंगे देके-
मन उसका भारी-भारी-
वीर ये सारा घर को लौटे-
किरण भी ये आंचल समेटें-
लाल रंग के रथ में बैठे-
चल पड़ी है संविधान की सवारी-
तारो की आती बारात-
चांदनी खिलखिलाती-
चाँद को प्रकाश देकर-
संविधान अपने हांथ लेकर-
जा रही है संविधान की सवारी-
किरण को आ कर समेटें...
