छत्तीसगढ़ के छत्तीस रंग में होके मन तार-तार...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम-परसापानी, विकासखंड-नगरी जिला-धमतरी (छत्तीसगढ़) से गेंदलाल गोटा छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
छत्तीसगढ़ के छत्तीस रंग में होके मन तार-तार-
विदुन होके नाच ले गाले जिंदगी में आज-
बाग हमर जाके संगी ऐसन दिन हैं आगे-
रतिया पाके संगी नव अंजोर आगे-
सबोजन के जिंदगी म-
हो गए उजियार,विदुना होके...
नशामुक्त जीवन के राह ला अपनावो-
मान सम्मान बने रहे खुशी घर में लाबो
जीतले अब है मौक़ा जिन्दगी हैं सार,विदुन होके...
अपन मत के उपयोग ला हमन ला समझबो-
सभी लालच छोड़ के सही मत ला करवो-
देश के विकास पर हो गेन हम तैयार-
Posted on: Sep 05, 2016. Tags: GENDLAL GOTA SONG VICTIMS REGISTER
रेला रे रे लयो रे रे लोयो रेला साय रेला...गोंडी गीत
जिला- धमतरी (छत्तीसगढ़) से गेंदलाल गोटा एक गोंडी गीत सुना रहे हैं:
रेला रे रे लयो रे रे लोयो रेला साय रेला-
जौहर-जौहर ठाकुर देव,जौहर-जौहर ठाकुर देव-
जौहर रेला लगाऊं बाबा तोला जौहर रेला-
रेला रे रे लयो रे रे लोयो रेला........
ठाना न मोरो नाना रो,ठाना न मोरो नाना रो-
जौहर-जौहर गरिया मुदिया,जौहर रे लगाऊं-
रेला रे रे लयो रे रे लोयो रेला...
Posted on: Sep 03, 2016. Tags: GENDLAL GOTA SONG VICTIMS REGISTER
की तू का पूछ ब कवि राज में... कविता
ग्राम-बसंतपुर, थाना-साहेबगंज,जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सोहनलाल दीवाना एक कविता सुना रहे हैं:
की तू का पूछ ब कवि राज में-
ये ही मूल बे हुये पंगा होकर न बुजावत-
जे कुछ कोई माने परचउ-
न माने तो खाए डंडा-
तोहरे दुश्मन बा नहीं-
की तू का पूछ ब कवि राज में...
Posted on: Sep 02, 2016. Tags: SOHANLAL DEEWANA SONG VICTIMS REGISTER
जागो-जागो देशवासियों युवक गण तुम जाग उठो...कविता
ग्राम-बाबूकोड, तहसील-त्योंतर, जिला-रीवा (म.प्र.) से हरिलाल कोरी एक कविता सुना रहे हैं:
जागो-जागो देशवासियों युवक गण तुम जाग उठो-
भारत देश हैं डूबने वाला, इसको तुम बचा सको-
भ्रष्टाचार जातिवाद,भ्रष्टाचार जातिवाद अलगाववाद को रोको-
जागो-जागो देशवासियों युवक गण...
Posted on: Sep 01, 2016. Tags: HARILAL KORI SONG VICTIMS REGISTER
शौचालय बनवाइये सबको बताइये...स्वच्छता जागरूकता गीत
ग्राम-पनवारखुर्द, जिला-रीवा (म.प्र.) से मन्नूलाल वर्मा शौचालय बनवाने के सम्बन्ध में एक गीत सुना रहे हैं:
शौचालय बनवाइये सबको बताइये-
अपने घर की शोभा बढाइये-
माँ बहन की इज्जत बचाना-
सबको सिखाइये सबको बताइये-
बाहर जाने में शर्म लगती हैं
बिच्छू किरबा से अपने को बचाइए...

