मैं दृष्टिहीन हूँ, मेरी नौकरी एक 55 वर्ष के व्यक्ति को दे दी गयी है, कृपया मेरा अधिकार दिलाएं...

ग्राम- पाली, पोस्ट-जामु, थाना- बैकुंठपुर, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से शिव कुमार द्वेदी दृष्टिहीन हैं इनका कहना है, कि राज्य शिक्षा केंद्र के द्वारा एन.जी.ओ.चलाया जाता है जहां इनको चौकीदार के पद पर रखा गया था लेकिन अब 55 वर्ष के एक व्यक्ति को उनकी जगह नियुक्त कर दिया गया है । वे कह रहे हैं कि उन्होंने अतिथि शिक्षक की तरह भी वहां काम किया था और दृष्टिहीन होने के लिए उनके साथ भेदभाव न किया जाए इसलिए ये साथी सीजीनेट में सन्देश रिकोर्ड करा रहे हैं ताकि सीजीनेट सुनने वाले साथी अधिकारियों से बात कर के उनके अधिकार को इनको दिला सकें| सी.आर.के त्रिपाठी का मो.नं.9424354972 और सज्जन देवी वार्डन महिला का मो.नं.7898899282 है | शिव@9203767814

Posted on: Nov 20, 2016. Tags: SHIVKUMAR DWIVEDI SONG VICTIMS REGISTER

मईया के दुवारिया चला-चला...देवी गीत

ग्राम-तिमरा बजार, जिला-मुज्जफरपुर (बिहार) से चन्दन कुमार एक देवी गीत सुना रहे हैं :
चला-चला बहिना चला-चला बहिना हो-
मईया के दुवारिया चला-चला,
धूपवा जराइब मईया-
दियरी जरइब आउर जराइब अगरबतीया-
मानवा त माना मईया,मानवा त माना हो-
मानवा त माना देवी मईया-
निर्धन के इबतिया, चला-चला बहिना-
चला-चला बहिना चला-चला ऐ बहिना ,मईया के दुवारीया...

Posted on: Nov 20, 2016. Tags: CHANDAN KUMAR SONG VICTIMS REGISTER

नोट हमारे डंडे उनके, वाह रे वाह हथकंडे उनके...नोटबंदी पर कविता

ग्राम-मालीघाट, जिला-मुज्जफरपुर बिहार से सुनील कुमार दिलीप पंकज की हाल में हुई नोटबंदी पर एक कविता सुना रहे है :
वाह रे वाह हथकंडे उनके-
नोट हमारे डंडे उनके-
वाह रे वाह हथकंडे उनके-
समझ न पाए आखिर हम सब-
आखिर क्या हैं फंडे उनके-
नचा रहे हे आज देश को-
वाह रे वाह हथकंडे उनके...

Posted on: Nov 19, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

Today's news from newspapers in Gondi: 19th November 2016-

अनुपस्थित रहने वाले 6 मतदान कर्मी निलंबित-
शहडोल लोकसभा उपचुनाव के लिए मतदान जारी-
जमीन के पुराने विवाद पर कट्टे से पिता व पुत्र को मारी गोली-
झांसी के किले में मिली डकैतों की लोकेशन-

Posted on: Nov 19, 2016. Tags: CHANDAN KUMAR NEWS

मन के मईलिया जे ना दोई...भोजपुरी गीत

सुनील कुमार, मालीघाट, मुजफ्फरपुर, (बिहार) से एक भोजपुरी गीत सुना रहे हैं :
मन के मईलिया जे ना दोई-
अंत समय ऊ बहुते रोई-
मन के महल में हरी के बसेरा-
हरी के बिना मन उजरल बेला-
काजी जहरिया जहरिबोई-
अंत समय बहुते रोई-
मन के मईलिया अवद ना दे अस गुनका पाई-
बिना निर्गुन नहीं आई-
करले जैसन बरनी होई-
मन के मई लिया जे ना रोई...

Posted on: Nov 19, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

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