वे हिंद की चादर उजली हैं, शत् बार नमन, शत् बार नमन...गुरु तेगबहादुर शहादत पर गीत
गुरु तेगबहादुर की शहादत को स्मरण कर सुनील कुमार उसकी जयन्ती पर एक गीत सुना रहे हैं :
वे हिंद की चादर उजली है, शत् बार नमन, शत् बार नमन-
गुरु तेगबहादुर जी से हम, सीखें नित स्वाभिमान-दर्शन-
जो थे अत्याचारी उनसे, भिड़कर जीवन बलिदान किया-
जो पीडि़त हिंदू थे उनका संरक्षण और उत्थान किया-
थे मानवता के वे रक्षक, जीवन को जिनने किया हवन-
वे हिंद की उजली चादर हैं, शत् बार नमन शत् बार नमन-
बेटे ने कहा पिता मेरे, अब आप धर्म के रक्षक हैं-
आगे आएँ प्रतिकार करें, ये मुगल दुष्ट औ भक्षक हैं-
बेटे प्रीतम की बात सुनी, बढ़ गए गुरु के तब पुण्यचरन-
वे हिंद की चादर उजली हैं, शत् बार नमन शत् बार नमन-
गुरु बोले औरंगजेब सुनो, राजा के गंदे काम नहीं-
जो जबरन धर्म बदलवाए वह तो सच्चा इसलाम नहीं-
और शीश दिया पर सी न की, हँसके कर गए परलोक गमन-
वे हिंद की चादर उजली हैं, शत् बार नमन शत् बार नमन...
Posted on: Dec 06, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
अधिकारी तालाब खुदवाने की किश्त देने के लिए 30% घूस की मांग कर रहे हैं, कृपया मदद करें...
ग्राम रतनगढ़, ग्राम पंचायत घटौहाकला, विधानसभा विश्रामपुर, पोस्ट कांडी, थाना कांडी, जिला गढ़वा, झारखण्ड से सुमित कुमार सिंह पुत्र स्व.रायेश्वर सिंह बता रहे हैं कि उनके नाम से 2015-16 में एक डोहा (तालाब) खुदवाने का काम स्वीकृत किया गया था जिसकी पहली किश्त की राशि कुछ समय पूर्व उन्हें वितरित की गयी थी पर दूसरी किश्त देने के लिए अब अधिकारी 30% घूस की मांग कर रहे है | वे सीजीनेट स्वर सुनने वाले सभी साथियों से अपील कर रहे हैं कि वे कृपया अधिकारियों पर फोन कर के दबाव डाले और उनकी मदद करें | मुखिया 09771809997, BDO 09955529514, DC@07986739704. सुमित कुमार सिंह@7070345987
Posted on: Dec 05, 2016. Tags: SONG SUMIT KUMAR SINGH VICTIMS REGISTER
बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताय...कबूतर और बाज की कहानी
बहुत समय पहले की बात है एक बाज कबूतरो का पीछा कर रहा था वो पीछा करता रहा करता रहा करता रहा मगर एक भी कबूतर पकड़ पाने में सफलता नहीं मिली तब उसने कबूतरो को धोखा देने की सोची और वो कबुतरो के दरबो के बीच एक पेड़ पर जा बैठा और उनसे कहने लगा कि वह उनकी सेवा करना चाहता है उसके पास तो कोई काम काज नहीं है और उसने कबूतरो से कहा की वो उनसे बहुत प्यार करता है मुझे अपने दड़बे में आ जाने दो मुझे अपना यार बना लो और तब मैं तुम्हार सेवक बन कर रहूँगा और मैं तुम्हारे साथ कोई बुराई नहीं करूँगा बल्कि किसी दुसरे को भी तुम्हारे साथ ज्यादती नही करने दूंगा|कबूतर राजी हो गए और उन्होंने बाज को अपने दड़बे में शामिल होने दिया दरबे में आ जाने के बाद दूसरी ही बोली बोलने लगा मैं तुम्हारा यार हूँ तुम्हे मेरी हर बात माननी चाहिए सबसे पहली बात तो यह है की मुझे अपने खाने के लिए हर दिन एक कबूतर चाहिए और वह हर दिन एक कबूतर खाने लगा कबूतर बेहद दुखी होकर सोंचने लगे वे क्या करे लेकिन देर बहुत हो चुकी थी इसे तो दरबे में आने ही नहीं देना था लेकिन अब क्या हो सकता है | सुनील कुमार@9308571702
Posted on: Dec 05, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
कैसे कही घरवा के परेशानी जी, मड़वा में चुहवा थे पानी जी...बिहार से गीत
जन आन्दोलनो के राष्ट्रीय समन्वय का 11 वां वार्षिक सम्मलेन दिनांक 2 से 4 दिसम्बर 2016 पटना बिहार में हो रहा है वहां सुनील कुमार के साथ उपस्थित हैं कैमूर जिला के साथी रामलाल जो एक गीत सुना रहे हैं:
कैसे कही घरवा के परेशानी जी, मड़वा में चुहवा थे पानी जी-
कैसे कही घरवा के परेशानी जी, मड़वा में चुहवा थे पानी जी-
खाए के नई ये ना पिए के बाचे पानी, झारा-झारा लोर चुहे इहेव बरिबे का कहानी-
कैसे कही घरवा के परेशानी जी, मड़वा में चुहवा थे पानी जी...
Posted on: Dec 04, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
आखें खोलो समय आ गया भारत की महिलाओं...महिला जागृति गीत
ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर बिहार से सुनील कुमार एक महिला जागृति गीत सुना रहे हैं :
आखें खोलो समय आ गया भारत की महिलाओ-
अपने जौहर अपने कौशल दुनिया को दिखलाओ-
आँखे खोलो...
गोरे पर चढ़ गयी युद्ध में रानी लक्ष्मी बाई-
दुर्गा देवी ने भी लड़ते लड़ते जान गंवाई-
रणचंडी बन के तुम भी युद्ध भूमि में आओ-
आखें खोलो समय आ गया भारत की महिलाओं...
