किसी समाज में प्रगति का पैमाना उस समाज में महिलाओं की स्थिति होनी चाहिए: डा आंबेडकर...
वंचितों और महिलाओं के हक़ में आवाज़ उठाने वाले बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का निधन 6/12/1956 को हुआ था लेकिन उनके द्वारा कही गई हर बात से हिन्दुस्तान के हर व्यक्ति को प्रेरणा मिलती है बता रहे हैं सुनील कुमार मालीघाट मुजफ्फरपुर बिहार से । वे बता रहे हैं कि जैसे आंबेडकर जी के द्वारा यह कहा गया कि मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता, समानता, और भाईचारा सिखाता है । मानव का बौद्धिक विकास मनुष्य अस्तित्व का परम लक्ष्य होना चाहिए । एक महान व्यक्ति प्रतिष्टित व्यक्ति से अलग होता है क्योकि वह समाज का सेवक बनने को तैयार रहता है । किसी भी समाज की प्रगति का पैमाना उस समाज में महिलाओं की स्थिति से आंका जाना चाहिए । सुनील कुमार@9308571702
Posted on: Dec 06, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
हमारे गाँव का ट्रांसफार्मर तीन महीने पहले जल गया है, बिजली नहीं है, अधिकारी ध्यान नहीं देते...
हमारे गाँव में पिछले तीन महीने से ट्रांसफार्मर खराब हो जाने के कारण बिजली नहीं है, बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं पर अधिकारी बार बार आवेदन करने पर भी ध्यान नहीं दे रहे हैं कह रही हैं राधा कुमारी सिंह ग्राम पकौरी, ब्लाक मनेद्रगढ़, पोस्ट केलहारी, तहसील मनेद्रगढ़, जिला कोरिया छत्तीसगढ़ से जी । वे कह रही हैं कि उनके गाँव के दो मोहल्ले घोघराटोला तथा स्कूलपारा में तीन महीने पूर्व बिजली ट्रान्सफार्म ख़राब हो गया था जिसका शिकायत सरकारी विभागों में कई बार की गई है पर कोई कार्यवाही नही कर रहे हैं । वे सीजीनेट स्वर सुनने वाले साथियों से अपील कर रहे है कि आप बिजली विभाग केलहारी में 09907820078 पर फोन कर के दबाव डालें और उनकी मदद करें। राधा कुमारी सिंह@8718959765
Posted on: Dec 06, 2016. Tags: RADHA KUMARI SINGH SONG VICTIMS REGISTER
वे हिंद की चादर उजली हैं, शत् बार नमन, शत् बार नमन...गुरु तेगबहादुर शहादत पर गीत
गुरु तेगबहादुर की शहादत को स्मरण कर सुनील कुमार उसकी जयन्ती पर एक गीत सुना रहे हैं :
वे हिंद की चादर उजली है, शत् बार नमन, शत् बार नमन-
गुरु तेगबहादुर जी से हम, सीखें नित स्वाभिमान-दर्शन-
जो थे अत्याचारी उनसे, भिड़कर जीवन बलिदान किया-
जो पीडि़त हिंदू थे उनका संरक्षण और उत्थान किया-
थे मानवता के वे रक्षक, जीवन को जिनने किया हवन-
वे हिंद की उजली चादर हैं, शत् बार नमन शत् बार नमन-
बेटे ने कहा पिता मेरे, अब आप धर्म के रक्षक हैं-
आगे आएँ प्रतिकार करें, ये मुगल दुष्ट औ भक्षक हैं-
बेटे प्रीतम की बात सुनी, बढ़ गए गुरु के तब पुण्यचरन-
वे हिंद की चादर उजली हैं, शत् बार नमन शत् बार नमन-
गुरु बोले औरंगजेब सुनो, राजा के गंदे काम नहीं-
जो जबरन धर्म बदलवाए वह तो सच्चा इसलाम नहीं-
और शीश दिया पर सी न की, हँसके कर गए परलोक गमन-
वे हिंद की चादर उजली हैं, शत् बार नमन शत् बार नमन...
Posted on: Dec 06, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
अधिकारी तालाब खुदवाने की किश्त देने के लिए 30% घूस की मांग कर रहे हैं, कृपया मदद करें...
ग्राम रतनगढ़, ग्राम पंचायत घटौहाकला, विधानसभा विश्रामपुर, पोस्ट कांडी, थाना कांडी, जिला गढ़वा, झारखण्ड से सुमित कुमार सिंह पुत्र स्व.रायेश्वर सिंह बता रहे हैं कि उनके नाम से 2015-16 में एक डोहा (तालाब) खुदवाने का काम स्वीकृत किया गया था जिसकी पहली किश्त की राशि कुछ समय पूर्व उन्हें वितरित की गयी थी पर दूसरी किश्त देने के लिए अब अधिकारी 30% घूस की मांग कर रहे है | वे सीजीनेट स्वर सुनने वाले सभी साथियों से अपील कर रहे हैं कि वे कृपया अधिकारियों पर फोन कर के दबाव डाले और उनकी मदद करें | मुखिया 09771809997, BDO 09955529514, DC@07986739704. सुमित कुमार सिंह@7070345987
Posted on: Dec 05, 2016. Tags: SONG SUMIT KUMAR SINGH VICTIMS REGISTER
बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताय...कबूतर और बाज की कहानी
बहुत समय पहले की बात है एक बाज कबूतरो का पीछा कर रहा था वो पीछा करता रहा करता रहा करता रहा मगर एक भी कबूतर पकड़ पाने में सफलता नहीं मिली तब उसने कबूतरो को धोखा देने की सोची और वो कबुतरो के दरबो के बीच एक पेड़ पर जा बैठा और उनसे कहने लगा कि वह उनकी सेवा करना चाहता है उसके पास तो कोई काम काज नहीं है और उसने कबूतरो से कहा की वो उनसे बहुत प्यार करता है मुझे अपने दड़बे में आ जाने दो मुझे अपना यार बना लो और तब मैं तुम्हार सेवक बन कर रहूँगा और मैं तुम्हारे साथ कोई बुराई नहीं करूँगा बल्कि किसी दुसरे को भी तुम्हारे साथ ज्यादती नही करने दूंगा|कबूतर राजी हो गए और उन्होंने बाज को अपने दड़बे में शामिल होने दिया दरबे में आ जाने के बाद दूसरी ही बोली बोलने लगा मैं तुम्हारा यार हूँ तुम्हे मेरी हर बात माननी चाहिए सबसे पहली बात तो यह है की मुझे अपने खाने के लिए हर दिन एक कबूतर चाहिए और वह हर दिन एक कबूतर खाने लगा कबूतर बेहद दुखी होकर सोंचने लगे वे क्या करे लेकिन देर बहुत हो चुकी थी इसे तो दरबे में आने ही नहीं देना था लेकिन अब क्या हो सकता है | सुनील कुमार@9308571702
