एक राजा ने एक बार ढिंढोरा पिटवा दिया...कहानी
जिला राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़ ) से बिरेन्द गंधर्व एक कहानी सुना रहे हैं:
एक राजा ने एक बार ढिंढोरा पिटवा दिया अपने नगर में की जितनी सुंदर महिलाएं हैं|
सब मेरे दरबार में जमा हो जायें मेरी नजर में जो सबसे सुंदर महिला प्रतीत होगी उसे
पुरुस्कार दूंगा यह सुनकर नगर के सारे महिलायें तैयार होकर दरबार में इक्कठे हो गये
उनमे से एक महिला ऐसी थी जो अपने बच्चे को साथ लेकर गई थी.
Posted on: Feb 17, 2020. Tags: BIRENDR GANDHARW CG KAHANI RAJNANDGANV SONG VICTIMS REGISTER
आवाजों से रिश्ता है हम आवाजों से कहते हैं...गीत
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से बिरेन्द्र गंधर्व एक गीत सुना रहे हैं :
सीजीनेट के कर्मचारियों को नमस्कार हम कहते हैं-
आवाजों से रिश्ता है हम आवाजों से कहते हैं-
ग्रामीणों की समस्यों का ये निदान कर देते हैं-
देर नही अंधेर सही है कल्याण कर देते हैं-
बन के धरोहर अपने सहोदर दिल में हमारे रहते हैं-
आवाजों से रिश्ता है ये आवाजों से कहते हैं-
सीजीनेट के कर्मचारियों को नमस्कार हम कहते हैं...
Posted on: Feb 16, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
परेशानी सभी के जीवन में है उससे लड़ना और जीना सीखना चाहिये...कहानी-
एक कारीगर था, जो पत्थर तोड़ने का काम करता था, एक दिन वह एक फिल्म देखा जिसमे वह राजा के किरदार से प्रभावित हुआ, राजा को पालकी पर लेजाना नौकर, घोडा गाड़ी सभी को देखकर उसके मन में राजा बनने की इच्छा हुई और उसकी इच्छा पूरी हो गयी तो उसने सोचा की अब उससे बड़ा कोई नहीं है, एक उसके सेवक छतरी लाना भूल गये तब उसे धूप में तपना पड़ा, तब उसने सोचा कि मै सूरज होता तो दुनिया को तपाता, फिर वह सूरज बन गया तब उसे बादल ने ढक लिया, जब बादल से ढक गया तो बोला कास मै बादल होता, जब बादल बना तो हवा ने उड़ा दिया, तब सोचा कास मै हवा होता, हवा बना तो पहाड़ में टकरा गया, इस तरह से हारकर सोचा इससे अच्छा तो मै कारीगर ही ठीक था, दिन में काम करता और रात में आराम करता, कहानी से ये सीख मिलती है परेशानी सबके जीवन में है उससे लड़ना और जीना सीखना चाहिये|
Posted on: Feb 15, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG STORY VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
संत रविदास पर संदेश...
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व संत रवि दास की जीवन के बारे जानकारी दे रहे हैं, संत रविदास का जन्म दिन माघ पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है रवि दास वे महान पुरुष थे जिन्होंने धन को महत्व नहीं दिया, उन्होंने दीनता और दरिद्रता में रहना स्वीकार किया| ज्ञान को महत्व दिया, समाज को तोड़ने वाले जाती पाति के बंधनों को तोड़ने का प्रयास किया धन को महत्व न देकर ज्ञान को महत्व दिया, क्यों कि धन ख़त हो सकता है लेकिन ज्ञान नहीं|
Posted on: Feb 10, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG STORY VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
यह भारत वर्ष हमारा है हमको प्राणों से प्यारा है...गीत-
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गंधर्व एक देश भक्ति गीत सुना रहे हैं:
यह भारत वर्ष हमारा है हमको प्राणों से प्यारा है-
है यहाँ हिमालय खड़ा हुआ शंकर शरिखा खड़ा हुआ-
जय हिन्द हमारा नारा है यह भारत वर्ष हमारा है-
जनमे थे यहीं राम सीता गूंजी थी यहीं मधुर गीता-
यमुना का शाम किनारा है यह भारत वर्ष हमारा है-
है मनोहर डोल रही वन में है कोयल बोल रही-
बहती सुगंध की धारा है यह भारत वर्ष हमारा है...
