श्री गुरु, श्री गुरु, श्री गुरु कहिये...भजन-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक गीत सुना रहे हैं:
श्री गुरु, श्री गुरु, श्री गुरु कहिये-
चाही विधि राखे गुरु वही विधि रहिये-
मुख में श्री गुरु नाम गुरु सेवा हांथ में-
तू अकेले नहीं बंदे गुरु भी है साथ में-
संधू संग तू रंग अंग अंग रागिये-
चाही विधि राखे गुरु वही विधि रहिये-
जिंदगी की डोर तो गुरु जी के हांथ में-
महलों में राखे चाहे झोपड़ी मे वास दे...
Posted on: Jan 03, 2020. Tags: CG RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
मेरा उम्र हुआ बचपन का चाल चलन है बचपन का...रचना-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक रचना सुना रहे हैं :
मेरा उम्र हुआ बचपन का चाल चलन है बचपन का-
हरियाली से प्रेम सदा एक सा संत ने कहा-
न करना कभी भी खेती जिंदगी में एक सा-
धान बोवोगे तो कोदो जागेगा-
लोहे की खेती तुझे खूब भायेगा-
जब तू कोयले घोटाले में फस जायेगा-
खुदा भी तुझे न बचा पायेगा...
Posted on: Jan 03, 2020. Tags: CG RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
Impact : सीजीनेट श्रोताओं के सराहनीय कार्य के लिये धन्यवाद...
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता बता रहे हैं उन्होंने जिला मुख्यालय तमनार से रायगढ़ जाने वाले मार्ग के स्थिती को लेकर संदेश रिकॉर्ड किया था, जिस पर प्रशासन ने ध्यान देते हुये कार्यवाही शुरु दिया है सड़को मे जो गड्ढ़े थे उसे ठीक करने का काम हो रहा है इसलिये वे इस सराहनीय कार्य के लिये सीजीनेट के सभी मदद करने वाले श्रोताओं और अधिकारियों को धन्यवाद दे रहे हैं : संपर्क नंबर@9993891275.
Posted on: Jan 03, 2020. Tags: CG IMPACT STORY RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
कोई बात बिगड़ जाये कोई मुश्किल पड जाये...गीत-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता नये साल के अवसर पर एक गीत सुना रहे हैं:
जब कोई बात बिगड़ जाये कोई मुश्किल पड जाये-
तुम देना साथ मेरा ओ हम नवा-
जब गोदरी सील जाये और ठण्डी खूब बढ़ जाये-
तुम देना साथ मेरा ओ हम नवा-
बघेल साहब बिगड़ जाये-
रमन सिंह भी बिगड़ सकते नहीं हम रहेंगे साथ तुम्हारा...
Posted on: Jan 02, 2020. Tags: CG RAIGARH RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
मै बंदत हो दिन रात रे मोर धरती मईया जय होवय तोर...गीत-
ग्राम-गारे, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से शमीर सिदार एक भजन सुना रहे हैं :
मै बंदत हों दिन रात रे मोर धरती मईया जय होवय तोर-
मोर छईयां भुईयां जय होवय तोर-
सुरु जोत मा करो आरती तोरे पईंया लगो-
मै बंदत हों दिन रात रे मोर धरती मईया जय होवय तोर-
मोर छईयां भुईयां जय होवय तोर-
सुरु जोत मा करो आरती तोरे पईंया लगो...
