गुरु शंकराचार्य शास्त्रार्ध में कैसे हारे...
भारती के पति मंडन मिश्र मिथिलांचल में कोसी नदी के किनारे स्थित एक गांव महिषि में रहते थे। तब धर्म-दर्शन के क्षेत्र में शंकराचार्य की ख्याति दूर-दूर तक थी। कहा जाता है कि उस वक्त ऐसा कोई ज्ञानी नहीं था, जो शंकराचार्य से धर्म और दर्शन पर शास्त्रार्थ कर सके। शंकराचार्य देशभर के साधु-संतों और विद्वानों से शास्त्रार्थ करते मंडन मिश्र के गांव तक पहुंचे थे। यहां 42 दिनों तक लगातार हुए शास्त्रार्थ में शंकराचार्य ने हालांकि मंडन को पराजित कर तो दिया, पर उनकी पत्नी के एक सवाल का जवाब नहीं दे पाए और अपनी हार मान ली थी. शास्त्रार्थ की निर्णायक थीं भारती
मंडन मिश्र गृहस्थ आश्रम में रहने वाले विद्वान थे। उनकी पत्नी भी विदुषी थीं। इस दंपती के घर पहुंचकर शंकराचार्य ने मंडन मिश्र से शास्त्रार्थ करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने शर्त रखी कि जो हारेगा, वह जीतने वाले का शिष्य बन जाएगा। अब सवाल खड़ा हुआ कि दो विद्वानों के बीच शास्त्रार्थ में हार-जीत का फैसला कौन करेगा। शंकराचार्य को पता था कि मंडन मिश्र की पत्नी भारती विद्वान हैं। उन्होंने उन्हें ही निर्णायक की 21 दिनों में हार गए मंडन, फिर पत्नी ने दी शास्त्रार्थ की चुनौती
शंकराचार्य के कहे अनुसार भारती दोनों के बीच होने वाले शास्त्रार्थ का निर्णायक बन गईं। मंडन और शंकराचार्य के बीच 21 दिनों तक शास्त्रार्थ होता रहा। आखिर में शंकराचार्य के एक सवाल का जवाब नहीं दे पाए और उन्हें हारना पड़ा।
Posted on: Jan 22, 2020. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG STORY SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
वन उपज बेचकर जीवन यापन करने पर जेल में डाले गये 3 आदिवासी युवक...
भोपाल पटनम, जिला-बीजापुर (छत्तीसगढ़) से अफजल खान बता रहे हैं, भोपाल पटनम से 20 किलोमीटर दूर मद्देड़ जहाँ पर सोमवार को बाजार लगता है वहां पर कुछ ग्रामीण जो कोरंजेड, कचलारम और नेवी मडाऊ के निवासी हैं, वे अपना वन उपज लाख लेकर मद्देड़ बाजार गये थे और उसे बेचकर अपनी प्रतिदिन की जरुरत की चीजें ले जाने वाले थे लेकिन उन्हें मद्देड़ पुलिस द्वारा पकड़ा गया| वे 8 लोग थे जिसमे से 3 को थाने में रखा गया बाकि को छोड़ दिया गया, जिनका नाम है मिच्चा महेश पिता पेटा, दूसरा कवासी सुरेश पिता राजा, तीसरा सोड़ी सुरेश पिता कूटा हैं, इससे ये बात सामने आयी कि पुलिश आज भी आदिवासियों को संदेश के आधार पर पकड़ कर जेल भेजने का काम कर रही है और उन्हें परेशान कर रही है, आदिवासियों को वन उपज बेचने और अपने जीवन यापन करने से वंचित किया जा रहा है वे सभी श्रोताओं से अपील कर रहे हैं उनसे संपर्क कर आदिवासियों की मदद करें : संपर्क नंबर@9479214668.
Posted on: Jan 22, 2020. Tags: AZAM KHAN BIJAPUR CG PROBLEM SONG VICTIMS REGISTER
सामाजिक कार्यकर्त्ता के साथ दुर्व्यवहार उचित कारवाही की अपील...
जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से पूर्णिमा साहू बता रही है वे ग्राम सरेखा के भवरटोक रोड के पास दो लोगो सीजीनेट स्वर में सन्देश रिकॉर्ड करना, कैसे अपने समस्याओं को हल करा सकते हैं सिखा रही थी, जिसके दौरान दो युवको द्वारा उनके साथ बत्मीजी की गयी उनके साथ दुर्व्यवहार किया, उसमे एक का नाम करन साहू और दूसरे का नाम प्रेम है, इस संबंध में उन्होंने थाने में शिकायत की है, वे सुनने वाले सभी साथियों से अपील कर रही है कि दिये नंबरों पर बात कर दबाव बनाये और उचित कारवाही कराने में मदद करें:
कबीरधाम SP@9479192400.
Posted on: Jan 22, 2020. Tags: CG KABIRDHAM PROBLEM PURNIMA SAHU SONG VICTIMS REGISTER
गुलाब खिली खिली मैं तोड़ सकूँ कैसे...गीत-
ग्राम-पूसागांव, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से हितेश्वरी और मनबत्ती एक गीत सुना रहे है:
गुलाब खिली खिली मैं तोड़ सकूँ कैसे-
हाथों में लगी मेहंदी मै काम करुँ कैसे-
पैर में लगी पट्टा मै चल सकूँ कैसे-
आंखो में लगी काजल मै देख सकूँ कैसे...
Posted on: Jan 22, 2020. Tags: CG HARINAM MARKO NARAYANPUR SONG VICTIMS REGISTER
फागुन आता देखकर, उपवन हुआ निहाल...गीत-
जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से राकेश कुमार एक होली गीत कविता सुना रहे हैं:
फागुन आता देखकर, उपवन हुआ निहाल-
अपने तन पर लेपता, केसर और गुलाल-
तन हो गया पलाश-सा, मन महुए का फूल-
फिर फगवा की धूम है, फिर रंगों की धूल-
मादक महुआ मंजरी, महका मंद समीर-
भँवरे झूमे फूल पर, मन हो गया अधीर...
