पिरविर्दा वन में करमा गाड़ा....कर्मा गीत
ग्राम-खजरी, पंचायत-कोटपाल, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से रामविलास स्थानीय भाषा में करमा गीत प्रस्तुत कर रहे हैं. भादौं महीने में कर्मा स्थापना के समय यह गीत गाया जाता है:
पिरविर्दा वन में करमा गाड़ा-
वी शुभीय हो या जुकाराम से लिले-
कइसे के खेलों या जूपेर पिया-
शुभीय हो मोर पिया गेलां परदेश-
हे दिन के भूख नाहीं रात के नींद नाहीं-
शुभीय हो गुन नयना ढरकल लोर...
Posted on: Dec 17, 2015. Tags: GOVIND PANDRO SONG VICTIMS REGISTER
प्रभु आप बसे वृंदावन में...भजन-
बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से ज्योति देवांगन एक भजन सुना रही हैं:
प्रभु आप बसे वृंदावन में-
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में-
प्रभु रास्ते में कुआ खोदवा जाना-
जल भरने आउंगी जरा आ जाना-
प्रभु रास्ते में बगिया लगवा जाना-
फूल तोड़ने आउंगी जरा आ जाना...(AR)
Posted on: Dec 17, 2015. Tags: BHAJAN SONG SONG VICTIMS REGISTER
हो जाओ तैयार साथियों ! हो जाओ तैयार...अभियान गीत
ग्राम-झल्पी, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से अमरदीप गुप्ता एक देश भक्ति गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
हो जाओ तैयार साथियों ! हो जाओ तैयार-
अगर देश के काम ना आए तो जीवन बेकार-
अर्पित कर दो तन-मन-धन, मांग रहा बलिदान वतन-
उठे हुए माथे के सम्मुख ठहर न पाती हार-
हो जाओ तैयार साथियों ! हो जाओ तैयार-
सोचने का समय गया, उठो लिखो इतिहास नया-
वंशी फेंको और उठा लो हाथों में तलवार-
हो जाओ तैयार साथियों ! हो जाओ तैयार...
Posted on: Dec 16, 2015. Tags: MONIKA MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
बलरामपुर के आपन सावन रेडियो सब लोगवा बोले...जागरूकता गीत
बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से सुनील कुमार सामुदायिक रेडियो के सन्दर्भ में एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
बलरामपुर के आपन सावन रेडियो सब लोगवा बोले-
मजदुर-किसनवां बोले छात्र नवजवनवां बोले-
सुन ले बलरामपुर के आपन रेडियो सब लोगवा बोले-
खेती के बतिया बोले विकास के कहानियां बोले-
ग्रामीण के आपन सावन रेडियो सब लोगवा बोले-
बलरामपुर के आपन सावन रेडियो सब लोगवा बोले...
Posted on: Dec 16, 2015. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
छत्तीसगढ़ के हल्दीघाटी, माटी सोनाखान के...छत्तीसगढ़ी देशभक्ति कविता
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर, छत्तीसगढ़ से कैलाश सिंह पोया छत्तीसगढ़ी में एक कविता प्रस्तुत कर रहे हैं:
छत्तीसगढ़ के हल्दीघाटी, माटी सोनाखान के-
भारत के बन गई तीरथ, माटी सोनाखान के-
निवाए दमन से लड़िस इहां नारायण छाती तान के-
अंग्रेजन से लोहा लेहिस डहर चलिस बलिदान के-
कथा लहू से लिखिस पूरा, अउर ऊ देश अभियान के-
दीन-हीन के हितवा ओहर तीरथ रहिस किसान के-
हंसत-हंसत फांसी मा चढ़ गए प्रिय हो गए भगवान के-
उस शहीद के जन्मभूमि ई माटी सोनाखान के...
