पुनः नकल करे खूब प्रचार दरपर लड़का चाहे जाए...बघेली हास्य कविता
जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से अनिल तिवारी बघेली भाषा में एक हास्य कविता सुना रहे हैं :
पुनः नकल करे खूब प्रचार दरपर लड़का चाहे जाए-
काहे के तोरी पास कराऊँ चाहे कोनो विधि अपनाऊँ
यह नकल हम खूब कराऊँ कुछ ले देके कापी बनवाऊं-
और इता में जो पास न होवे पुनः मूल्यांकन फॉर्म भरवाऊँ-
लड़का कुछ तो रहे है सीधी कुछ रहे सपना-
और कुछ रहे बिहार और पटना-
कुछ तो रहे बिना ददुवा के दादा...
Posted on: Jan 14, 2017. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA KUMAR
तोहरा से राजी न ए बलम जी...भोजपुरी गीत
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक भोजपुरी गीत सुना रहे है:
तोहरा से राजी न ए बलम जी-
तोहरा से राजी ना-
कि हमरा झुलनी बीन तरसवल-
बलम जी-
तोहरा से राजी ना-
बाग लगवल ना ए बलम जी-
बग़ीचा लगवल ना-
की हमरा नथुनी बिन-
तरसवल बलम जी-
तोहरा से राजी ना...
Posted on: Jan 13, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
बसंती बयार बहल सरसो फुलाहिल...भोजपुरी गीत
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक भोजपुरी गीत सुना रहे है:
बसंती बयार बहल सरसो फुलाहिल-
ये वो पिया काहे बारात बुलाहिल-
अहिला न तू तहर पाती बाहिल-
ये वो पिया काहे बारात बुलाहिल...
Posted on: Jan 12, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
नितेश के पापा अब शराब नहीं पीते तो नितेश को अब होटल में काम भी नहीं करना पड़ता: कहानी...
नितेश को होटल में काम करना पड़ रहा था. नितेश के पापा के शराब पीने के कारण उनके इलाज में बहुत पैसे लग जाते थे और वे काम भी नहीं कर पाते थे और उनकी माँ को भी मजदूरी करनी पड़ती थी और उसके जरिये भी परिवार का भरण पोषण कर पाना मुश्किल हो रहा था.बिहार के मुख्यमंत्री के द्वारा हाल में एक निर्णय लिया गया. गाँव की महिलाओं ने काफी समय से मांग कर रखा था कि हमारे गाँव टोला में शराब बंद हो. ऐसा ही पहल हुआ और बिहार में शराब बंद कर दिया गया जिसके कारण नितेश के पापा अब शराब नहीं पी पाते हैं और उनके उपचार की भी व्यवस्था की गयी. इस तरह से उनके पापा धीरे-धीरे स्वस्थ हो गए और इस तरह बदला बिहार| बदला बिहार पर कहानी बता रहे हैं सुनील कुमार, मुजफ्फरपुर बिहार से@9308571702
Posted on: Jan 11, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
जहिया से चल गइली छोड़ के हमके...प्रेम गीत
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक प्रेम गीत सुना रहे हैं:
जहिया से चल गइली छोड़ के हमके-
जिंदगी भईल सुनसान हो हो-
जा रे चंदा ले आव खबरिया-
कैसन बारी मोर चांद हो-
कबो गोरवे में हमरा रहत रहली-
छन भर जुदाई न सहत रहली-
अब त हमार बीन देखले सुरतिया-
होई जाता कैसे बिहान हो हो-
हमरे नियन उहो रोअत होईहे-
लोड़वे से कजरा के धोवत होईहे-
मनवा न लागत होई – पिया के अंगनवां-
होईहे बहुत परेशान हो हो-
जा रे चंदा...



