कलम कमाई खाते है नहीं लेते है घूस...व्यंग्य रचना

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक स्वरचित व्यंग्य रचना सुना रहे है:
कलम कमाई खाते है नहीं लेते है घूस-
पान गुटखा खाकर हँसते रहते मुच मुच-
अरे पाप पुण्य को कौन देखता है-
अभी तो कुछ कर लेने दो-
बाद में कौन देखता है-
अभी तो घर भर लेने दो-
समय पल दो पल का साथ हमारा-
एक पल तो चैन से जी लेने दो...

Posted on: Mar 18, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADHIYARI SONG VICTIMS REGISTER

पर फूलो को चुभते हुए किसी ने नही देखा है...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी कविता सुना रहे है:
काँटों को चुभते हुए, सबने देखा है-
पर फूलो को चुभते हुए किसी ने नही देखा है-
पर फूलो को चुभते हुए, मैंने करीब से देखा है-
जन्म दाता को आज तक किसी ने नही देखा है-
पर पालनहार को सभी ने देखा है-
पर मैने जन्म दाता को, बहुत करीब से देखा है-
जिसके मुक्कदर में रहेगा, वही तो देखेगा-
बकवास नही करता हु मै-
क्यूंकि इस जहा से मोहब्बत हो गया है-
तुम मोहब्बत करो ना करो मुझे फर्क नही होने वाला-
यह जिन्दगी मैंने, समर्पण कर दिया है-
ये जहाँ के लिए, ये जहाँ ने मुझसे मोहब्बत किया है-
उस जहाँ के लिए में, कुर्बान हूँ , तुम मानो या ना मानो-
तुमसे कोई खता नही ये मेरी कुर्बानी, तुम्हे याद दिलाता ही रहेगा-
मेरा जहाँ से उठ जाने के बाद, कैसा होगा ये जहाँ-
इसीलिए सोचता रहता हु, बर्बादी की खन्जर मैंने देख लिया हूँ-
अपने पैरो तले जमीं, को खिसकते देख लिया हूँ – ये बर्बादी कि मन्जर देखो, कब तक यू ही चलता रहेगा-
जब तक लोगो में प्रेम नही, तब तक यह मजारा होता रहेगा...

Posted on: Mar 16, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

गुटखा तम्बाकू ला मत खाओ भय्या...नशा मुक्ति गीत -

ग्राम-मनौरा, जिला-अनुपपुर, (मध्यप्रदेश) से चोरण बाई नशामुक्ति गीत सुना रही हैं:
गुटखा तम्बाकू ला मत खाओ भय्या-
ये मा होत है बीमारी हजार, बीमारी के होत है शिकार-
गुटखा तम्बाकू ला मत खाओ भैय्या-
ये मा होत है बीमारी हजार, बीमारी के होत है शिकार-
ह्र्दय ला तोर चुन चुन कर खाई बीमारी के होत है शिकार-
खेती बारी ला गहना धर के, करवा लेते दवाई रे-
घर की नारी तोर भय्या, धर धर आसू बहाई रे-
खेती बारी ला गहना धर के, करवा देते दवाई रे-
घर परिवार में तोरे भय्या, नशा के असर पड़हिगा-
आही बुडापा तोर भय्या, बनके धुँआ निकलहि...

Posted on: Mar 15, 2017. Tags: NATHULAL RATHORE SONG VICTIMS REGISTER

मुझे मत रोको जाने दो, पल दो पल का साथ तुम्हारा...गजल

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक गज़ल सुना रहे है:
मुझे मत रोको जाने दो, पल दो पल का साथ तुम्हारा-
यारो के लिए मै यार हु, रूसहारो के लिए दो धारी तलवार हूँ-
न तीर से तलवार से, न बन्दुक से न तोफों की बौछार से-
मै करता हु जब भी वार, मेरी छोटी कलम की धार से-
न कटा है न कटेगी, काटने वाला खुद कट जायेगा-
उठाकर देख लों पुराना इतिहास-
उसमे लिखा है सब कुछ साफ़ साफ़-
जिसने देस की छवि बिगाड़ने को-
अपनी बुरी नजरो से देखा-
उनकी आँखे खुद ब खुद निकल गया...

Posted on: Mar 15, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

मुझे मत रोको, मुझे जाने दो...कविता

ग्राम तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
मुझे मत रोको, मुझे जाने दो-
पल दो पल का साथ तुम्हारा-
यारो के लिए मै, यार हु-
दुश्मनों के लिए दो धारी तलवार-
हर सिखा को पार कर जाऊंगा-
मरुस्थल में पानी ले आऊंगा-
चाँद, सूरज को धरती पर उतार लाऊंगा-
बंजर भूमि पर सोना उंगाऊंगा-
धरती के सिने को चीरकर-
सुनहरे बालो से धरती को लह-लहलहाउंगा...

Posted on: Mar 10, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

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