हमारे अस्पताल में सर्जन व स्त्री, हड्डी और शिशु रोग के डाक्टरों के पद हैं पर कोई डाक्टर नहीं आता...
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी बता रहे है तमनार जो बहुल आदिवासी क्षेत्र है यहाँ पर सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र है पर स्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टरों की कमी है, यहाँ पर स्त्री रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ और सर्जन के पद
का आबंटन है लेकिन यहाँ पर एक भी डॉक्टर नही बैठते है जिससे इलाके के ग्रामीण आदिवासियों को बहुत तकलीफ होती है क्योंकि उन गरीब लोगों को शहर में निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है जहां बहुत अधिक खर्च हो जाता है. वे सीजीनेट सुनने वाले साथियों से अनुरोध कर रहे हैं कि कृपया स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवालको फ़ोन लगाकर इस समस्या से अवगत कराए@07712331020. पड़ियारी@9981622548
Posted on: Mar 25, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
जहाँ तुम रोये थे वहां हम न रोयेंगे...देश प्रेम कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक देश प्रेम की कविता सुना रहे है:
जहाँ तुम रोये थे वहां हम न रोयेंगे-
जहाँ तुम चले थे वहां हम न चलेंगे-
जहाँ तुम सोये थे वहां हम न सोयेंगे-
जहाँ तुम हँसे थे वहां हम न हँसेंगे-
जो तुम खाए वो हम न खायेंगे-
तुम कोड़े खाए तो खाए हम नहीं खायेंगे-
देश को हरगिज न गिराएंगे-
ऐसा कानून बनायेंगे-
सबके लिए ऊँची महल बनायेंगे...
Posted on: Mar 23, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
अम्बर से कहे धरती आज मुझे छू लो, मेरी ओस कणों से अपनी प्यास बुझा लो...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं :
अम्बर से कहे धरती आज मुझे छू लो, मेरी ओस कणों से अपनी प्यास बुझा लो-
फिर बादल बनकर बरस जाना, मेरी भी प्यास बुझा जाना-
मै तेरी आश्रित, तू मेरी आश्रित-
हम दोनों एक दूसरे के लिए, हमको लोग पूजते है हम उनकी मिन्नते पूरी कर दे-
हम तो जग भला करने के लिए, भलाई करना हमारा काम-
प्यासी है धरती प्यास बुझा दो, कर लो थोडा भलाई का काम...
Posted on: Mar 23, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
मन का पंछी, इतना मत इतरा...कविता -
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं:
रुक जा मन पंछी, इतना मत इतरा-
ये दुनिया रहती, ख़फ़ा ख़फ़ा, यहाँ तेरा नही चलेगा कोई सफा-
कर सके तो कर ले, दुनिया से वफ़ा-
मद मस्त मौला बन, मत मजरा-
पग पग फ़नकारो का पहरा, बिछाए बैठे मौत का घेरा-
लगाते रहते जग का पहरा, इन लोगो से सम्भल, सम्भल कर-
इधर उधर मत उछल, तेरा जीव धन नही अटल-
इन फ़नकारो का क्या सकेगा मसल, यदि जूझना हो तो फौलादी बन जा-
फिर उन फनकारों के सामने जा, जीना हो तो चट्टान बन जा-
फिर जमकर उन फनकारों को ठोक बजा, तब आयेगा उनको मजा-
यही है उन फ़नकारो को सजा...
Posted on: Mar 22, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : बेल और पाताल कुम्हड़ा के औषधीय उपयोग-
ग्राम पंचायत जमुड़ी के ग्राम-बैरीबांध जिला-अनुपपुर, (मध्यप्रदेश) से बाबूलाल नेटी के साथ है आयुर्वेद के वैद्य कमला सिंह उइके है जो गर्मी में होने वाली बीमारियों से बचने के नुस्खे बता रहे है, शरद गर्मी जिस किसी को भी हो, वह बेल का फल या पत्ते हो अगर फल नही है तो पत्ते ले उसे पीसकर छानकर शक्कर डालकर १ लीटर पानी में भरकर रखिये और सुबह, दोपहर, शाम कभी भी पीजिए कोई नुकसान नही है फ़ायदा होगा. दूसरा पाताल कुम्हड़ा जंगल में पाया जाता है, इसे मिश्री, मुसरमुंडी, कालीमिर्च ५ दाना साथ में मिलाकर खाने से स्फूर्तिदायक, ताकतवर बनाता है जिस किसी को भी पेशाब के साथ जलन हो खून आता हो वह व्यक्ति दिन में दो बार ले सुबह शाम उसके लिए लाभकारी रहेगा। बाबूलाल नेटी@7354844617.
