मान योग नहीं होत कोरो पद पाए...रचना

ग्राम-बैपुर, पोस्ट-गिजरी, थाना-अमरकंटक, तहसील-पुष्पराजगढ़, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से सतेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी एक रचना सुना रहे है:
मान योग नहीं होत कोरो पद पाए-
मान योग नरते ते केवल हित गाये-
बिना एक जिए के भय चलिए अब नहीं काम-
तासो कोरो ज्ञान तभी उठूंग छेड़ विश्राम-

Posted on: Feb 01, 2017. Tags: SATENDRA KUMAR CHANDRAVASNSHI SONG VICTIMS REGISTER

साक्षर होगी माँ बहने सरकार का ऐलान है...साक्षरता गीत

साक्षरता पर चल रहे सरकार की “अक्षर आँचल” योजना के बारे में गीत सुना रहें है सुनील कुमार मालीघाट मुजफ्फरपुर बिहार से:
अक्षर आँचल अभियान हैं साक्षरता पैगाम है-
साक्षर होगी माँ बहने सरकार का ऐलान है-
उठो बहना देर न कर पढ़ने से तू अब न डर-
ये अक्षर का मेल हैं ये अंको का खेल हैं-
सबको पढ़ना लिखना होगा, हिंदू या मुसलमान हैं-
जो महिला पढ़ जाती हैं दुनिया में इज्जत पाती हैं-
पढ़ी लीखी माँ होती हैं बच्चों को खुद पढ़ाती है-
छोड़ो बीती बातें अब तो नारि पुरुष समान हैं-
दु:ख का सूरज ढ़ल गया अब नया सवेरा आया है-
आधी दुनिया नारी हैं तो आधी हिस्सेदारी हैं-
बिहार की बेटी पर तो इस देश को गुमान हैं...

Posted on: Jan 31, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

श्रीराम नाम सुखदाई भजन करो भाई ये जीवन दो दिन का...भजन गीत

जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार के साथ नर्मदा प्रसाद बर्मन जो एक गीत सुना रहे है:
श्रीराम नाम सुखदाई भजन करो भाई ये जीवन दो दिन का-
ये जीवन दो दिन का,ये जीवन दो दिन का-
ये तन है माठी का डेला, मठ का डेला माठी का डेला...

Posted on: Jan 31, 2017. Tags: SANTOSH KUMAR AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER

तेरे साथ वो गुजरा लम्हा तेरे साथ वो गुजरा लम्हा...कविता

ग्राम मालीघाट मुजफ्फरपुर बिहार से सुनील कुमार कवि मिलन सिंह की एक कविता सुना रहे है:
तेरे साथ वो गुजरा लम्हा तेरे साथ वो गुजरा लम्हा-
आज भी मेरी जिन्दगी से गुजर न पाया-
अब नहीं है तू कही पर लगता है जैसे साथ हो तेरा साया-
सही कहा है तूने हा आज भी ये बिगड़ा सुधर न पाया-
तू ही था एक मेरा जो मेरा था पर हो न पाया,
बहोत आये तेरे जाने के बाद पर किसी को ये मिलन न मिल पाया.....

Posted on: Jan 31, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

छोटे-छोटे पत्थर चुनके हमने बनाया पहाड़, उसी पहाड़ पर चीटिया हजारों हजार...संगठन गीत

मालीघाट मुजफ्फरपुर (बिहार) से साथी सुनील कुमार इस इस एक वक्त महिला स्व-सहायता समूह की एक बैठक में है और उनके साथ उपस्थित है देविका गिरी जो उनके समूह पर एक गीत सुना रहीं है :
छोटे-छोटे पत्थर चुनके हमने बनाया पहाड़, उसी पहाड़ पर चीटिया हजारों हजार-
समूह से अलग ना होंगे, समूह से अगल ना होंगे-
बुँदे-बुँदे पानी से भर जाते है तालाब, उसी तालाब में रहतें है मछलिया हजारो से हजार-
समूह से अलग ना होंगे, समूह से अगल ना होंगे...

Posted on: Jan 30, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

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