घर ले निकले राम योगी बने...गीत-
ग्राम-कोटया, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहे हैं:
घर ले निकले राम योगी बने-
जोगी बने गा-
घर ले निकले राम योगी बने-
घरे खाईन पेडा बरफी बने कहां पाये-
कांदा कुसल खा के दिना ला बिताया-
राम जोगो बने गा घर ले निकले राम जोगी बने...
Posted on: Jan 05, 2020. Tags: CG KORIYA MEWALAL DEVANGAN SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : मासिक धर्म की अनिमिताता का घरेलू-
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल मासिक धर्म की अनिमिताता का घरेलू उपचार बता रहे हैं, प्याज का रस 100 ग्राम लेकर छाछ में मिलाकर दो बार सुबह शाम सेवन करने से मासिक धर्म की समस्या में लाभ मिल सकता है, दूसरा बकायन के पत्तो का चूर्ण 20 ग्राम की मात्रा में सेवन करें, इस विषय पर अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9826040015.
Posted on: Jan 04, 2020. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : लकवा बीमारी का घरेलू उपचार-
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल लकवा बीमारी का घरेलू उपचार बता रहे हैं, जावसीर को 2 से 4 ग्राम, दूध के साथ सेवन करने से लाभ हो सकता है, जावासीर लकवे की प्रथम स्थिती की दवा है, इस संबंध में अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9826040015.
Posted on: Jan 04, 2020. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : मधुमेह बीमारी का घरेलू उपचार-
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से केदारनाथ पटेल मधुमेह बीमारी का घरेलू उपचार बता रहे हैं, जामुन की छाल को छाव में सुखाकर आग में जलाकर भस्म बना लें, जब ठण्डा हो जाये तब उस भस्म को एक बाल्टी पानी में दाल दें उसके बाद लकड़ी से 7 बार 2 घंटे के अंतराल में घोलते रहें और रात भर रहने दें उसके बाद सुबह बानी को बहा दें और नीचे जमे राख को धूप में सुखाकर पाउडर बनाकर रख लें, 10 ग्राम चूर्ण पानी के साथ खाली पेट सेवन करने से लाभ हो सकता हैं, अधिक जानकारी के लिये दिये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9826040015.
Posted on: Jan 04, 2020. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA SONG VICTIMS REGISTER
बैल बिराने होइयो भजन बिना...भजन-
ग्राम पंचायत-जोलगी, तहसील-भरतपुर, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से अमृतलाल यादव एक भजन गीत सुना रहे हैं:
बैल बिराने होइयो भजन बिना-
चार पांव टूटे कंधे-
जोतत लादत लकुटी बजनी-
भार धरे मार जईयो भजन बिना-
पूस घाव में घनगी पत घनेरी-
फिर कहां सो धुनईयो भजन बिना...
