सीता को मुख को चाही बोलोई रागोड़ो...गीत-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक गीत सुना रहे हैं :
सीता को मुख को चाही बोलोई रागोड़ो-
केहू दे सुवासी तोमे राहिला ये बनो-
रामा बोरागो-
ररुपोरे मुहुचो तीनी पुरगो-
जानो को कोहंती याजो, जाये यमो गोरो...
Posted on: Apr 11, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
ठूठ पकड़ा दिये हमको जड़ पकड़ रखे हैं वे...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
ठूठ पकड़ा दिये हमको जड़ पकड़ रखे हैं वे-
आंधी चले तो ठूठ ही गिरे, जड़ को कुछ नुकसान न हो-
पर ये वहम में न पड़े रहें, आंधिया चलती हैं तो-
कभी-कभी जड़ को उखाड़ फेकता है-
लोग ठूठ को उठाकर तो ले जाते हैं अपने जलाने के लिये-
जड़ वहीँ के वही पड़ा रह जाता है...
Posted on: Apr 11, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
जनता किसान को थम्हा दिया गया डगाल...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
जनता किसान को थम्हा दिया गया डगाल-
जड़ को पकड़ रखा है सरकार-
तो कैसे पनपेगा डगाल-
बजता ही रह जायेगा अपना गाल-
न रेंगेगा उनकेकान में जूं-
जनता मर जाये न क्यों, रहेगा ज्यों का त्यों...
Posted on: Apr 11, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
तीन कोस मा पानी बदले, पांच कोस मा बानी...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
तीन कोस मा पानी बदले, पांच कोस मा बानी-
जोन ला उंच कुर्सी मा बिठावथन-
ओइच हा करथे मनमानी-
किसान के गाना मा दुपट्टा नहीं-
पचास बच्हर के मागथे पट्टा-
जाउन पट्टा मिले हवे, ओइच हर हो गये हवे दुपट्टा...
Posted on: Apr 10, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
महतारी के कोरा ला आऊ, कहां ले पाऊं गा संगी मोर...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
महतारी के कोरा ला आऊ, कहां ले पाऊं गा संगी मोर-
ओखर कोरा में खेले खायें, ओला कैसे मै भुलाओं गा संगी-
जियत रहिस ओला मै नई पूछे गा संगी-
मर गिस ता पछ्तावथो गा संगी-
महतारी हर मोला छोड़ के चल दिहिस गा संगी...
