जबही गोपाला चलालन मधुबन में...बिहार से विवाह गीत
मुजफ्फरपुर (बिहार) से इन्दु देवी एक विवाह गीत सुना रही हैं, शादी के बाद जब दूल्हा घर आता है उस समय यह गीत गाया जाता है:
जबही गोपाला चलालन मधुबन में-
ले आई लन सासू के बराई-
एक दिन लाया नवे महिनय बबुआ ओ द्वार में रखली-
छवही दिन छ्ही या राजा जी-
बरही बिना बबुआ बरही घर से वली-
तइयोन कहाँ ले बराई-
एक दिन लाया हो घैला बबुआ ससुराली...
Posted on: Nov 25, 2016. Tags: INDU DEVI SONG VICTIMS REGISTER
गेली मुजफ्फरपुर बाजार बठली सोना र दुकान...बिहार से निर्मल गीत
ग्राम-मालीघाट,जिला- मुजफ्फरपुर (बिहार) से कान्ता देवी निर्मल एक लोकगीत सुना रही है :
गेली मुजफ्फरपुर बाजार बठली सोना र दुकान – गिलिया मुजफ्फरपुर बाजार बठली सोना र दुकान – पिया हो मन करईया टीका झुमका केले के – हौल सिनेमा देखे के न – पिया हो मन करईया टीका झुमका केले के – औल सिनेमा देखे के न – अबत पिया पिया देखिन की अब त सासू लेलाथी – ससुरा बड़ा दुःख देला जवानी म,याद रखिए बिहारी ने न...
Posted on: Nov 24, 2016. Tags: KANTA DEVI SONG VICTIMS REGISTER
मेहँदी के पत्ता नार के दाना...विवाह गीत
सुनील कुमार विसेंद्र्पुर, जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार से गीता देवी से एक विवाह गीत सुन रहे हैं:
मेहँदी के पत्ता नार के दाना-
इस पर सोनू दुलहा राम बने है – कोठे के ऊपर भाभी खड़ी है-
भाभी के आँचल सुहाग से भरी है – मेहँदी के पत्ता नार के दाना...
Posted on: Nov 15, 2016. Tags: GEETA DEVI SONG VICTIMS REGISTER
उजे कथी के उजे कोटली रे कोटली...छठ गीत
मालीघाट, मुज्जफरपुर, बिहार से कान्ता देवी छठ गीत सुना रहे है गीत के बोल इस प्रकार है :
उजे कथी के उजे कोटली रे कोटली-
कथी लागल हा इनके माँ रुजे कथी के-
कथली उजे कथी के उजे कोटली रे कोटली-
कथी लागले हा इनके माँ रुजे सोने के...
Posted on: Nov 06, 2016. Tags: KANTA DEVI SONG VICTIMS REGISTER
कंकर चुनी-चुनी मंदिल बनावली हो...भजन
ग्राम-केरकेट्टा, पोस्ट -जोगा, थाना रैना, जिला पलामू झारखंड से अनीता देवी एक शिव भजन गीत सुना रही हैं:
कंकर चुनी-चुनी मंदिल बनावली हो-
पथ्थर तोड़ी के दुवार ये भोला-
पथ्थर तोड़ी के दुवार ये भोला-
अखिन्या से गिरतानी झर-झर लोरवा हो-
अंखिया के हारन करहीं भगवान-
गुरुशिव हारन करहीं ये गुरु-
अखिंया से गिरतानी झर-झर लोरवा हो-
दुखवा के हारन करहीं भगवान ये गुरु-
कंकर चुनी-चुनी मंदिल बनावली हो-
पत्थल तोड़ी के दुवार ये भोला-
अखिंया से गिरतानी झर-झर लोरवा हो-
अखिंया से गिरतानी झर-झर लोरवा हो...
