जाग रे जाग उठो मेरे जवानों...युवा गीत
ग्राम-बटोरा, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से राजनाथ कुमार युवाओं पर एक गीत सुना रहे है:
जाग रे जाग उठो मेरे जवानों-
जाग रे जाग मेरे युवासियों-
ये भाइयों प्रेम से तुम रहना-
ये भाइयों पाप नहीं करना दुनिया में-
ये भाइयों प्रेम से तुम रहना-
ये बहनों पाप नहीं करना दुनिया में-
जाग रे जाग गयो तो मेरे जवानों-
जाग रे जाग मेरे युवा वासियों-
कल की यहाँ की सेवा में-
जाग रे जाग उठो तो मेरे जवानों-
जाग रे जाग मेरे युवा वासियों-
ये भाइयों प्रेम से तुम रहना-
ये बहनों पाप नहीं करना इस दुनिया में-
जाग रे जाग गयो तो मेरे जवानों-
जाग रे जाग मेरे युवा वासियों-
ये मुल्क की सेवा में जगो-
दामद की सेवा में जगो-
जाग रे जाग उठो मेरे जवानों-
जाग रे जाग मेरे युवा वासियों-
ये भाइयों प्रेम से तुम रहना-
ये बहनों पाप नहीं करना दुनिया में...
Posted on: Feb 06, 2017. Tags: RAJNATH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
वह छोटी सी चिडिया जो चोंच मारकर...चिड़िया पर कविता
ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड, जिला-पलामू (झारखण्ड) से अंजनी कुमारी एक कविता सुना रही है:
वह छोटी सी चिडिया जो चोंच मारकर-
जुडी के दूध भरे वाले दाने के रस खा लेती है-
वह छोटी संतो सी चिड़िया नीले पंखो वाली में हूँ
मुझे विजन से बहुत प्यार है-
वह चिड़िया जो कंठ खोलकर बुड़ेवन-
वह छोटी संतो सी चिड़िया नीले पंखो-
वाली में हू मुझे अंत से बहुत प्यार है-
वह छोटी सी चिडिया जो चोंच मारकर-
चडी नदी दिल का मोती बिन लाती है-
वह चिड़िया में हूँ-वह छोटी संतो सी चिड़िया-
नीले पंखो वाली में हू मुझे नदी से बहुत प्यार है...
Posted on: Feb 05, 2017. Tags: ANJANI KUMARI SONG VICTIMS REGISTER
मोहब्बत को वे आसरा दे रहे है...गजल गीत
ग्राम-जगरिया, पोस्ट-सिकंदरपुर, ब्लॉक-चकिया, जिला-चंदोली (उत्तरप्रदेश) से राजेश कुमार एक गजल गीत सुना रहे है:
मोहब्बत को वे आसरा दे रहे है-
चाहत को हाय वो क्या दे रहे है-
मोहब्बत को व आसरा दे रहे है...
Posted on: Feb 04, 2017. Tags: RAJESH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
बुद्ध के समय से उत्तर बिहार के साथ-साथ नेपाल के तराई इलाको में बज्जिका भाषा बोली जाती है...
मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार बज्जिका भाषा के विषय में अपनी बात रख रहे है:
उत्तर बिहार के साथ-साथ नेपाल के तराई इलाको में भी बज्जिका भाषा बोली जाती है बज्जिका शब्द का निर्माण बज्जि शब्द में क और अ प्रत्यय के लगने से हुआ है बज्जिका के समबन्ध में स्वर्गीय श्री रामवृक्ष बेनीपुरी जी का विचार था की बज्जिका वही भाषा है जिसमे आम्रपाली ने भगवान बुद्ध से संवाद किया था सातवी सदी से लेकर नवमी सदी तक लिच्छवि वंश का शासन काल था कालांतर में चन्द्रगुप्त मौर्य के बाद लिच्छवि वंश समाप्त हो चूका था उसके समय में यह सेन परिवार बन चूका था यह भाषा चौथी सदी में उत्कर्ष में थी|पहले बुजुर्ग इसी भाषा का उपयोग करते थे.सुनील कुमार @9308571702
Posted on: Feb 04, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
सारी साहारी लाला घुमे मटुकीया ला गाये मटुकीया ला गाये हो लाला...सोहर गीत
ग्राम-छतेनी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से बीरेंद्र कुमार के साथ गाँव की एक महिला साथी हैं जो एक सोहर गीत सुना रही है:
सारी साहरी लाला घुमे मटुकीया ला-
गाये मटुकीया ला गाये हो लाला-
छोरी देते सिरकी म टूकिया ला जाडी लागे...
