राम लक्ष्मन बन गए, सीता अकेलावा राम लक्ष्मन बन गए...डोमकच्छ गीत-
ग्राम-बडवार, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से बुधराम एक डोमकच्छ गीत सुना रहे हैं :
राम लक्ष्मन बन गए, सीता अकेलावा- राम लक्षमन बन गए- सीता जी अकेला रे, रावन मांगे दान- करम फाटे चोला रे, रावन मांगे दान रे- बन के कुटिया में सीता जी- सीता मोर रहे रानी बन के कुटिया में...
Posted on: Sep 30, 2018. Tags: (सरगुजा) BUDHRAM CG SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
मै अमर शहीद के चारण यस गाया करता हूँ...देश भक्ति कविता-
हाड़ करवा, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मंजू, रीना और कनिष्का एक देश भक्ति कविता सुना रही हैं :
मै अमर शहीद के चारण यस गाया करता हूँ- जो कर्ज राष्ट्र ने खाया है, उसे चुकाया करता हूँ- यह सच है याद शहीदो की हम लोगो ने दफनाई है- यह सच है उनके लासो पर चलकर आजादी पाई है...
Posted on: Sep 30, 2018. Tags: ) CG MANJU POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
impact: 6 महीने से नल खराब था, सीजीनेट सांथियो के प्रयासों बन गया है-
ग्राम-नवाडीह, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से ननकूराम मरकाम बता रहे हैं कि उनके पारा में 6 महीने से नल खराब था, लोगो को पानी की समस्या हो रही थी, लगभग 25 परिवार नल से पानी उपयोग करते थे, नल के सुधार के लिए उन्होंने संबंधित विभाग में आवेदन दिया, लेकिन कोई निराकरण नही हो रहा था, जिसके बाद उन्होंने 3 महीने पहले सीजीनेट में अपनी समस्या को रिकॉर्ड किया, अब सीजीनेट के सांथियो के प्रयासों से पानी की समस्या हल हो चुकी है, इसलिए वे सीजीनेट के सांथियो और संबंधित अधकारियों को धन्यवाद दे रहे हैं |
Posted on: Sep 30, 2018. Tags: AJAY KUMAR KOL HANDPUMP NANKURAM SONG SURAJPUR CG VICTIMS REGISTER WATER
हाय रे हाय रे हमर महात्मा गांधी, चरो कती छाए हे बहार...देशभक्ति गीत-
मानव जीवन ज्योति नेत्रहीन विद्यालय कुनकुरी बतौली, जिला सरगुजा (छत्तीसगढ़) से रोशन एक्का सरगुजिहा भाषा में एक देशभक्ति गीत सुना रहे हैं :
हाय रे हाय रे हमर महात्मा गांधी-
चरो कती छाए हे बहार-
हमर भारत देश के तो आजादी देलवाय, 1947 मा-
हमर भारत देश के तो संविधान लागू करवाई, 1950 मा-
हाय रे हाय रे हमर महात्मा गांधी-
चरो कती छाए हे बहार...
Posted on: Sep 30, 2018. Tags: CG PATRIOTIC ROSHAN EKKA SONG SURGUJA SURGUJIHA VICTIMS REGISTER
भगवान राम सबरी नदी के तट पर आराम किये थे इसलिए हमारे गाँव का नाम रामराम पड़ा...कहानी-
ग्राम पंचायत-रामाराम, ब्लाक और जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से दयाराम निषाद सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा के मोहन यादव को उनके गाँव रामाराम के नाम की कहानी बता रहे हैं, वे बता रहे हैं कि जब भगवान श्री राम को वनवास हुआ था, उस समय वे दंडक वन से निकल रहे थे, तब वे सबरी नदी के तट पर सबरी माता के पास पहुंचे, सबरी माता ने सोचा मै इन्हें क्या खिलाऊं और कुछ ना मिलने पर बैर तोड़कर राम जी को खिलाया, जिसे राम जी ने खाया और थोडा आराम किया, इस कारण से उस गाँव का नाम रामराम पड़ा, सबरी चाहती थी कि राम को मीठे बेर ही खिलाएं इसलिए उन्होंने पहले उस बेर को चखा और झूठे बेर ही उनको खिलाए थे | मोहन यादव@9425648073.
