बुद्ध के समय से उत्तर बिहार के साथ-साथ नेपाल के तराई इलाको में बज्जिका भाषा बोली जाती है...

मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार बज्जिका भाषा के विषय में अपनी बात रख रहे है:
उत्तर बिहार के साथ-साथ नेपाल के तराई इलाको में भी बज्जिका भाषा बोली जाती है बज्जिका शब्द का निर्माण बज्जि शब्द में क‍‌‍ और अ प्रत्यय के लगने से हुआ है बज्जिका के समबन्ध में स्वर्गीय श्री रामवृक्ष बेनीपुरी जी का विचार था की बज्जिका वही भाषा है जिसमे आम्रपाली ने भगवान बुद्ध से संवाद किया था सातवी सदी से लेकर नवमी सदी तक लिच्छवि वंश का शासन काल था कालांतर में चन्द्रगुप्त मौर्य के बाद लिच्छवि वंश समाप्त हो चूका था उसके समय में यह सेन परिवार बन चूका था यह भाषा चौथी सदी में उत्कर्ष में थी|पहले बुजुर्ग इसी भाषा का उपयोग करते थे.सुनील कुमार @9308571702

Posted on: Feb 04, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

सारी साहारी लाला घुमे मटुकीया ला गाये मटुकीया ला गाये हो लाला...सोहर गीत

ग्राम-छतेनी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से बीरेंद्र कुमार के साथ गाँव की एक महिला साथी हैं जो एक सोहर गीत सुना रही है:
सारी साहरी लाला घुमे मटुकीया ला-
गाये मटुकीया ला गाये हो लाला-
छोरी देते सिरकी म टूकिया ला जाडी लागे...

Posted on: Feb 04, 2017. Tags: BIRENDRA KUMAR SONG VICTIMS REGISTER

हिन्दू या मुस्लिम के एहसास को मत छेडिये...कविता

मालिघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से
सुनील कुमार एक कविता सुना रहे है:
हिन्दू या मुस्लिम के एहसास को मत छेडिये-
अपनी ख़ुशी के लिए जज्बात को मत छेडिये-
हम में कोई पुन्य कोई शक कोई मंगोल है-
दफन है जो बात अब उस बात को मत छेडिये-
अपनी ख़ुशी के लिए जज्बात को मत छेडिये...

Posted on: Feb 03, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

जागो-जागो रे, जागो-जागो रे...गोंडवाना गीत

ग्राम-भेड़िया, पोस्ट-भेड़िया, तह्सील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़)
से गोंडवाना राजकुमार पोया एक गोंडवाना गीत सुना रहे है:
जागो-जागो रे, जागो-जागो रे-
गोंडवाना के आदिवासी जागो-जागो रे-
अब तो तेरा देश है आजाद रे-
गोंडवाना जाग रे जाग रे-
जाग रे जाग रे अब तो-
तेरा जन्म सिद्ध अधिकार रे...

Posted on: Feb 02, 2017. Tags: GONDWANA RAJKUMAR POYA SONG VICTIMS REGISTER

जागो-जागो मूलनिवासी जागो-जागो...गोंडवाना जागरूकता गीत

ग्राम-भेड़िया, पोस्ट-भेड़िया, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़)
से गोंडवाना राजकुमार पोया और उनके साथी एक गोंडवाना गीत सुना रहे है:
जागो रे गोंडवाना के वंशजो अब सोने का वक्त नहीं-
जो गोंडवाना के गाना को नकारता है उसे सुनने का वक्त नहीं-
जागो-जागो मूलनिवासी जागो-जागो-
जागो-जागो मूलनिवासी हीरा दादा कहत है-
भैया छोड़ो दारु पीना भैया छोड़ो-
भैया छोड़ो दारु पीना हीरा दादा कहत है...

Posted on: Feb 02, 2017. Tags: GONDWANA RAJKUMAR POYA SONG VICTIMS REGISTER

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