ये धरती, ये जंगल, ये नदियां, ये पेड़ों के झुरमुट...प्रकृति कविता -
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं :
ये धरती, ये जंगल, ये नदियां, ये पेड़ो के झुरमुट-
इनके आगोश में रहकर मिलता स्वर्ग का सुख-
इनकी रक्षा करें, ये हमारे रक्षक-
इनको कर लो थोडा नमन...
Posted on: May 24, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
अपने भी लूटे, अफ़सर से लुटवाए...जागृति गीत -
प्रखण्ड-विश्रामपुर, जिला-पलामू (झारखण्ड) से नन्दलाल यादव एक जागृति गीत सुना रहे है :
अपने भी लूटे, अफ़सर से लुटवाए-
दिलरवा हो, झार के दिखावों-
कायदा सुरक्षा कानून के नियम, 5 किलो देवे ला-
दिलरवा हो, एक व्यक्ति 4 किलो देवे है-
पूरा हक़ मांगने वालो का, राशनकार्ड कटवावेला-
दिलरवा हो दादागिरी दिखाए-
अरे सीजीनेट साथी के, बहुत बहुत धन्यवाद...
Posted on: May 23, 2017. Tags: NANDLAL YADAV SONG VICTIMS REGISTER
हमारे पारे में हैंडपंप नहीं होने से दूर से पानी लेकर आते हैं, कृपया अधिकारी को फोन कर मदद करें...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा इस वक्त ग्राम-करंगरा, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) में पहुंची है जहाँ से कन्हैयालाल केवट के साथ गाँव के साथी मान सिंह जी जुड़े है जो उन्हें उनके गाँव में पानी की समस्या से बारे में अवगत करा रहे हैं वे बता रहे है कि उनके मोहल्ले में बोरिंग नहीं है जिससे पानी के लिए दूर जाना पड़ता हैं जिससे यहाँ के निवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है वे इस बारे में कई बार आवेदन कर चुके हैं पर अधिकारियों ने अब तक मदद नहीं की है अत:वे सीजीनेट सुनने वाले साथियों से निवेदन कर रहे हैं कि इन अधिकारियों से बात कर दबाव बनाए जिससे इस समस्या का समाधान हो सके | राजकुमार सचिव@9516943161 पी.एच.ई.(जे.एल.महेला)@9893485805. केवट@8225027272
Posted on: May 23, 2017. Tags: KANHAIYALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
दुनिया के देवता को न्योता तुम न्योता...छत्तीसगढ़ी गीत -
ग्राम-कपरिया, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से परमेश्वरलाल पुरी एक छत्तीसगढ़ी भक्ति गीत सुना रहे है :
दुनिया के देवता को न्योता तुम न्योता-
सबला सिखाते, हा ऐ आ हे माँ न्योता-
संत ज्ञानी करे गुहार-
हे तुमे गाढा-गाढा जोहार प्रभु तोला-
गाढा-गाढा जोहार, लारा, झारा जोहार-
दुनिया के देवता, न्योता, ठो न्योता-
सबला सिखात है, न्योता ठो न्योता-
तोला गाढा-गाढा जोहार प्रभु-
तोला गाढा-गाढा जोहार प्रभु...
Posted on: May 22, 2017. Tags: PARMESHWARLAL PURI SONG VICTIMS REGISTER
आइना कतरा रहा है कुछ तो है...गजल -
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक गजल सुना रहे हैं :
आइना कतरा रहा है कुछ तो है-
राग मीठा गा रहा है कुछ तो है-
धुप को क्यों पसीना आ रहा है-
खौफ क्यों घबरा रहा है कुछ तो है-
कूक उठती थी कोयल जो बाग़ में-
छोड़ कर अल्हड पतंगी क्यों-
बंदूके लहरा रहा है कुछ तो है-
मखमली सेजो पे जो सोया रहा-
तख़्त के आगोश में खोया रहा-
पालकीरथ में सदा था सवार-
आज पैदल जा रहा है कुछ तो है-
सरफरोशी की तमन्ना दिल में थी-
बस निगाह जीत का मंजिल में था-
पगों पे नजर टिकाये है सदा-
और सर खुजला रहा है कुछ तो है-
हमसफ़र हमनिवाला था मेरा-
संग हसने रोने वाला था मेरा-
अजनवी लगता है जाने आज क्यों-
दिल डूबा जा रहा है कुछ तो है
तुझपे हर ख़ुशी कुर्बान
तेरे जीने का सभी समा-
घर के कोने पर पड़ा बेजान सा-
खुद से बतिया रहा है कुछ तो है-
