रे रे रे रेला रे रे रेला रे रे रेला रे रे रेला...सीजीनेट गोंडी रेला गीत -
तहसील-भानुप्रतापुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से बस्तीराम नागवंशी सीजीनेट स्वर यात्रा से सम्बंधित एक गोंडी रेला गीत सुना रहे है:
रे रे रे रेला रे रे रेला रे रे रेला रे रे रेला-
बुल्टू रेडियो यात्रा मा नाटे वाता-
समस्या केंजी ले अरे समस्या केंजी ले-
सीजीनेट स्वरा मा नाटे वाता-
सन्देश रिकॉर्ड कियाले-
रे रे रे रेला रे रे रेला रे रे रेला रे रे रेला...
Posted on: Dec 19, 2017. Tags: BASTIRAM NAGWANSHI SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : यहां ग्रामवासी तेंदूपत्ता, चार, महुआ, हर्रा, बेहडा बेचकर अपना जीवन यापन करते है...
ग्राम-घोडाखुर्री, ब्लाक-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से अगनुराम खड़हे स्थानीय माध्यमिक शाला के प्रधान अध्यापक है. वे बता रहे हैं कि स्कूल की शुरुवात उनके ही द्वारा 1983 में हुई. घोडाकुर्री गाँव का नाम क्यों पड़ा उसके बारे में जानकारी दे रहे है. बुजुर्ग लोगो के अनुसार यहाँ पर घोडा के पैर का एक चिन्ह था उसके कारण इस गाँव का नाम घोडाकुर्री नाम पड़ा है अभी वर्तमान में वो चिन्ह नहीं है मिट गया है. गाँव की जनसँख्या लगभग 350 है. पूरा गोंड आदिवासी गाँव है और उनका जीवन यापन का साधन खेती बाड़ी और वनोपज है | वनोपज में तेंदूपत्ता, चार, महुआ, हर्रा, बेहडा, इस सबको समय-समय पर सीजन के आधार पर एकत्रित करते है उसको बेचकर अपना जीवन यापन करते है
Posted on: Dec 17, 2017. Tags: AGNURAM KHADHE SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
इत शिव रे हमरे शिव रे आवेला...शिव भजन
अनूप राम ग्राम-डूमरखोरका, पंचायत-भेलवाडीह, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से एक शिव भजन सुना रहे हैं:
इत शिव रे हमरे शिव रे आवेला-
आज तो शिव हमर घरे-
बैठ जा शिव मोरे जिव्हा में-
झिमिर तहर जाव्ते शिव ता आवेला-
सगर बजारों हमर शिव आइग आवेला-
नाहाते धुआते होइया शिवा ते आवेला-
इत शिव रे हमरे शिव रे...
Posted on: Dec 14, 2017. Tags: ANOOP RAM SONG VICTIMS REGISTER
मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन...देशभक्ति गीत
अनूप राम ग्राम-डूमरखोरका, पंचायत-भिलवाडीह, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से एक देशभक्ति गीत सुना रहे हैं:
मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन-
शांति का उन्नति का देश का चमन-
इसके वास्ते निसार है मेरा मन-
मेरा मुल्क मेरा देश...
Posted on: Dec 14, 2017. Tags: ANOOP RAM SONG VICTIMS REGISTER
रचे-रचे रे मनचल राजा ब्याह सियानिया...मंडला से विवाह गीत
लेखराम यादव, जिला-मंडला, मध्यप्रदेश से एक साधु गीत (विवाह गीत) सुना रहे हैं:
रचे-रचे रे मनचल राजा ब्याह सियानिया-
वो तो बम्हना कहे मोरे बिन भवर न परे-
मोरे तेतु चले आगे राम जब तो बेटी भवर परे-
वो तो बढई कहे मोरे बिन भवर न परे-
मोरे खंभ चले आगे राम जब तो बेटी भवर पड़े-
वो तो मेहर कहे मोरे बिन भवर न परे-
मोरे कंगन चले आगे राम जब तो बेटी भवर परे-
वो तो कुम्हरा कहे मोरे बिन भवर न परे-
मोरे कलश चले आगे राम तब तो बेटी भवर परे-
रचे-रचे रे मनचल राजा ब्याह सियानिया...

