कृषि अधिकारी स्थानीय किसानों से कोदो-कुटकी के बीज नहीं खरीदते, बाहरी व्यापारियों से लेते हैं...
जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से संदीप कुमार वर्मे आरोप लगा रहे हैं कि मध्यप्रदेश के जबलपुर संभाग में एग्रीकलचर विभाग के अधिकारी स्थानीय आदिवासी किसानों की बजाय बाहर के व्यापारियों को अधिक महत्त्व देते हैं. वे कह रहे हैं चाहे डिंडोरी हो या मंडला, बालाघाट हो, छिन्दवाडा हो या सिवनी, इन जिलो में आदिवासियों को सही समय में कोदो कुटकी का बीज उपलब्ध नहीं करा पाते है और स्थानीय लोगों से बीज लेते भी नहीं और ये बाहर की बड़ी-बड़ी कंपनियों को जो कोदो कुटकी का मतलब नहीं जानते, नेचुरल क्या होता है नेचुरल खेती क्या होता है इनको आर्डर देते है और इनको बढ़ावा देते है और जो किसान नेचुरल खेती करता है उन लोकल किसानो के पास से बीज नहीं खरीदा जाता है. संदीप कुमार वर्मे@9174280026
Posted on: Feb 20, 2017. Tags: SANDEEP KUMAR VARME SONG VICTIMS REGISTER
खाने को मुंह एक है दो-दो हाथ कमाने को...कविता
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से ख़ुशी कुमारी एक कविता सुना रही हैं:
खाने को मुंह एक है दो-दो हाथ कमाने को-
किसी के आगे फिर न जाए हम झोली फ़ैलाने को-
रूप बदल देंगे मेहनत से उजड़े रेगिस्तानो का-
करने को निर्माण चला है पत्थर वीर जवानो का-
लाख-लाख गाँव वाले हिन्दुस्तान किसानो का-
करने को निर्माण चला है पत्थर वीर जवानो का...
Posted on: Feb 19, 2017. Tags: KHUSHI KUMARI SONG VICTIMS REGISTER
मैं टीबी का मरीज़ हूँ मेरे घर में दो लोग टीबी से मर चुके हैं पर सरकार से कोई आर्थिक मदद नहीं मिलती...
ग्राम-गुर्गी, पोस्ट-मसहां, ब्लॉक+जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से कृष्ण कुमार कोल बता रहे है कि वो टीबी बीमारी के मरीज है और उनके घर में एक साल के अंदर टीबी की बीमारी से दो लोगो की मौत हो चुकी है और उनकी मौत शासकीय संजय गाँधी अस्पताल में हुई है पर आज तक सरकार के द्वारा उनके परिवार को कोई आर्थिक मदद इनके परिवार को नहीं दी गई है न ही कोई अधिकारी कभी उनसे मिलने आया. परिवार की आर्थिक हालात इतनी खराब है कि बच्चों की पढ़ाई बंद करनी पडी है. वे यह अनुरोध कर रहे हैं कि सीजीनेट के श्रोता कृपया जिला कलेक्टर@9425903973, जिला क्षय रोग अधिकारी@9424974808, सचिव@9200807812 से बात करें।कृष्ण@8358030030
Posted on: Feb 17, 2017. Tags: KRISHNA KUMAR KOL SONG VICTIMS REGISTER
जब तक रोटी के प्रश्नों पर रखा रहेगा भारी पत्थर...कविता
पारु, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार प्रिय एक कविता सुना रहे है:
जब तक रोटी के प्रश्नों पर रखा रहेगा भारी पत्थर-
खाओ मत कोई सजाना तुम मेरे गली में-
अगर कभी जो आना तुम धानो की बालियों में-
टपका हुआ पसीना ओस तो इसके बुँदे मोती है या नगीना...
Posted on: Feb 17, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR PRIYA VICTIMS REGISTER
छोटा-छोटा उजला-उजला रुव हल्का रुई जैसा...कविता
मालीघाट, जिला-मुज्जफरपुर (बिहार) से सुनील कुमार हरिनारायण गुप्ता की कविता खरहा सुना रहे है:
छोटा-छोटा उजला-उजला रुव हल्का रुई जैसा-
सही देखते सहला सहला कोमल तन लगता यहे जैसा-
दूध घास खाकर दिनभर बगिया मई है दोड़ लगता-
पर कुते बिल्ली से डरकर पिंजरे में वह छिप छिप जाता-
इधर-उधर ही भाग दौड़कर...
