Toaday's News from newspapers in Gondi : 17th August 2017
“आदिवासी संस्कृति को बचाएं लेकिन अंधविश्वास करें दूर” –
स्वतंत्रता दिवस पर महाराष्ट्र के किसानों पर बरसे डंडे, कर्ज माफी के लिए कर रहे थे प्रदर्शन मुंबई: महाराष्ट्र
छात्रवृत्ति प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम फॉर माइनॉरटी 2017.
Posted on: Aug 16, 2017. Tags: SUMANLATA ACHALA
Toaday's News from newspapers in Gondi :16th August 2017
जमुड़ी के सरपंच भाद्दुसिंह की उपस्थिति में झंडारोहण – सीजीनेट ऑफिस जमुड़ी अनुपपुर मध्यप्रदेश
मतदाता सूची में ऑनलाइन जुड़ेगा नाम, कहीं से भी आवेदन कर सकेंगे मतदाता –
न्यू इंडिया में गरीबी के लिए गुंजाइश नहीं: रामनाथ कोविंद –
वन भूमि खरीद मामला : जांच रिपोर्ट पर कानूनी सलाह ले रहे हैं: रमन सिंह -छत्तीसगढ़
Posted on: Aug 15, 2017. Tags: SUMANLATA ACHALA
आवे के पड़ी मैया, आवे के पड़ी रउवा...देवी गीत -
ग्राम-महानगुवा, जिला-पूर्वी चम्पारण (बिहार) से कुन्दन कुमार भोजपुरी भाषा में एक देवी गीत सुना रहे है, इस गीत को नवरात्रि के समय अधिक गाया जाता है :
आवे के पड़ी मैया – आवे के पड़ी रउवा – जब अगना मा दिया बाती
जली मइके आवे का पड़ी...
Posted on: Aug 15, 2017. Tags: KUNDAN KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
वह प्रदीप जो दीख रहा है झिलमिल दूर नहीं है...कविता -
सुनील कुमार राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की रचना सुना रहे हैं:
वह प्रदीप जो दीख रहा है झिलमिल, दूर नहीं है-
थककर बैठ गये क्या भाई! मंजिल दूर नहीं है-
अम्बर पर घन बन छायेगा-
ही उच्छवास तुम्हारा-
और अधिक ले जाँच-
देवता इतना क्रूर नहीं है-
थककर बैठ गये क्या भाई!
मंजिल दूर नहीं है...
Posted on: Aug 15, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
गोंड समुदाय के कोलांग नृत्य के बारे में जानकारी
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार गोंड समुदाय के कोलांग नृत्य के बारे में जानकारी दे रहे है और कह रहे हैं कि जिस समाज में गीत, संगीत नृत्य नही वह समाज पशु समान होता है और गोंड समुदाय के महत्वपूर्ण कोलान्ग इदना नृत्य के बारे में बता रहे हैं. कोलान्ग शब्द कोला से बना है, जिसका अर्थ डंडा से लिया जाता है कोलान्ग नाच में छड़ का प्रयोग किया जाता है इसीलिए गोंडी में कोलांग इदना कहते है. पौष पूर्णिमा के समय युवको का नृत्य दल एक दूसरे के गाव में एक सप्ताह नाचने जाते है, नाच दल का नेतृत्व करने वाले को ‘पाटा गुरु” के नाम से जाना जाता है. नाच दो दलों में गोल घेरे में आमने सामने होता है आमने सामने खड़े होकर एक दूसरे के डंडे को पीटते है गीत शुरु होते ही नाच चालू हो जाता है. सुनील@9308571702
