वनांचल स्वर : पवाड के बीजो से सोरायसिस चर्म रोग का उपचार-

ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल सोरायसिस चर्म रोग को ठीक करने का वन औषधि उपचार बता रहे है कि पवाड के बीजो को सुखाकर पाउडर बना लेवे और पाउडर बनाने के बाद 2 किलो मट्ठा ले उसे 2 किलो मट्ठा में 100 ग्राम पवाड़ के चूर्ण को मिला दे | मिलाने के बाद एक हफ्ते तक कपड मिटटी करके मटकी में उसको रख दे | पड़ा रहने दे उसको खोले न | एक हफ्ते के बाद खोलकर चर्म हुए स्थान पर रोज लगाये, रोज लगाने के बाद उसको गुनगुने पानी से धुले| उसमे साबुन का इस्तेमाल बिलकुल न करें | कितना भी भयानक चर्म रोग हो 15 दिन एक महिना या बड़ा हो तो डेढ़-दो माह तक लगाने से पूर्ण रूप से सोरायसिस चर्म रोग समाप्त हो जाता है | इसका होम्योपैथीक और हेलोपेतिक में कोई दवाई नहीं है| ये एकदम रामबाण की तरह दवा है, अधिक जानकारी के लिए संपर्क नम्बर@9826040015.

Posted on: Jul 31, 2018. Tags: KEDARNATH PATEL KOREYA CG SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : हमारे आस पास मिलने वाले दूब घास के औषधीय गुण-

जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय दूब घांस के औषधीय गुण बता रहे हैं, दूबा एक घास है इसे दूबी भी कहते हैं, जो कही भी आसानी से प्राप्त हो जाती है, इसे पूजा पाठ के उपयोग में भी लाया जाता है, यदि किसी के नाक के खून बह रहा हो, ये समस्या सामान्यतः गर्मी के दिनों में हो जाता है तब दूबा की पत्ती का रस एक से दो बूंद नाक में डाल दें इससे आराम मिल सकता है, यदि खाज खुजली हो गई हो, तो इसके पंचांग अर्थात जड़ सहित चावल के सांथ पीस कर लेप करने से खुजली की समस्या ठीक हो सकती है, इसके अलावा रस को तेल में मिलाकर घाव पर लगाने से घाव ठीक हो सकता है, अधिक जानकारी के लिए संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9424759941.

Posted on: Jul 30, 2018. Tags: HEALTH RAGHVENDRA SINGH RAI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : बरसात के दिनो में होने वाली बीमारी काई का घरेलू उपचार-

ग्राम-सुरषा जिराक, पोस्ट-कालाबरती, थाना-चलगली, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से चंदर साय बरसात के दिनों में अक्सर होने वाली बीमारी काई (कन्दई) का घरेलू उपचार बता रहे हैं, काई ऐसी बीमारी है, जो बारिश के दिनो में होती है, जिसमे पैर की उंगलियां नीचे से कट जाती है, ये हाथ में भी हो सकता है, जिससे चलने, काम करने में दिक्कत होती है, दर्द होता है, समस्या से पीड़ित व्यक्ति कड़ुआ (सरसो) का तेल और पीसी हल्दी को मिलाकर आग में पका लें और शाम को सोते समय काई वाले जगह में लगा लेवें, लगातार 3 दिन तक प्रयोग करने से लाभ मिल सकता है : संपर्क नंबर@9009784751.

Posted on: Jul 30, 2018. Tags: CHANDAR SAI HEALTH SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : पलास के औषधीय गुण-

जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय पलास के पौधे जिसके फूल को टेसू भी कहते है, के औषधीय गुण बता रहे हैं, पलास के पौधे को अलग-अलग जगह पर अलग-अलग नाम से जाना जाता है. उपयोगिता: 1- पलास चर्म रोग, खाज खुजली, दाद के लिए उपयोगी है, इसके लिए पलास के बीज को नीबू के रस में मिलाकर पीस ले और शरीर के ग्रसित भाग पर लेप करें, इससे लाभ हो सकता है, 2- उसके बीज को अकवन के दूध में घिसकर लगाने से बिच्छू दंस में लाभ हो सकता है, 3- प्रमेय रोग में पलास के फूल का चूर्ण और मिश्री का चूर्ण एक-एक चम्मच पानी के सांथ प्रतिदिन एक बार सेवन करने से लाभ हो सकता है : संपर्क नम्बर@9424759941.

Posted on: Jul 30, 2018. Tags: HEALTH RAGHVENDRA SINGH RAI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : खाज-खुजली का घरेलू उपचार-

ग्राम-घोंघा, थाना-बोडला, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से वैद्य भगतराम लांझी खाज-खुजली, दाद और छोटे बच्चो के शरीर में होने वाले फुंसी का घरेलू उपचार बता रहे हैं, तालाब या नदियों में पाई जाने वाली सूतई जिसे सूती भी कहते हैं, उसका रंग अंदर से सफेद और बहार से काई की तरह होता है, उसको अच्छी तरह आग में जला लें उसके बाद पाउडर बनाकर कपडे से छानकर घाव में लगा सकते हैं, इसके अलावा यदि घाव सूखा है, फटी एड़ियाँ है तो पाउडर को अलसी के तेल में मिलाकर लगाना होता है, मुह में झांई या काला धब्बा हो तो दिन में दो से तीन बार उस जगह पर पाउडर की तरह लगा सकते है, इस तरह प्रयोग करने से लाभ मिल सकता है :
संपर्क नंबर@7389964276.

Posted on: Jul 29, 2018. Tags: BHAGATRAM LANHJI HEALTH SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

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