5 जून विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में 36गढ़ की 36 भाजियों (साग) के बारे में जानकारी...

रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता बता रहे हैं कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है वे अनुरोध कर रहे है विश्व पर्यावरण की रक्षा के लिए संकल्प ले अनावश्यक रूप से हरे भरे वृक्षो की कटाई न करे और स्थानीय भोजन खाएं। वे छत्तीसगढ़ में होने वाली 36 प्रकार की भाजी जिसे साग कहते है उनके नाम बता रहे हैं : आमरी भाजी, केट, सिंगा, चना, लाल, ऐडा, गोंदली, गोहार मुस्टेनी, पटवा, कजरा, मंजरिया, चनोरी, तीनपनिया, कुरमा, मोरई, छोलाई, कर्मठा, कांदा, मखना चुनचुनिया, पालक, कुटका बर्रे, गोभी लहसुन, कुशुम, सरसों, चिरोटा, चिरचिरा, कुर्ला, गुडुर मूनगा, आलू, बतवा, मूली। ये सभी साग इस प्रदेश में पाया जाता है, इसका समय और ऋतु के अनुसार अपना महत्व होता है | राजेंद्र गुप्ता@9993891275

Posted on: Jun 02, 2017. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER

जय हो नरबदा मैया, जय हो नरबदा हो...नर्मदा नदी पर गीत

ग्राम मनौरा, पोस्ट खुरर्सी, थाना जैतहरी, जिला अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से राजेंद्र छत्तीसगढ़ी बोली में नर्मदा नदी पर एक गीत सुना रहे हैं-
जय हो नरबदा मैया, जय हो नरबदा हो-
अमरकंटक तीर्थ चारों धाम हो माँ, मैया अमरकंटक तीर्थ चारों धाम हो माँ-
महाशिवरात्रि को मैया, बैसाख पुर्णि को हो,लगे हवे मेला के भीड़ हो माँ-
जय हो नरबदा मैया, जय हो नरबदा हो...

Posted on: Jun 01, 2017. Tags: RAJENDRA ANUPPUR SONG VICTIMS REGISTER

फलों के राजा आम के मौसम में आम के बागान की सैर: यहां के कई आम साल में दो बार फलते हैं...

ब्लॉक-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेन्द्र गुप्ता बोल रहे है अभी जो समय चल रहा है वो आम का है, बता रहे है कि ऋतुराज बसंत है तो फलों का राजा आम है, वे आज हमें एक आम के बागान ले चल रहे हैं तमनार ब्लॉक के कोचाईलिटी में 21 प्रजाति के आम पाए जाते है स्वर्गीय केसवानन्द के बागान में वहां जो फ़िलहाल देख रेख करने वाले बैसाखू है उनसे वे बात कर रहे हैं वो बता रहे है कि यहाँ के आम बहुत ही प्रसिद्ध है यहाँ का आम साल में दो बार फल देता है, 21 प्रकार की देसी किस्मों के आम है और नई प्रजाति में दसहरी, लंगड़ा बाम्बे ग्रीन, हिमसागर, नीलम आदि किस्मे भी है, देसी प्रजातियां अब धीरे धीरे विलुप्त हो रही है | राजेन्द्र गुप्ता@9993891275

Posted on: May 28, 2017. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER

हाँसत गावत जीयत जावौ, पालव नहीं झमेला...छत्तीसगढ़ी गीत-

ब्लाक-मोहला मानपुर, जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र कोरेटी छत्तीसगढ़ी बोली में एक गीत सुना रहे है :
हाँसत गावत जीयत जावौ, पालव नहीं झमेला-
छोड़ जगत के मेला–ठेला, पंछी उड़े अकेला-
बड़े-बड़े मनखे मन आइन, पाइस कोन ठिकाना-
चार घड़ी के रिंगी चिंगी, तेखर बाद रवाना-
जइसन जेखर करम रहे वो, तइसन नाम कमाये-
पूजे जाये कोन्हों मनखे, कोन्हों गारी खाये-
कोन इहाँ का लेके आइस, लेगिस कोन खजाना-
जुच्छा आना सुक्खा जाना, का सेती इतराना-
माटी मा माटी मिलना हे, इही सत्य हे भाई-
बिधुना के आगू मनखे के, चलै नहीं चतराई-
कोट-कछेरी पाप-पुन्न के, माँगै नहीं गवाही-
बने करम के बाँध मोठरी, इही संग मा जाही...

Posted on: May 21, 2017. Tags: RAJENDRA KORETI SONG VICTIMS REGISTER

श्रद्धा और विश्वास भूख और प्यास तन-मन...छत्तीसगढ़ी रचना -

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेन्द्र गुप्ता रायगढ़ के बारे में बता रहे हैं कि पुरातत्व के लोगो के आधार पर यहाँ पर जो भूस्थलीय धरोहर जैसे नगाड़ा किला शैलचित्र है वो हजारों वर्ष पुरानी है उनके ऊपर आधरित के रचना सुना रहे है :
श्रद्धा और विश्वास भूख और प्यास तन-मन-
जीवन और मरन, जस और अपजस दिन और रात-
जय जवान-जय किसान हर क्षण है ख़ास-
हर जगह है आस न कोई ख़ास-
रंग और रूप के हर जगह के होए मिलाप-
और कलि है हर छड पास-
द्वापर-त्रेता कुछु रहे बिसाहत-
लबरा के कहती ताकड़ो निय विश्वास-
जेन ला देख आपन ला नोत्री करेला विश्वास...

Posted on: May 20, 2017. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER

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