मेरे पापा, मेरे पापा...गीत

पटेल नगर, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से कंचन कुमारी,चंचल कुमारी एक गीत सुना रही है:
मेरी कमी आसमा मेरे पापा-
मै हूँ जहा है वहां, मेरे पापा, मेरे पापा-
तुम साँसों के पास रहो, शामो शहर मेरे पास रहो-
जहा मेरे आसूं ही भले, वही मुझे हंस के मिले-
रूठूँ जो मै तुमसे, इतना डरते हो-
मेरे लिए किस्मत से, जीवन साथी हो-
मेरे पापा, मेरे पापा...

Posted on: Mar 28, 2017. Tags: KACHAN KUMARI SONG VICTIMS REGISTER

गोदिया तबाही कर गइले बियाह रे विदेशिया...

अनीता कुमारी मुजफ्फरपुर बिहार से भिखारी ठाकुर का एक विदेशिया गीत गा रही है:
हम ता खेलत राहिली अम्मा जी
गोदिया तबाही कर गइले बियाह रे विदेशिया-
हे सजनी हे हे सजनी हे हे सजनी-
पिया गइले विदेशवा हे सजनी-
गोडवा में जूता नइखे हथवा में छता-
हे सजनी कैसी अकेली राहतव हे सजनी-
हमारा सोहात नाइके कउनो अरमनवा-
वोहवा चबात होहिहैं पनवा-
हे सजनी हे हे सजनी हे हे सजनी-
रहिया तकत बीतल जाला मोरी उमरिया-
हे सजनी हे हे सजनी हे हे सजनी...

Posted on: Feb 21, 2017. Tags: Anita Kumari

खाने को मुंह एक है दो-दो हाथ कमाने को...कविता

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से ख़ुशी कुमारी एक कविता सुना रही हैं:
खाने को मुंह एक है दो-दो हाथ कमाने को-
किसी के आगे फिर न जाए हम झोली फ़ैलाने को-
रूप बदल देंगे मेहनत से उजड़े रेगिस्तानो का-
करने को निर्माण चला है पत्थर वीर जवानो का-
लाख-लाख गाँव वाले हिन्दुस्तान किसानो का-
करने को निर्माण चला है पत्थर वीर जवानो का...

Posted on: Feb 19, 2017. Tags: KHUSHI KUMARI SONG VICTIMS REGISTER

सर्दी आई, सर्दी आई दांत बज रहे है कट-कट-कट...सर्दी पर बाल कविता

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से शालू कुमारी एक कविता सुना रही हैं:
सर्दी आई, सर्दी आई दांत बज रहे है कट-कट-कट-
और सब काम कर रहे है झटपट-झटपट-
कल्लू काका ने अपनी माचिस सिलगाई-
सर्दी आई, सर्दी आई...

Posted on: Feb 07, 2017. Tags: SHALU KUMARI SONG VICTIMS REGISTER

वह छोटी सी चिडिया जो चोंच मारकर...चिड़िया पर कविता

ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड, जिला-पलामू (झारखण्ड) से अंजनी कुमारी एक कविता सुना रही है:
वह छोटी सी चिडिया जो चोंच मारकर-
जुडी के दूध भरे वाले दाने के रस खा लेती है-
वह छोटी संतो सी चिड़िया नीले पंखो वाली में हूँ
मुझे विजन से बहुत प्यार है-
वह चिड़िया जो कंठ खोलकर बुड़ेवन-

बाबा की खातिर रस उड़ेल कर ले जाती है-
वह छोटी संतो सी चिड़िया नीले पंखो-
वाली में हू मुझे अंत से बहुत प्यार है-
वह छोटी सी चिडिया जो चोंच मारकर-
चडी नदी दिल का मोती बिन लाती है-
वह चिड़िया में हूँ-वह छोटी संतो सी चिड़िया-
नीले पंखो वाली में हू मुझे नदी से बहुत प्यार है...

Posted on: Feb 05, 2017. Tags: ANJANI KUMARI SONG VICTIMS REGISTER

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