शिक्षक कम होने के कारण माता-पिता बच्चों को स्कूल नहीं भेजते, अधिकारी हमारी बात नहीं सुनते...
तहसील- कोटड़ा जिला उदयपुर राजस्थान से विनोद कुमार बता रहे है कि उनके तहसील में कई विद्यालयों में शिक्षको की कमी है और उन कमी को पूरा करवाने के लिए उच्च अधिकारियो को कई बार कहा गया लेकिन अभी तक कोई कारवाही नही की गई है माता पिता शिक्षक न होने के कारण बच्चों को स्कूल भी नहीं भेजते और इस वजह से बच्चो की पढाई ख़राब हो रही है मैं सुनने वाले समस्त साथियों से निवेदन करना चाहता हूँ कि वे दिए गए नम्बरों पर फ़ोन कर दबाव बनाते हुए कोटड़ा तहसील की स्कूलों में जल्द से जल्द शिक्षक लगवाने की कोशिश करे ताकि यहाँ के बच्चो की पढाई सही से हो पाए.कलेक्टर@9460387269 और जिला शिक्षा अधिकारी @9462022632.विनोद@7587454914
Posted on: Mar 12, 2017. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VINOD KUMAR RAJASTHAN
हिंदी माध्यम में पढ़ाई के कारण खुद नहीं बन सके इंजीनियर तो औरों को पढ़ा बना रहे हैं इंजीनियर...
साहेबगंज, जिला-मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार ओमप्रकाश प्रसाद से बात कर रहे हैं जो बता रहे हैं कि वे अपने स्कूल के टॉपर थे पर गाँव के सरकारी स्कूल में हिंदी माध्यम में पढ़ाई होती थी और इंजीनियरिंग की पढ़ाई अधिकतर अंग्रेज़ी में होती है इसलिए चाहते हुए भी वे इंजीनियर नहीं बन सके तब उन्होंने ठान लिया कि उनके साथ जो दिक्कत हुई है वह और लोगों को न हो इसलिए वे अपने गाँव वापस आए और एक अंग्रेज़ी माध्यम का स्कूल शुरू किया। वे बता रहे हैं कि वे स्वयं इंजीनियर नहीं बन पाए पर उनके स्कूल से इस छोटी सी जगह से भी बहुत से बच्चे डाक्टर, इंजीनियर और उससे भी बड़े बड़े पदों पर पहुंचे हैं जिसकी उनको खुशी है – सुनील कुमार@9934671608
Posted on: Mar 11, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
जहां तक संभव हो मामलों को ग्राम कचहरी में ही निपटाने का प्रयास करें इससे आर्थिक बचत होगी...
साहेबगंज, जिला-मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार बता रहे हैं कि बिहार सरकार ने एक ग्राम कचहरी योजना चालू किया है जिसमें ग्राम में ही सरपंच, पंचो द्वारा मामलों का निपटारा किया जाता है, इससे दोनों तरफ़ को जो आर्थिक नुकसान होता है उससे बचा जा सकता है. इस विषय पर वे एक क़ानून विशेषज्ञ से बात कर रहे है जो बता रहे हैं कि कोई भी मामला हो उसको ग्राम कचहरी में उठाइए यदि आप उसके फैसले से संतुष्ट नहीं है तो आप ऊपरी अदालत में जा सकते हैं पर जहां तक संभव हो मामलों को गाँव में ही निपटाने का प्रयास करना चाहिए इससे दोनों पक्षों को आर्थिक लाभ भी होगा और समय तथा संसाधन की बचत भी होगी – सुनील@9931950454
Posted on: Mar 10, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
बम भोले रे लाल, कोह म रंगोला फागरिया...फ़ाग गीत-
सुनील कुमार, मुजफ्फरपुर मालिघाट, (बिहार) से फागुन के महीने में फ़ाग गीत सुना रहे है:
बम भोले रे लाल कोह म रंगोला फागरिया-
होली हो लाल कोह म रंगोला फागरिया-
बम भोले रे लाल कोह म रंगोला फागरिया-
किन क रे भिजी लती पति फागरिया-
किन क रे भिजी रे चुन्दरिया...
बम भोले रे लाल कोह म रंगोला फागरिया-
शिव जी के भिजी हो लती पति बगिया-
गौरा के भीन्जे रे चुन्दरिया-
बम भोले रे लाल कोह म रंगोला फागरिया....
Posted on: Mar 10, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
होली समाज के हर एक वर्ग को सदभाव के सूत्र में जोड़ने का एक सामूहिक महोत्सव...
होली समाज के हर एक वर्ग जाति के लोगो को सदभाव के सूत्र में जोड़ने का एक सामूहिक महोत्सव है, होली के उल्लास के जरिये बहुत गहराई तक लोक संस्कृति में धसी है. लोक जीवन में होली का त्यौहार अन्य पर्वो से ज्यादा लोकप्रिय है, होली के पूर्व रात्रि में होलिका का दहन परम्परा है, समस्त उत्तर भारत में होली के पूर्व होने वाले इस विधान में एकरूपता दिखाई पड़ती है, जबकि दक्षिण प्रान्तों में होली दहन में भिन्नता दिखाई पड़ती है, कई प्रान्तों में होली दहन प्रहलाद नाम से भी जाना जाता है. अधिकतर गाँव एवं शहरो में बच्चो के द्वारा लकड़ी और गोबर के उपलों,कन्डो के द्वारा दहन किया जाता है, भारतीय लोक संस्कृति बिना यज्ञ आदि को समर्पित किये बगैर नवरात्र ग्रहण नही किया जाता इस कारण फागुन पूर्णिमा को सुमिध एकत्रित कर उसमे अग्नि का स्थापना कर गेहू, चने की बालियों की आहुति देने के बाद ही किसान खलिहान से अन्न घर ले जाते थे, होली पर्व कृषि युग की देन है-सीजीनेट परिवार को होली की ढेर सारी शुभकानाये|

