25 मार्च को अर्थ आवर: शाम 8:30 से 9:30 बजे के बीच गैर जरुरी बिजली बंद रख देंगे सन्देश....
अर्थ आवर यह ऐसा एक घंटा है जो संदेश देता हैं कि सभी इंसानो को बिजली के अपव्यय और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ एकजुट होने की आवश्यकता हैं .अर्थ आॅवर के माध्यम से 25 मार्च को 8:30 से 9:30 बजे के बीच सभी गैर जरुरी बत्तिया बंद रखने का संदेश दिया जाता हैं. रात एक घंटे तक अपने घरो प्रतिष्ठानों व आॅफिस की सभी गैर जरूरी बत्तियां बंद रखे.इस तरह हम ना सिर्फ थोड़ी बिजली बचा सकेंगे बल्कि यह एक घंटा बिजली के अपव्यय को निरंतर रोकने के लिए हमें प्रेरित भी करेगा. दुनिया भर के सात हजार से अधिक शहरो के लोग अर्थआवर मनाकर एकजुट होंगे .पिछले दस सालों में अर्थ आॅवर बिजली बंद रखने के एक सांकेतिक इवेंट से आगे बढ़कर संभवतः इतिहास का सबसे बड़ा स्वैच्छिक आंदोलन बन गया हैं .चूंकि जलवायु परिवर्तन के सभी रिकार्ड टूटते जा रहे हैं इसलिए इसे रोकने के लिए ज्यादा प्रतिबद्धता की आवश्यकता हैं ऐसे में अर्थ आॅवर दुनिया भर के लोगो, समूहों और संगठनो को एकजुट कर रहा है ताकि सभी लोग जलवायु परिवर्तन के खिलाफ अपने सहयोग दे सकें.इसकी शुरुआत वर्ष 2007 में सिडनी में हुई थी.सुनील कुमार@9308571702.
Posted on: Mar 25, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
बस्तर के अंतिम राजा प्रवीरचन्द्र की सरकारी ह्त्या ने बस्तर को अन्धकारमय भविष्य की ओर धकेला...
बस्तर के अंतिम राजा प्रवीर चन्द्र के मन में बस्तर की जनता के कष्टों के लिए एक पीड़ा थी. उनका कहना था बस्तर के बाहर के लोगो को मुफ्त में जमीन दी जाती हैं और आदिवासीयों के लिए लकड़ी और जमीन लेना मना हैं .पर सरकार उनकी शिकायत पर ध्यान नही दे रही हैं. मैं हिंसा को नापसंद करता हूं .मैं अभी इस मन का नहीं बना हूं कि सरकारी हिंसा का जवाब जनता की हिंसा से दिया जाए लेकिन मैं बिल्कुल किनारे आ खड़ा हूं. 1966 में आज के दिन ऐसे महान व्यक्तित्व की हत्या से बस्तर के भविष्य को अंधेरे में धकेलने के साथ-साथ राजनीतिक परिवेश में हलचल मचा दी थी.बस्तर की जनता के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले बस्तर के अंतिम महाराजा प्रवीर चन्द्र को विनम्रतापूर्वक नमन व श्रद्धांजलि। सुनील कुमार@9308571702
Posted on: Mar 25, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
गधे की कहानी...
ग्राम-धीरी, तहसील-बैहर ,जिला-बालाघाट (मध्यप्रदेश) से जगदीश कुमार मरकाम कहानी सुना रहे है. एक व्यक्ति अपने बेटे के साथ गधा बेचने जा रहा था दोनों गधे के साथ पैदल चल रहे थे किसी ने कहा इनको देखो गधा साथ रहते हुए भी पैदल जा रहे है तभी एक और ने कहा आप में से एक इसमें बैठ क्यों नहीं जाते तब उन्होंने अपने बच्चे को गधे पर बैठा दिया आगे चलकर फिर से उ सलाह दिया जिस पर पिता कहने अनुसार खुद गधे पर बैठ गया और चलने लगे कुछ दूर चले ही थे की फिर से उन पर लोगो ने ताना मारा जिससे दोनों पिता-पुत्र गधे पर बैठ गए और चलने लगे कुछ दूर चलने पर पुन: यही घटना हुई और दोनों ने गधे को अपने उपर उठाकर चलने लगे जिस पर लोग उन पर हसने लगे जिसकी आवाज सुनकर गधा डर गया और पैर मारने लगा जिससे रस्सी टूट गई और वही पर नदी मे गिर कर मर गया इसलिए कहा जाता है की हमेशा अपने विवेक से किसी भी काम को करना चाहिए बेकार की बातो में ध्यान नहीं देना चाहिए।
Posted on: Mar 24, 2017. Tags: JAGDISH KUMAR MARKAM SONG VICTIMS REGISTER
हम इस गाँव में 50 सालों से रह रहे हैं पर अब तक कोई सड़क नहीं बनी, मांग करते-करते थक गए...
ग्राम-टीकर, तहसील-हुज़ूर, जिला-रीवा, (मध्यप्रदेश) से आनन्द कुमार कुशवाह बता रहे हैं कि हमारे गाँव के वार्ड क्रमांक 20 में जाने के लिए कोई सड़क नहीं है, गाँव में आने के लिए एक तरफ नहर है और दूसरी तरफ बांध तो आवागमन में बहुत समस्या होती है इस समस्या को लेकर ग्राम सभा में प्रस्ताव भी रखा और जनपद में भी रखा | बांध और नहर के बीच रास्ता होने के कारण कई लोगो की मौत भी हो चुकी है फिर भी कोई ध्यान नहीं दे रहे है इसलिए सीजीनेट के साथियों से मदद की अपील कर रहे है. गाँव में लोग 50 से अधिक सालों से बसे हैं पर कोई भी मदद नहीं करता कृपया कलेक्टर@9425903973 को फोन कर दबाव डालें। आनंद@8517882389
Posted on: Mar 24, 2017. Tags: ANAND KUMAR KUSHVAH SONG VICTIMS REGISTER
गरीब और अमीर के बीच आय का फर्क १० गुने से अधिक का नहीं होना चाहिए: राममनोहर लोहिया -
मालीघाट जिला-मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार डा राममनोहर लोहिया के जन्मदिन के अवसर पर उनके जीवन से जुडी कुछ बात बता रहे है. डा.लोहिया अपना जन्म दिन नही मनाते थे क्यूंकि आज के ही दिन भगत सिंह,राजगुरु,सुखदेव को फांसी दी गई थी. समाजवाद के शीर्ष नेता डॉ लोहिया को सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन के जनक के रूप में जाना जाता है, उनका जन्म फैजाबाद उत्तरप्रदेश में २३ मार्च १९१० में हुआ था, उनका जीवन सदा समाज में फैली आर्थिक विषमता के खिलाफ लड़ने में ही लगा उनका मानना था कि अगर गरीब व्यक्ति १ रू कमाता है तो जो ऊँचे पदों कार्यरत लोगो की आर्थिक स्थति उससे १० गुना अधिक नही होनी चाहिए. वे मानते थे कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी एक गरीब देश और समृद्ध देश का अन्तर इसी भाव के आधार पर होना चाहिए.सुनील कुमार@ 9308571702.

