मोंगरा फुले आधी रात गजरा...गीत-

जोड़ेंगा, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से पुनीता यादव और सुनीता यादव एक गीत सुना रहे हैं:
मोंगरा फुले आधी रात गजरा-
किसके घरे डारु-
राम गरे डारु की सीता गले डालू-
वो भी घरे बनवास गजरा किसके घरे डारु-
लक्षमण घरे डारु की सीता घरे डालू-
वो भी घरे बनवास गजरा किसके घरे डारु...

Posted on: Feb 21, 2020. Tags: CG JAGESHWAR SINGH KONDAGAON SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर : पेशाब रुक जाने की समस्या का घरेलू उपचार-

जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय पेशाब रुक जाने की समस्या का घरेलू उपचार बता रहे हैं, पलास के फूल को इकट्ठ कर लें उसके बाद उसे पानी में डुबो दें उसके बाद चटनी जैसा बना लें और उस लेप पेशाब वाले जगह पर मेहंदी जैसा लेप कर लें, पेशाब की समस्या में आराम हो सकता है, नुस्खा उपयोग करने से पहले संबंधित विषय पर पूरी जानकारी लें : संपर्क नंबर@9424759941.

Posted on: Feb 20, 2020. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGARDH VICTIMS REGISTER

Impact : संदेस रिकॉर्ड करने के बाद हैण्डपंप पर व्यक्तिगत कब्ज़ा हट गया...

ग्राम पोस्ट-पपरेडी, तहसील-ब्योहारी, जिला-शहडोल (मध्यप्रदेश) से बद्रीप्रसाद सिंह बता रहे हैं कि उनके गांव में एक हैण्डपम्प था उसपर व्यक्तिगत कब्जा कर उपयोग किया जा रहा था, समस्या के निराकरण के लिये उन्होंने 181 में आवेदन किया लेकिन उससे काम नही हुआ, तब 15 दिन पहले उन्होंने अपनी समस्या को सीजीनेट में रिकॉर्ड किया जिसके बाद सीजीनेट के श्रोताओं के मदद से कर्मचारी समस्या को ठीक करा दिये, इसलिये वे सीजीनेट के श्रोताओं और संबंधित अधिकारियो को धन्यवाद दे रहे हैं : संपर्क नंबर@916267039872.

Posted on: Feb 16, 2020. Tags: BADRI PRASAD SINGH IMPACT STORY MP SAH SONG VICTIMS REGISTER

डगरे कर डोडा जाम खाये लेबे राजा राम...डोमकच्छ गीत-

ग्राम-भेड़िया, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से सूर्या सिंह पोया एक डोमकच्छ गीत सुना रहे हैं:
ए डगरे कर डोडा जाम ए खाये लेबे राजा राम-
खातो माजा लागे रे पियासे चटा बरे-
घुटरा के तरी तर ये बैर कांटा हीरे हीर-
तोके कांटा गड़े संगी मोके माया लागे-
डगरे कर टेडही सजा वोमे दिसे लाल धजा-
डगरे कर डोडा जाम खाये लेबे राजा राम...

Posted on: Feb 12, 2020. Tags: BALRAMPUR CG SONG SURYA SINGH POYA VICTIMS REGISTER

बाल अधिकार पर जानकारी...

रीवा (मध्यप्रदेश) से आज्ञा बाल अधिकार के बारे में बता रही हैं, जो 18 वर्ष से कम उम्र के हैं सभी बच्चे की श्रेणी में आते हैं, ये परिभाषा बच्चों के अधिकारों और संयुक्त राष्ट्र संघ के समझौता UNCRE के तहत बताई गयी है, भारत में 1992 को इस समझौता पर हस्ताक्षरित की गयी है इसलिये लोगों को वोट देने, ड्रॉइविंग लाइसेंस को किसी क़ानूनी समझौते पर हस्ताक्षर करना जरुरी है, कम से कम 18 वर्ष होना चाहिये, बाल-विवाह नियोजक कानून 1929 के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़का के शादी पर रोक है। भारत में और भी कानून है सभी की अलग-अलग परिभाषा है किसी का 18 वर्ष से कम उम्र का शादी हुई और बच्चा भी हुआ तो वह बच्चा ही कहलायेगा। बचपन एक ऐसी अवस्था जिससे सभी लोग गुजरते हैं इस दौरान सभी का अनुभव अलग-अलग होता है। बच्चों को हर तरह के अत्याचार व शोषण से बचाया जाना चाहिये, बच्चों को खास ज्ञान दिया जाना चाहिए क्यों कि जिन स्थितियों में बच्चे रहते हैं वयस्कों की तुलना में उनका शोषण होने की संभावाना ज़्यादा होती है इसलिये सरकार के काम का असर बच्चों पर पड़ता है अक्सर यही माना जाता है उनके सोचने समझने की क्षमता कम होती है इसलिये उनका निर्णय अधिकतर बड़े ही लेते हैं : आज्ञा@9752437223.

Posted on: Feb 09, 2020. Tags: AGYA INFORMATION MP REWA SONG VICTIMS REGISTER

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