हिंदी माध्यम में पढ़ाई के कारण खुद नहीं बन सके इंजीनियर तो औरों को पढ़ा बना रहे हैं इंजीनियर...

साहेबगंज, जिला-मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार ओमप्रकाश प्रसाद से बात कर रहे हैं जो बता रहे हैं कि वे अपने स्कूल के टॉपर थे पर गाँव के सरकारी स्कूल में हिंदी माध्यम में पढ़ाई होती थी और इंजीनियरिंग की पढ़ाई अधिकतर अंग्रेज़ी में होती है इसलिए चाहते हुए भी वे इंजीनियर नहीं बन सके तब उन्होंने ठान लिया कि उनके साथ जो दिक्कत हुई है वह और लोगों को न हो इसलिए वे अपने गाँव वापस आए और एक अंग्रेज़ी माध्यम का स्कूल शुरू किया। वे बता रहे हैं कि वे स्वयं इंजीनियर नहीं बन पाए पर उनके स्कूल से इस छोटी सी जगह से भी बहुत से बच्चे डाक्टर, इंजीनियर और उससे भी बड़े बड़े पदों पर पहुंचे हैं जिसकी उनको खुशी है – सुनील कुमार@9934671608

Posted on: Mar 11, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

जहां तक संभव हो मामलों को ग्राम कचहरी में ही निपटाने का प्रयास करें इससे आर्थिक बचत होगी...

साहेबगंज, जिला-मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार बता रहे हैं कि बिहार सरकार ने एक ग्राम कचहरी योजना चालू किया है जिसमें ग्राम में ही सरपंच, पंचो द्वारा मामलों का निपटारा किया जाता है, इससे दोनों तरफ़ को जो आर्थिक नुकसान होता है उससे बचा जा सकता है. इस विषय पर वे एक क़ानून विशेषज्ञ से बात कर रहे है जो बता रहे हैं कि कोई भी मामला हो उसको ग्राम कचहरी में उठाइए यदि आप उसके फैसले से संतुष्ट नहीं है तो आप ऊपरी अदालत में जा सकते हैं पर जहां तक संभव हो मामलों को गाँव में ही निपटाने का प्रयास करना चाहिए इससे दोनों पक्षों को आर्थिक लाभ भी होगा और समय तथा संसाधन की बचत भी होगी – सुनील@9931950454

Posted on: Mar 10, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

बम भोले रे लाल, कोह म रंगोला फागरिया...फ़ाग गीत-

सुनील कुमार, मुजफ्फरपुर मालिघाट, (बिहार) से फागुन के महीने में फ़ाग गीत सुना रहे है:
बम भोले रे लाल कोह म रंगोला फागरिया-
होली हो लाल कोह म रंगोला फागरिया-
बम भोले रे लाल कोह म रंगोला फागरिया-
किन क रे भिजी लती पति फागरिया-
किन क रे भिजी रे चुन्दरिया...
बम भोले रे लाल कोह म रंगोला फागरिया-
शिव जी के भिजी हो लती पति बगिया-
गौरा के भीन्जे रे चुन्दरिया-
बम भोले रे लाल कोह म रंगोला फागरिया....

Posted on: Mar 10, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

होली समाज के हर एक वर्ग को सदभाव के सूत्र में जोड़ने का एक सामूहिक महोत्सव...

होली समाज के हर एक वर्ग जाति के लोगो को सदभाव के सूत्र में जोड़ने का एक सामूहिक महोत्सव है, होली के उल्लास के जरिये बहुत गहराई तक लोक संस्कृति में धसी है. लोक जीवन में होली का त्यौहार अन्य पर्वो से ज्यादा लोकप्रिय है, होली के पूर्व रात्रि में होलिका का दहन परम्परा है, समस्त उत्तर भारत में होली के पूर्व होने वाले इस विधान में एकरूपता दिखाई पड़ती है, जबकि दक्षिण प्रान्तों में होली दहन में भिन्नता दिखाई पड़ती है, कई प्रान्तों में होली दहन प्रहलाद नाम से भी जाना जाता है. अधिकतर गाँव एवं शहरो में बच्चो के द्वारा लकड़ी और गोबर के उपलों,कन्डो के द्वारा दहन किया जाता है, भारतीय लोक संस्कृति बिना यज्ञ आदि को समर्पित किये बगैर नवरात्र ग्रहण नही किया जाता इस कारण फागुन पूर्णिमा को सुमिध एकत्रित कर उसमे अग्नि का स्थापना कर गेहू, चने की बालियों की आहुति देने के बाद ही किसान खलिहान से अन्न घर ले जाते थे, होली पर्व कृषि युग की देन है-सीजीनेट परिवार को होली की ढेर सारी शुभकानाये|

Posted on: Mar 09, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

दौलत की इस दुनिया में कैसी झूठी शान...भ्रष्टाचार पर कविता

ग्राम-टिकरी पिपरी, पोस्ट-टिकरी पिपरी, पंचायत-नारायणडीह, थाना-शाहपुर, जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से तरुण कुमार यादव भ्रष्टाचार के ऊपर एक कविता सुना रहे है:
दौलत की इस दुनिया में कैसी झूठी शान-
पैसो के सामने तो फीका है इन्सान-
लगी दूकान है जहाँ बिक रहा ईमान-
सामने रखोगे पैसे तभी तुम्हारा मान-
गाँधी का सपना टूट गया टूटा हम सब का-
राम राज देखो आज बना किसी दानव का-
ये दानव है भ्रष्टाचारी फैलाई हम में लाचारी-
सत्यता दम तोड़ रही हैं सीना ताने भ्रष्टाचारी...

Posted on: Mar 09, 2017. Tags: SONG TARUN KUMAR YADAV VICTIMS REGISTER

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