माँ खादी की चादर दे दे मैं गाँधी बन जाऊँगा...गाँधी जयंती पर गीत
ग्राम-सेंधवानी, पोस्ट-वालपुर, विकासखंड+तहसील-सोंडवा, जिला-अलीराजपुर (म.प्र.) से आमेश डोडवा, महात्मा गाँधी के जन्म दिवस पर एक गीत सुना रहे हैं:
माँ खादी की चादर दे दे मैं गाँधी बन जाऊँगा-
सब मित्रो के बीच बैठकर रघुपति राघव गाऊंगा-
छोटी सी धोती पहनाऊंगा खादी की चादर ओडाऊँगा...
Posted on: Oct 02, 2016. Tags: AMESH DODVA SONG VICTIMS REGISTER
क्या आयेगा गाँधी दोबारा,क्या आयेगा गाँधी दोबारा...गाँधी जयंती पर कविता
जिला-कानपुर (उ.प्र.) से KM भाई गाँधी जयंती के उपलक्ष्य में एक कविता सुना रहे हैं:
क्या आयेगा गाँधी दोबारा,क्या आयेगा गाँधी दोबारा-
पूछती हैं गलियां पूछते हैं गाँव चोबारा-
पूछती हैं नदियाँ पूछती हैं लोकतंत्र हमारा-
क्या आयेगा गाँधी दोबारा-
पुकारती हैं पुकारती हैं निर्भया-
पुकारता हैं कालाहांडी का सबेरा-
क्या आयेगा गाँधी दोबारा...
Posted on: Oct 02, 2016. Tags: KM BHAI SONG VICTIMS REGISTER
Bultoo Radio from Chatra district Jharkhand : 1st October 2016...
Today Rajesh Kumar and Shriram Yadav are presenting latest edition of Bultoo radio from Chatra district of Jharkhand. In this program they have chosen songs and stories from many places from where people have sent songs in many languages after calling CGnet Swara number 08050068000. Now this program can be downloaded by people from their Gram Panchayat offices if it has Broadband or from a download centre nearby. They can also get it from someone with smartphone and internet via bluetooth.
Posted on: Oct 01, 2016. Tags: CHATRA RAJESH KUMAR SHRIRAM YADAV SONG VICTIMS REGISTER
ओले दालू, ओले दालू राजाकर बेटा रे मंदारी...पहाड़ी कोरवा गीत
ग्राम-सल्खेता, पंचायत-गितकालो, पोस्ट-कुमरता, विकासखंड-धरमजयगढ़, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से फुल्मेत एक पहाड़ी कोरवा भाषा में गीत सुना रही हैं:
ओले दालू, ओले दालू राजाकर बेटा रे मंदारी-
लागिस जाई पाया रे शेष रे मंदारी बाबू दालू रे...
Posted on: Oct 01, 2016. Tags: FULMET PAHADI KORWA SONG VICTIMS REGISTER
बांके बिहारी मुझको तेरा ही सहारा...बघेली लोकगीत
ग्राम-गढ़वय, पोस्ट-मधरी, थाना-पनवार, ब्लाक-जवा, तहसील-त्योंतर, जिला-रीवा (म.प्र.) से रीता देवी साकेत एक बघेली लोकगीत सुना रही हैं:
बांके बिहारी मुझको तेरा ही सहारा-
कहीं छुट जायें न दामन तुम्हारा-
तुम्हारे सिवा दिल में समाये न कोई – लगन का ये दीपक भुजाये न कोई-
तू ही मेरी कस्ती तू ही तू ही है किनारा
कहीं छुट जायें न दामन तुम्हारा-
बांके बिहारी मुझको तेरा ही सहारा...
