हर बिखरे अनुभव के रेशे को समेट कर लिखता है...भवानी प्रसाद मिश्र की कविता-
सुनील कुमार भवानी प्रसाद मिश्र की कविता सुना रहे हैं:
बुनी हुई रस्सी को घुमायें उल्टा-
तो वह खुल जाती हैं-
और अलग अलग देखे जा सकते है-
उसके सारे रेशे-
मगर कविता को कोई/ खोले ऐसा उल्टा-
तो साफ नहीं होंगे हमारे अनुभव-
इस तरह/क्योंकि अनुभव तो हमे-
जितने इसके माध्यम से हुए हैं-
उससे ज्यादा हुए हैं दूसरे माध्यमों से-
व्यक्त वे जरूर हुए हैं यहाँ-
कविता को/ बिखरा कर देखने से-
सिवा रेशों के क्या दिखता है-
लिखने वाला तो-
हर बिखरे अनुभव के रेशे को-
समेट कर लिखता हैं...
Posted on: Mar 31, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
कलाकार बनते-बनते मनुष्य बेहतर इंसान बन जाता है...
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार सांस्कृतिक सिपाही तपेश्वर लाल विजेता के बारे में बता रहे है, कलाकार बनते -बनते मनुष्य बेहतर इंसान बन जाता हैं | रंगकर्मी तपेश्वर लाल विजेता संस्कृतिकर्मी-समाजसेवी के रुप में पहचान बनानेवाले तपेश्वर मुजफ्फरपुर में कला संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए “कला श्री” की स्थापना की. बाद में मुजफ्फरपुर में भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) ईकाई की स्थापना कर आम लोगो के आवाज उठाने का कार्य किया .शुरुआती दौर में कोयले की चीख ,ऊँचे लोग ,सभ्य साँप जैसे नाटक का मंचन किये .जुग जुग जीओ मेरे लाल, हे तुलसी मईया जैसे भोजपुरी फिल्म में अपने बेहतर अभिनय से विशेष पहचान बनाई .उनकी पुण्यतिथि पर शत-शत नमन, विनम्रता पूर्वक श्रद्धांजलि। सुनील@9308571702
Posted on: Mar 31, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
किसी घर में सभी कोई अगर मिलजुल कर काम करें तो घर में कभी आर्थिक तंगी नहीं आती-कहानी...
पुरुषोत्तमपुर ,मुज्जफरपुर (बिहार) से बाबुल कुमार एक कहानी सुना रहे है जिसमें वे बता रहे है कि बहुत समय पहले की बात है एक बार एक व्यक्ति एक संत के पास पहुंचा और बोला मेरी आमदनी कम है मेरे बच्चे भूखे मर रहे है. संत ने पूछा बच्चे क्या करते है? उसने जवाब दिया वे किस के नोकर है क्या जो काम करेगे? इस पर संत ने जवाब दिया घर का बोझ उठाने के लिए सबको स्थिति के अनुसार कुछ न कुछ करना पड़ता है ये बात उसे समझ में आ गयी और उसने सब को काम दिया उसके बाद उसकी समस्या ख़त्म हो गई और उसने उस संत को धन्यवाद कहा इससे यह सीख मिलती है जिस घर में सभी मिलकर काम करते है उन्हें कभी तंगी नहीं आती | बाबुल कुमार@7079719619
Posted on: Mar 30, 2017. Tags: BABUL KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
अगना में पखरी का नाय छठी मैया ये तना...छठ गीत -
मालीघाट, जिला-मुज्जफरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक छठ पर्व पर गाये जाने वाला लोक गीत सुना रहे है:
अगना में पोखरी का नायब छठी मैया ये तना-
अचरा से गलिया बहारब – खिलवा डाली भरा लाय – ताई पर पिया ओढ़ाये – हाथी पर कलशा बैठाये-
कई पर दिया जगमगाये...
Posted on: Mar 30, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
मेरे पापा, मेरे पापा...गीत
पटेल नगर, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से कंचन कुमारी,चंचल कुमारी एक गीत सुना रही है:
मेरी कमी आसमा मेरे पापा-
मै हूँ जहा है वहां, मेरे पापा, मेरे पापा-
तुम साँसों के पास रहो, शामो शहर मेरे पास रहो-
जहा मेरे आसूं ही भले, वही मुझे हंस के मिले-
रूठूँ जो मै तुमसे, इतना डरते हो-
मेरे लिए किस्मत से, जीवन साथी हो-
मेरे पापा, मेरे पापा...



