डोकरा-डोकरी की छत्तीसगढ़ी कहानी...

नया रायपुर (छत्तीसगढ़) से अनमोल कुमार एक कहानी सुना रहें है एक गांव में डोकरी रहिसे डोकरा मछली पकड के आये त का कहे ये तय मछरी ला के रख देबे तहा में खाहु नाहा के तहा डोकरी हर मछरी ला बना के रख दे रहे जी ताहा डोकरा हर कपडा साबुन धर के नहाये ना तरिया मा गईस जी बनावत डोकरी हर पूरा मछरी ला खा देहिस और पूरा ला धो के रख दे रहिस तहा डोकरा हर आके बोलिस खाना निकाल डोकरी साथ मा खाना खाबो डोकरी हर बोलिस बाद में खाबो अभी टाइम नही होए है, तहा डोकरा ला डोकरी हर बता देहिस डोकरा मै सबो मछरी ला गलती से खा देहे तहा दोनों झन के लड़ाई होगे....(183743)

Posted on: Feb 01, 2021. Tags: CHHATTISGARHI STORY RAIPUR CG SONG VICTIMS REGISTER

बच्चो के लिये जनरल नॉलेज...

जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) सागर राठौर जनरल नॉलेज बता रहे है :
भारत का राष्ट्रीय पशु है – बाघ-
भारत का राष्ट्रीय पक्षी है -मोर-
भारत का राष्ट्रीय भाषा है-हिंदी-
भारत का राष्ट्रीय खेल है-हाँकी ...(184491)

Posted on: Feb 01, 2021. Tags: ANUPPUR MP EDUCATION SONG VICTIMS REGISTER

एक चालाक बैल की कहानी...

भोपाल मध्यप्रदेश से उत्तम साहू एक चालाक बैल की कहानी सुना रहे है, एक किसान का बैल कुएं में गिर गया तो किसान ने सोचा की बैल तो बुढा हो गया है इसको नहीं निकालते है इसको कुएं में ही दफन कर देते है और गाँव के लोगो को बुलाया और फावड़े से मिट्टी बैल के ऊपर डालने लगे तो बैल ने सोचा की अब कैसे बचा जाये तो जैसे जैसे मिट्टी बैल की ऊपर डालते गये वैसे-वैसे ऊपर आते गया और वह निकलकर भाग गया | संपर्क@9753767497.

Posted on: Feb 01, 2021. Tags: BHOPAL MP SONG STORY VICTIMS REGISTER

बेला फुले आधी रात ये माला के गले डाल...गीत-

जिला-बड़वानी मध्यप्रदेश से सुरेश कुमार एक गीत सुना रहे है:
बेला फुले आधी रात ये माला के गले डाल-
राम गले डालू की पिता गले-
पिता जी के लंबे लंबे बाल जी-
किसके गले डालू-
कृष्णा गले डालू की राधा गले डालू-
बेला फुले आधी रात ये माला के गले डाल-
राम गले डालू की पिता गले...(184395)

Posted on: Jan 31, 2021. Tags: BADWANI MP HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER

पीड़ितों का रजिस्टर : हम नक्सलियों के आतंक से डरे हुए हैं, इसलिए गाँव छोड़कर भाग निकले ...

ग्राम- कोयामेटा, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से राजू यादव पिता का नाम गणेश यादव बता रहें है 4 परिवार है, वे नक्सलियों से बहुत परेशान रहते थे मीटिंग में नाचने के लिए बुलाते थे| नहीं जाने से मार भी देते थे, इसलिए 2012 में अपना गांव छोड़कर अभी नारायणपुर शांतिनगर में दूसरे का जमीन लेकर रह रहें है और अपना जीवन यापन कर रहें है। सरकार से मदद लेने के लिए फार्म भी जमा कर दिए है | लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है|(183880) D

Posted on: Jan 31, 2021. Tags: NARAYANPUR CG SONG VICTIMS REGISTER VICTIM REGISTER

« View Newer Reports

View Older Reports »