निमिया के डाढ़ी मईया डालेली असनवा की झुमी झुमी न...भोजपुरी देवी गीत

अनीता कुमारी भोजपुरी भाषा में एक देवी गीत सुना रही हैं:
निमिया के डाढ़ी मईया डालेली असनवा की झुमी झुमी न-
मइया झुलेली झुलनवा की झुमी झुमी ना-
सातो रे बहिनिया के भैरो हवे भईया-
आदि शक्ति देवी के अनेक बाटे नईया-
जेकरा सहारा नइखे राखेली शरनवां की झुमी झुमी ना-
कामरुप कमख्याय कलकत्ता वाली काली-
मइहर में शारदा विन्धयाचल विन्धवाली-
कश्मीर में वैष्णो देवी जानेली जहनवाँ की झुमी झुमी ना-
भक्त करे दर्शनवा की झुमी झुमी ना...

Posted on: Oct 07, 2016. Tags: ANITA KUMARI SONG VICTIMS REGISTER

कथी के कघही शितल मईया : देवी गीत...

अनीता कुमारी एक देवी गीत सुना रहीं है:
कथी के कंगही शितल मइया कथी के लागल हो तार-
कथिये बइठल शितल मइया झारि लामी हो केश-
टूटी गेलइ कंगही शितल मइया मुड़ी गेलइ हो तार-
झटकत जाली शितल मइया सोनरा के दुकान-
हाथ तोरा टूटतइ रे सोनरा जवानी लागे हो घुन-
जौना हाथे गढ़ले रे सोनरा ककहिया केश हो तार-
रोवली सोनरा के मइया माता के हो दुआर-
ऐमकी गुनहिया शितल मइया बक्शीश हो हमार-
फिरु से गढ़ाएब हो मइया ककहिया केश हो तार...

Posted on: Oct 06, 2016. Tags: ANITA KUMARI SONG VICTIMS REGISTER

मइया हे सुनीयउ हमर विपतीया मा हम कोना रहबई गे...देवी गीत

अनीता कुमारी ,मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से देवी गीत सुना रही हैं:
मइया हे सुनीयउ हमर विपतीया माँ हम कोना रहबई गे-
कोना रहबई हे मइया कोना रहबई हे मइया-
निर्धन अज्ञान बनएलो कनियो न ज्ञान नै देलो-
माँ हम कतरा कहबइ हे-
घर नै दुआर देलो मइया ,दुःख अब सहलै न जाइले-
माँ हमर संकट हरियो ना-
जग सौ ठुकराएल गेल छी ,शरण अही के आएल छी-
कनियो न दया दिखइयो न-
मइया हे आपन भक्त जनन पर कनियो त दया दिखइयउ ना...

Posted on: Oct 04, 2016. Tags: ANITA KUMARI SONG VICTIMS REGISTER

वह चिड़िया चोच मार कर दूध भरे दाने खा लेती है...बाल कविता

गाँव केरकेट्टा, पोस्ट जोगा थाना उटारी रोड, जिला पलामू (झारखण्ड) से अंजनी कुमारी एक बाल कविता सुना रहीं है-
वह चिड़िया चोच मार कर दूध भरे दाने खा लेती है-
वो छोटी संतोषी चिड़िया, नीले पंखो वाली चिड़िया मुझे इनसे बहुत प्यार है – वह चिड़िया जो कंद कल कर, बूढ़े एंव दादा के खातिर-
वो छोटी संतोषी चिड़िया, नीले पंखो वाली चिड़िया मुझे इनसे बहुत प्यार है...

Posted on: Sep 26, 2016. Tags: Anjli Kumari SONG VICTIMS REGISTER

हम खेल-खेल के मस्ताने हम पढ़ना-लिखना क्या जानें....बाल गीत

किलकारी बालकेंद्र, मुजफ्फरपुर, बिहार से दीक्षा कुमारी एक बालगीत प्रस्तुत कर रही हैं:
हम खेल-खेल के मस्ताने हम पढ़ना-लिखना क्या जानें-
अजी पापा हमारे कहते हैं क्या कहते हैं क्या कहते हैं-
तुम डॉक्टर बनो तुम डॉक्टर बनो-
हम सुई से डरने वाले हैं हम डॉक्टर बनना क्या जानें-
हम खेल खेल के मस्ताने हम पढ़ना लिखना क्या जानें-
अजी मम्मी हमारी कहती है तुम इंजीनियर बनो तुम इंजीनियर बनो-
हम कागज़ फेंकने वाले हैं हम इंजीनियर बनना क्या जानें-
हम खेल-खेल के मस्ताने हम पढ़ना-लिखना क्या जानें....

Posted on: Sep 22, 2016. Tags: DIKSHA KUMARI SONG VICTIMS REGISTER

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