मेरे छोटे से भगवान, जिनके घुंगर-घुंगर बाल...भक्ति गीत-
ग्राम-महूगंज, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से कोमल कुमार एक भक्ति गीत सुना रहीं है:
मेरे छोटे से भगवान, जिनके घुंगर-घुंगर बाल-
मैं तो खाना पकाई, खाने वालो के लिए-
खालो-खालो भगवान, मुझे दे दो शक्ति दान-
जाओ जाओगे कहाँ मुझ से मुंह मोड़ के-
मैं तो शरबत बनाई, पीने वालो के लिए-
मैं बिस्तर लगाई सोने वालो के लिए-
मेरे छोटे से भगवान्, जिनके घुंगर-घुंगर बाल...
Posted on: Apr 05, 2017. Tags: KOMAL KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
अरे बाबा बन फुले लरेया है नीम...सोहर गीत
ग्राम-मालीघाट,जिला-मुजफ्फरपुर(बिहार) से सुनील कुमार
साथ में रामविलास पासवान एक सोहर गीत सुना रहे है:
ये गीत बच्चे के जन्म होने पर गाया जाता है
अरे बाबा बन फुले लरेया है नीम-
भैया बन ठन ली फुलई हे हे-
ललना रे स्वामी कोनो फुले...
Posted on: Apr 03, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
जब गुस्सा मे बरल बा दुलार...रचना
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार,
कुमार विरल की रचना सुना रहे है:
जब गुस्सा मे बरल बा दुलार-
प्रभु जी भुजिया के प्यार हो गइल-
केहू प्यार से जे देवे दुत्कार-
त भुजिया की प्यार हो गइल
चाहब की चेहरा इआद नाहीं आवे-
चाहब की मिलला पे मन नाहीं-
बाकि देखला पे झरे हरसिंगार-
त भुजिया के प्यार हो गइल...
Posted on: Apr 02, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
हमारे गाँव में स्वास्थ्य केंद्र का पिछले वर्ष निर्माण पूरा हुआ है लेकिन अभी तक उदघाटन नहीं हुआ...
सीजीनेट जनपत्रकारिता यात्रा में ग्राम-सुल्कारी, पोस्ट-पसला, जनपद-जैतहरी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से पवन कुमार साथ में गाँव के साथी सुधावन मिश्रा है जो बता रहे है कि उनके गाँव में एक उपस्वास्थ्य केंद्र है जिसका पिछले वर्ष निर्माण हुआ है लेकिन अभी तक इसका उदघाटन नहीं हुआ है और यहाँ पर पूरा कूड़ा जमा है अस्पताल चालू नहीं होने के कारण गाँव के लोगो को इलाज करवाने के लिए पुन्गा 7 किलोमीटर जाना पड़ता है या 22 किलोमीटर अनुपपुर जाना पड़ता है, इसके अलावा कोई दूसरा साधन नहीं है इसलिए सीजीनेट के साथियों से मदद की अपील कर रहे है, विधायक @9425473007, CMO@8085043760, कलेक्टर@9425168667 पवन@9111070571
Posted on: Apr 01, 2017. Tags: PAWAN KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
बुद्ध का अंतिम भोजन-
गांव के एक गरीब आदमी के निमंत्रण को स्वीकार कर बुद्ध उसके यहाँ भोजन करने गए. गरीबी के कारण बिहारी गरीब लोग जो बरसात के दिनों में जो लकड़ी पर कुकुरमुत्ता पैदा होता हैं उसे इकटठा कर सुखा लेते हैं एवं सब्जी बनाकर खाते हैं .कभी-कभी कुरकुरमुत्ता में जहर मिल जाने से जहरीला हो जाता हैं.बुद्ध के द्वारा गरीब का भोजन आनन्दपूर्वक खाते रहे जबकि जहरीला कुकुरमुत्ते सख़्त कड़वे मुँह में रखना भी मुश्किल था और गरीब व्यक्ति से कहते रहे कि मैं बहुत आनंदित हूं .बुद्ध के घर से निकलने पर जब गरीब आदमी ने सब्जी चखा तो तुरंत भागा हुआ बुद्ध के पास पहुँचा और कहने लगा कि सब्जी तो जहर थी और गरीब आदमी छाती पीटकर रोने लगा .इसपर बुद्ध ने कहा तू चिंता मत कर क्योंकि में जानता हूं अमृत हैं. बुद्ध ने कहा तू धन्यभागी है तू सौभाग्यशाली हैं .आनंदित हो कि हजारों वर्षो मे बुद्ध जैसा व्यक्ति पैदा लेता हैं .दो ही व्यक्ति को उसका सौभाग्य मिलता हैं पहला भोजन कराने का अवसर उसकी माँ को मिलता हैं और अंतिम भोजन कराने का अवसर तुझे मिला हैं.तू सौभाग्यशाली हैं आनंदित हो इसपर बुद्ध के शिष्य कहने लगे यह आदमी हत्यारा हैं .बुद्ध ने कहा भूलकर भी ऐसी बात नहीं कहना अन्यथा उसे लोग परेशान करेंगें .जाओ गांव में डुंडी पीटकर बता दो की यह आदमी सौभाग्यशाली हैं क्योंकि इसने बुद्ध को अंतिम भोजन दान दिया हैं. सुनील कुमार@9308571702
