काहां के बाबू-भैया बांध बंधुवाए...सुगा गीत-

ग्राम पंचायत-भाडी, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राजपति और सुमित्रा एक सुगा गीत सुना रहे हैं :
काहां के बाबू-भैया बांध बंधुवाए-
रामे हो सुगा काहां ला पानी ला चलाय-
कुनिया के बाबू-भैया बाँध बंधुवावे-
रामे हो सुगा सिंगरोली पानी ला चलाय-
नाने नान कियरी चिन्हाय-
नाने नान कियरी चिनाय, रामे हो सुगा...

Posted on: Feb 18, 2019. Tags: CG JAYANTI AYAM ODGI RAJPATI SONG SUGA SURAJPUR VICTIMS REGISTER

गोडे कर बिछिया में मंजूर झाल झलके...डोमकच्छ गीत-

ग्राम पंचायत-भाडी, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राजपति एक डोमकच्छ गीत सुना रही हैं, जिसे शादी के समय गया जाता है :
गोडे कर बिछिया में मंजूर झाल झलके-
गोडे कर बिछिया में मंजूर झाल झलके-मलके-
गोडे कर बिछिया में मंजूर झाल झलके...

Posted on: Feb 18, 2019. Tags: CG DOMKACHH SATWANTI SHYAMLE SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

काली पत पो रे निर्बा रे, बांधा बांधे रे समुन्द्र में मैया मोर...गीत

ग्राम-रिहानटोला, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से सुरेश कुमार श्याम साथ में शुदो सिंह और बुददो है जो एक गीत रहे है :
काली पत पो रे निर्बा रे, बांधा बांधे रे समुन्द्र में मैया मोर-
जाइके पूछे सीता ला, सीता पर गए शंका म सुनले रावण चोर-
लंकापुरी में जाइके, रावण गर्ज़ण लागे रे-
राम राम से बस ते रखों, मन में रखों दिन-
जाइके पूछे सीता ला, सीता पर गए शंका म सुनले रावण चोर-
लंकापुरी में जाइके, रावण गर्ज़ण लागे रे...

Posted on: Feb 18, 2019. Tags: SONG SURESH KUMAR SHYAM VICTIMS REGISTER

तुम भी चलो अपने घर हम भी चले अपने घर...गीत

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक गीत सुना रहे हैं:
तुम भी चलो अपने घर हम भी चले अपने घर-
रौशन करे अब सब घर घर-
प्यार मुहब्बत से जग को बनाये-
दोस्ती भाईचारा को अपनाये-
भूखे रहे न कोई शाम तक ,रोशन करे.....
जात पात के झगड़ो को अब हम मिटाये-
सुख दु:ख मे अब सब काम आये-
न कोई बारूद हो न बम की धमक, रोशन करे...
सब धर्मो को हम अपनाये-
मजहब की दिवार को अब हम गिराये-
अब न बुझे कोई घर का दीपक ,रोशन करे...

Posted on: Feb 18, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

चाँद के घर में सुना मैंने अपना है प्रकाश नहीं...कविता

मालीघाट, जिला-मुजफ्फपुर (बिहार) से सुनील कुमार, महेश ठाकुर चकोर की रचना सुना रहे हैं:
चाँद के घर में सुना मैंने अपना है प्रकाश नहीं-
सूर्य से लेता जड़ को देता संग्रह पर विश्वास नहीं-
मधुमक्खी मधु संचय करती आता उसको रास नहीं-
फिर भी शहद जुटाती रहती होती है उदास नहीं-
चाँद के घर में सुना मैंने अपना है प्रकाश नहीं...

Posted on: Feb 17, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

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