बुरा लगे तो लगे हमारे ठेंगे से, कोई कुछ भी कहे...गीत
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक गीत बुरा लगे तो लगे हमारे ठेंगे से सुना रहे हैं:
बुरा लगे तो लगे, हमारे ठेंगे से – कोई कुछ भी कहे-
नहीं मौत के आगे कोई मंजिल है-
बचता है जो बचे हमारे ठेंगे से...
Posted on: Apr 27, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : लीची के औषधीय गुण-
मालीघाट, जिला मुजफ्फरपुर (बिहार ) से सुनील कुमार लीची के गुणकारी फायदे के बारे में बता रहे है. स्वाद के साथ स्वास्थ्य: वे कह रहे हैं लीची एक स्वादिष्ट फल ही नहीं है बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी बहुत उपयोगी है, वे इसके आठ फायदों के बारे में बता रहे हैं पहला इससे अच्छा पाचन होता है, तंत्रिका तंत्र भी ठीक रहता है, इसे फल के रूप में ही नहीं बल्कि इसका ज्यूस भी निकालकर उपयोग किया जा सकता है, मोटापा कम करने में भी सहायक है, पेट दर्द में भी सहायक है इसमें विटामिन सी होता है जिससे यह सर्दी,जुखाम में भी उपयोगी है ये एंटी ऑक्सीडेंट है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाती है, थकान को दूर करती है, ऊर्जा का अच्छा स्रोत है.सुनील कुमार@9308571702.
Posted on: Apr 26, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
देश की माटी, देश का जल...कविता
सुनील कुमार ,मालीघाट, जिला मुजफ्फरपुर (बिहार ) से रवीन्द्रनाथ ठाकुर की एक कविता सुना रहे हैं जिसका अनुवाद भवानीप्रसाद मिश्र ने किया था :
देश की माटी ,देश का जल-
देश की माटी देश का जल-
हवा देश की देश के फल-
सरस बनें प्रभु सरस बने-
देश के घर और देश के घाट-
देश के वन और देश के बाट-
सरल बनें प्रभु सरल प्रभु-
देश के तन और देश के मन-
देश के घर के भाई -बहन-
विमल बनें प्रभु विमल बनें...
Posted on: Apr 26, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
गले में और कितने लटकाएँ कंकाल, हम हैं तमिलनाडु के किसान...कविता-
मालीघाट ,मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार सरला माहेश्वरी की कविता सुना रहे है:
हम हैं तमिलनाडु के किसान-
गले में और कितने-
लटकाएँ कंकाल-
और कितने दिन-
अधनंगे, नंगे-
धरती को बना थाली-
पेट को रखें ख़ाली-
कितने दिन मुँह में दबाएँ-
चूहे और घास-
बन जाए लाश-
अपने ही पेशाब से बुझाएँ प्यास-
तब तुम मानोगे-
हम हैवान-
काले भूत नहीं-
पहनें हैं खेतों में जली-
अपनी ही खाल-
बदहाल-
जीवित इंसान-
तमिलनाडु के किसान-
अभी कहाँ निकला कोई हल-
अभी कहाँ खाया-
हमने अपना मल-
कितनी हदें हैं-
तुम्हारी बेशर्मी की-
अभी देखना बाकी है वे पल...
Posted on: Apr 25, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
एक दीपक जलाए नए साल में, आवो सबको पढाए नए साल में...शिक्षा गीत -
ग्राम-नागाटोली, जिला-रोहतास, (बिहार) से हेमन्दरी कुमारी, एक शिक्षा गीत सुना रही है:
एक दीपक जलाए नए साल में, आवो सबको पढाए नए साल में-
देखो अनपढ़ रहे हम बहुत दिनों तक, कोई अनपढ़ रहे ना नए साल में-
एक दीपक जलाए नए साल में, आवों सबको पढाए नए साल में-
जो की शिक्षा की जग मग, करे हर तरफ-
आवों सबको पढाए, नए साल में-
सबको रोटी मिले, सबको कपड़ा मिले-
हम सभी पड़ने जाए, नए साल में...



