कोन वो लोएलअसा एंगी फुल ऐ...पहाड़ी कोरवा गीत
सरला श्रीवास पहाड़ी कोरवा जनजाति समुदाय के ग्राम गिधकालो, ग्राम पंचायत गिधकालो, ब्लाक धरमजयगढ़, जिला रायगढ़ (छत्तीसगढ़) में उपस्थित है जहां ग्रामीण एक सामूहिक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं जो पहाड़ी कोरवा आदिवासी समुदाय का उनकी भाषा में पारम्परिक गीत है :
कोन वो लोएलअसा एंगी फुल ऐ-
कोन वो लोरें सीता एंगी फुल ऐ-
ये गोई वो लोए सीता एंगी फुल ऐ...
Posted on: Oct 24, 2016. Tags: SARLA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER
तोसो-तोसो कामे करयो बुझे कहाँ पछताए...भीली फसल गीत
ग्राम-हिगवी, पोस्ट-आली, तहसील-डही, जिला-धार (म.प्र.) से एलम सिंह कन्नोज आदिवासी इलाकों में फसल काटते समय गाया जाने वाला गीत सुना रहे हैं:
तोसो-तोसो कामे करयो बुझे कहाँ पछताए-
चुप यु बाबा यन बिगड़ा आन्दा है रे खाने-
वारलु कामो मा वारलु कामो मा उजगाय नी कोरलो रे-
नी कोरलो रे इन्ही जिन्दगी नु काईनी ठिकाडु रे-
जो जीवन छे मिटटी का ठेला पानी लागे तो गली जाये-
यो जीवन थी मिटटी का डेला,यो जीवन थी मिटटी का डेला-
पानी ला गेत गली जाए, जीवन दो दिन का...
Posted on: Oct 23, 2016. Tags: ILAAM SINGH KANNOJ SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में: कुत्ते के काटने पर घरेलू प्राथमिक उपचार -
नवाडीह जिला बोकारो (झारखण्ड) से निर्मल महतों कुत्ते के काटने पर कई घरेलू उपचार बता रहे हैं |वे बताते हैं कि भारत में प्रति वर्ष कुत्ते के काटने से रेबीज रोग से हजारों लोगों की मौत होती है | प्राथमिक उपचार के रूप में कुत्ते के काटे स्थान को पानी तथा साबुन से अच्छे से धो ले जिसे कुत्ते के लार वा वायरस धुल जाय |कुत्ते के काटने पर अंगूर की लकड़ी की राख़ तथा सिरके को लगाने से शीघ्र लाभ होता है | कुत्ते के काटने पर लहसुन को पीसकर लेप लगाने से कटा स्थान नही पकता । घी, गुड़ और धतूरे का रस दूध में मिलाकर पीने से कुत्ते के काटे विष का नाश होता है । साधारण कुत्ते के काटने पर काली मिर्च पीसकर लगाने से कुत्ते का विष नष्ट हो जाता है | निर्मल महतो@7323891158
Posted on: Oct 23, 2016. Tags: NIRMAL MAHTO SONG VICTIMS REGISTER
किसान स्वर : लीची की फसल को अब दो महीने तक सुरक्षित रखा जा सकेगा...
लीची की फसल को अब २ महीने तक सुरक्षित रखा जा सकेगा । अब तक यह फसल सिर्फ ४ दिन से एक सप्ताह तक ही सुरक्षित रखी जा सकती है । जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार उनके यहां लग रहे लीची अनुसंधान केंद्र के बारे में बता रहे हे जो भाभा एटोमिक रिसर्च सेंटर बार्क के प्रयास से लगाया जा रहा हैं जो लगभग एक 75 लाख से 1 करोड़ रूपये तक के खर्च से तैयार होगा । इसमें १ टन लीची की प्रोसेसिंग एक घंटे में की जा सकेगी । इससे किसानों और व्यापारियों को बहुत लाभ होगा । इस पहल के लिए वे केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह का बहुत धन्यवाद कर रहे हैं जो मुजफ्फरपुर के गौरव को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं । लीची के कारण ही मुजफ्फरपुर को मीठा शहर कहा जाता है । सुनील कुमार@9308571702
Posted on: Oct 23, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
हमारे गाँव के जंगल में बाहरी आकर बस रहे हैं जंगल काट रहे हैं कृपया अधिकारियों को फोन करें...
ग्राम पंचायत-देवरी, पोस्ट-चंदौरा, थाना-चंदौरा, तहसील-प्रतापपुर,जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़ ) से कैलाश सिंह पोया बता रहे हैं कि इनके यहाँ के जंगल में बाहरी लोग आ कर के पेड़ पौधों की कटाई कर रहे हैं और उसी जमीन पर कब्जा भी कर रहे हैं, जंगल विभाग के अधिकारी कोई भी ठोस कदम नही उठा रहे हैं, जिस कारण ग्रामीणों को बहुत ही परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, ग्रामीण चाहते हैं की सीजीनेट सुनने वाले सभी साथी उनकी मदद करें,जंगल विभाग के अधिकारियों से बात कर बचे हुए खाली जगहों में नये वृक्षारोपण किया जाए,दरोगा का मोबाईल नम्बर है -8889472625,और जिला कलेक्टर का मोबाईल नम्बर -9425985298,एवं एस डी एम -09424166557. पोया@9575922217

