हयेगा राम जाथे बनवास राम जाथे बनवास...करमा गीत
ग्राम पंचायत-टाटीटोला, पोस्ट-लालपुर, जिला-डिंडौरी, मध्यप्रदेश से,पतिराम मार्को एक करमा गीत सुना रहे हैं, इस करमा गीत को युवक और युवती मिलकर के गाते हैं:
ओ ओ ओ ओ ओ...हो हो हो हो हो-
हयेगा राम जाथे बनवास राम जाथे बनवास-
सीता का है राम पति हा महू ला लेजा रे-
हाय गा जाथे बनवास-
भीतर रोये माता कौशिल्या,बाहर भारत भाई-
राजा दशरत प्राण त्याग हे, केकई पछताई-
हयेगा राम जाथे बनवास राम जाथे बनवास...
Posted on: Nov 18, 2016. Tags: PATIRAM MARKO SONG VICTIMS REGISTER
कौने रंगे बछरू रे कोन रंगे गइया...गाय-बछड़े पर किसानी गीत
ग्राम- देवरी, जिला- सूरजपुर ( छत्तीसगढ़ ) से कैलाश सिंह पोया दीपावली पर्व पर गाए जाने वाला एक गीत सुना रहे है जो खेती किसानी में उपयोग होने वाले गाय-बछड़े के बारे में है:
कोन रंगे गइया, कौने रंगे बछरू रे-
कोन रंगे गइया, कौने रंगे बछरू रे-
कौने सिघारी तेल ल लगाबो रे...
Posted on: Nov 18, 2016. Tags: KAILASH SHINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में: गठिया का घरेलू उपचार
जिला-सिवनी, मध्यप्रदेश से वैद्य धरम सोनी एच डी गांधी को गठिया (Arthritis) बीमारी के घरेलू इलाज के बारे में बता रहे हैं वे कहते हैं कि इसके लिए भेलवा (Semecarpus anacardium) के बीज जो काले रंग का होता है को चार टुकड़ा कर के सौ ग्राम दूध में डाल दें साथ में उसमे चीनी भी डाल दें और उसे उबाल लें और जब उबलने के बाद रबड़ी की तरह होके आधा बच जाएँ उसे रख लेना चाहिए और फिर उसके कठोर बीज को फेंक देना चाहिए नरम बीज को खा सकते हैं, इस रबड़ी जैसे पदार्थ को चाटकर खाना है । इसका प्रयोग 10 दिन लगातार करने से गठिया के रोग में बहुत आराम मिलता है | अधिक जानकारी के लिए 9755480541 पर संपर्क करें ।
Posted on: Nov 18, 2016. Tags: HD Gandhi SONG VICTIMS REGISTER
आज है मन चाहता लौट आऊं मैं...नदी पर कविता
जिला-मुज़फ्फरपुर बिहार से सुनील कुमार नदी पर आधारित कविता सुना रहे हैं:
आज है मन चाहता लौट आऊं मैं-
तुम्हारी स्नेह सिंचित सी वाटिका में-
और तुम्हारे तीर आकर फिर नहा लूँ-
गुन्गुना लूँ खिलखिला लूँ – फिर कुलांचे मारता सा एक बचपन-
तट बंधी एक नाव का तटबंध को ले-
मछलियों सी नाव नदियों में मचलती जा रही हो...
Posted on: Nov 18, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
आटन गाय, पाटन गाय कोन बरन के बचदा रे...मंडला से गोंडवाना लोकगीत
जिला- मंडला मध्यप्रदेश से रविकांत पंद्रे एक गोंडवाना लोकगीत सुना रहे हैं, गीत के बोल इस प्रकार है :
आटन गाय, पाटन गाय कोन बरन के बचदा रे-
कोन पहाड़मा मा गाय चरावे देखन व रे लबरा रे – कोने जो नदिया के पानी पीवे माया-
तरिया पहर मा रानी रोवा-
कल कल कल बहे नरबदा-
सादा निर्मल धार रे...
