बच्चा गोद लेना कानूनी प्रक्रिया है इसे क़ानून सम्मत रूप से कर अपना और बच्चे का जीवन सँवारे...
सुनील कुमार, मुज्जफरपुर (बिहार) से विशिष्ट दत्तक ग्रहण के बारे में बता रहे हैं जिनसे आप कानूनी रूप से बच्चा को गोद लेने के लिए सम्पर्क कर सकते हैं| बच्चों को गोद लेना एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से जैविक माता-पिता से अस्थाई रूप से अलग हो चुका बच्चा सभी अधिकारों विशेष लाभों और दायित्वों के साथ गोद लेने वाले माता-पिता के रूप में संदर्भित नये माता-पिता के पास जाकर उनका वैधिक संतान बन जाता है| किशोर न्याय बालकों की देख-रेख और संरक्षण अधिनियम दो हजार छः के अन्तर्गत किसी भी दंपत्ति बच्चा को गोद लिया जा सकता है सर्वाधिक जगहों पर छोड़े गए अथवा अस्पताल आदि से बच्चा गोद लेने से बचें । मालीघाट मुजफ्फरपुर (बिहार) संपर्क नम्बर 09801434831, 09155761565, 09431012911
Posted on: Nov 28, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
टीचर जी-टीचर जी एक बार मुस्कराइये...शिक्षा गीत
ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड, जिला-पलामू, (झारखंड) से अंजनी कुमारी शिक्षा पर आधारित एक गीत सुना रही है:
टीचर जी-टीचर जी एक बार मुस्कराइये-
मेरा प्रेम सदा दिल में रखिये-
क ख ग घ लिखना सिखाये-
टीचर जी-टीचर जी एक बार...
Posted on: Nov 28, 2016. Tags: ANJNI KUMARI SONG VICTIMS REGISTER
भ्रष्ट हवे जमाना भ्रष्ट होवे राज... छत्तीसगढ़ी व्यंग्य कविता
राजेन्द्र गुप्ता ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, छत्तीसगढ़ से छत्तीसगढ़ी भाषा में व्यंग्य कविता सुना रहे है:
भ्रष्ट हवे जमाना भ्रष्ट होवे राज-
बिपक्ष विद्रोही दिखाए ब रोगी नाज-
धन्य है हमर छत्तीसगढ़ के बात-
एखर आधा ठन महेतारी आधा ठन बाप-
भ्रष्ट हवे जमाना भ्रष्ट होवे राज...
Posted on: Nov 27, 2016. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
हाय हाय दाहा देखे गेलीअई ,मकईया तोड़ी लेलीअई...झरनी गीत
मुस्लिम समुदाय द्वारा ताजिया निकालने के समय गाया जाने वाला सामूहिक झरनी गीत उषाकिरण जी पक्कीसराय जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुना रही हैं:
हाय हाय दाहा देखे गेलीअई ,मकईया तोड़ी लेलीअई-
धईये लेलई राजा के सिपहीये हाय हाय-
हाय -हाय छोड़ी दहु आहे राजा हमरो अंचरवां-
रोअत होईहे गोदी के बलकवा हाय हाय-
हाय -हाय अब ही त हऊ गे छौड़ी बारह बरिसवा-
कहाँ से लएले गोदी के बलकवा हाय हाय-
हाय -हाय बारह बरिस बाबा कैलक बिअहवा-
ओही से लएली गोदी के बलकवा हाय-हाय...
Posted on: Nov 27, 2016. Tags: SONG USHA KIRAN VICTIMS REGISTER
जुड़ बाशी-जुड़ बाशी खाना नहीं...हास्य कवितायेँ
ग्राम पंचायत पाली, विकासखंड-पोड़ी उपरोड़ा, जिला कोरबा (छत्तीसगढ़) से सुरेश कुमार मरावी कुछ हास्य कविताएँ सुना रहें हैं:
जुड़ बाशी-जुड़ बाशी खाना नहीं-
बिना झोर के, बिना झोर के-
पाताल मेरे यारा, नून को ना भुलाना-
उसे याद रखना कहीं भूल ना जाना...
2
देखा हैं पहलीं बार सायकिल में हाथी सवार-
टेटका पूछी-टेटका पूछी-
जब उतरे तो सायकिल को आया बुखार-
3
मेरा मन चाट होटल जाए-
ना जानें कितना प्लेट खाए-
4
ऐसे वाणी बोलिए सबसे झगड़ा होय-
पर उससे झगड़ाना होये जो अपने से तगड़ा होये कबीरा-
5
अखियाँ मिलाना तेरे दाई को बुलाना, तेरे ददा ने किये जादू-
कुत्ते ने लात मारी, बिल्ली ने हाथ मारी ढोल गया आलू-
बिना चप्पल के ही, नाचे भालू, बिना चप्पल के ही नाचे भालू...
