इस नए साल नशामुक्ति का प्रण लें, बुज़ुर्गों का सम्मान करें और मिल-जुल कर रहने का प्रयास करें...
ग्राम पंचायत-देवरी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर, छत्तीसगढ़ से कैलाश सिंह पोया नए वर्ष के अवसर पर सभी सीजीनेट श्रोता और कार्यकर्त्ताओं को बधाई और धन्यवाद दे रहे हैं और अपनी कुछ बातें लोगों तक पहुचा रहे हैं वे कह रहे हैं कि हमें नये वर्ष के अवसर पर अपने को नशा मुक्त करने का प्रण करना चाहिए | हम इस दुनिया में बाज़ार जाने की तरह आए हैं और हमें एक दूसरे से लड़ाई झगडे नही करना चाहिए | हम सब को मिल कर के रहना है | नए साल में खूब मज़े करें अच्छा पकवान बनाएं और अच्छा अच्छा खाना खाएं और अपने बुज़ुर्गों का सम्मान करना न भूलें, अपने माता-पिता के पैर छूएं जिससे ये दुनिया सभी के लिए एक बेहतर दुनिया बन सके । कैलाश सिंह पोया@9575922217
Posted on: Jan 02, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
महुआ आदिवासी के जीवन का अभिन्न अंग है उसका हर अंश हमारे जीवन-संस्कृति में काम आता है...
जिला-रीवा, मध्यप्रदेश से विभा जी महुए का पेड़ गरीब और आदिवासी के लिए कितना उपयोगी है यह बतला रही हैं वे बता रही है कि महुए के पेड़ का लगभग हर हिस्सा आदिवासी के जीवन का अंग है और उसके जीवन और संस्कृति में उसकी महत्ता है । पहले वे महुए के फूल की विशेषता बता रही है वो कह रही हैं कि जब तीज त्यौहार नेक आदि होते है तो हम महुए का सेवन करते है और जब हम सुबह घर से काम करने के लिए निकलते है तो घर से निकलने के पहले महुए को नाश्ते की तरह इस्तेमाल करते है और जब सुबह हम घर से निकलते है तो गुड और चने के साथ खाते है महुए के सेवन के बाद काम करते है महुए से लाटा बना के रात में भी खाते है , ये हमारे जीवन का अभिन्न अंग है |विभा@9584389840
Posted on: Jan 02, 2017. Tags: SONG VIBHA REWA VICTIMS REGISTER
जवानी गए भोरे भोरे.. परिवर्तन पर सरगुजिहा बोली में गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर छत्तीसगढ़ से कैलाश पोया एक सरगुजिहा गीत सुना रहे हैं:
जवानी गए भोरे भोरे-
कोने समयहा मेहन करमा अल्होरे-
जवानी तो गए भोरे भोरे-
कोने समयहा मेहन दौ खेली कूदी ले-
समयहा तो गए भोरे भोरे-
जवानी समयहा मेहन करमा अल्होरे-
जवानी गए भोरे भोरे...
Posted on: Jan 02, 2017. Tags: KAILASH POYA SONG VICTIMS REGISTER
जब फूलवा के डारी हाथों में बा...भोजपुरी गीत
ग्राम-सोरमरवाह, थाना-मनेर, जिला-पटना (बिहार) से शिवनाथ कुमार यादव एक भोजपुरी गीत सुना रहे हैं:
जब फूलवा के डारी हाथों में बा-
फूल कागज के बना के का होई-
जो खिल ना सके मुरझा न सके-
ओहके हार बना के का होई-
मंदिर मस्जिद काशी काबा-
जब आपन देवता घर ही में बा-
तब धाम में जाके का होई-
जवन आँधी बरसात सह ना सकी-
फूल कागज के बना के का होई...
Posted on: Jan 01, 2017. Tags: SHIVNATH KUMAR YADAV SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में: श्वांस संबंधी तकलीफों का पारंपरिक उपचार
Vaid Harishbhai Chawda is telling us home remedies fo breathing related problems. He says drinking decoction of Malabar nut (Justicia adhatoda) tree leaves is useful. Drinking warm milk after adding Trikut (mixture of black peeper, dry ginger & long pepper) & jaggery is helpful. If you get no benefits by doing so, drink warm milk after mixing ½ spoon baking soda, it is helpful for removing cough. Eat daily 1 White crown flower daily with jaggery for consecutive 8-10 days is beneficial.Chawda@9893765366
