आज मेरा उम्र हुआ बचपन का...कविता

विकासखंड+तहसील-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक स्वरचित रचना सुना रहे है:
आज मेरा उम्र हुआ बचपन का-
चाल चलन है बचपन सा-
हरियाली सी प्रेम सदा एक साथ-
मुझे एक संत ने कहा-
मत करना तू खेती कभी भी एक साथ-
आज मेरा उम्र हुआ बचपन का...

Posted on: Jan 24, 2017. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER

Bultoo(Bluetooth) Radio in Bagheli language: 24th January 2017...

Today Birendra Bhai, Jayprakash, Vibha and Sanju Varma are presenting Bultoo Radio from Rewa district of MP in Bagheli language in this latest edition of Bluetooth radio program. Villagers use their mobile phones to record these songs and reports. They call 08050068000 to record. Now this program can be downloaded by people from their Gram Panchayat office if it has Broadband or from a download centre nearby. They can also get it from someone nearby with smartphone and internet and then via bluetooth.

Posted on: Jan 24, 2017. Tags: BIRENDRA BHAI JAYPRAKASH BHAI VIBHA SANJU VERMA SONG VICTIMS REGISTER

मुझ पर दया करो, मुझ पर दया करो...प्रार्थना गीत

जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से जस्टिन येका एक प्रार्थना गीत सुना रहे है:
मुझ पर दया करो, मुझ पर दया करो-
हे ईश्वर मैं पापी हूँ मैं मुझ पर दया करो-
मुझ पर दया करो...

Posted on: Jan 24, 2017. Tags: JASTIN YEKA SONG VICTIMS REGISTER

राशन नहीं हमें पाई हमय लौटा देना भाई...राशन पर बुंदेलखंडी गीत

ग्राम-विजयपुर, पोस्ट-बितमा, तहसील-बेरसिंग्पुर, ब्लॉक-मजगँवा, जिला-सतना (मध्यप्रदेश) से इन्द्रकली राशन की समस्या का समाधान नहीं होने के संदर्भ में बुंदेलखंडी भाषा में एक गीत सुना रही हैं:
राशन नहीं हमें पाई हमय लौटा देना भाई-
कोटेदार कहाँ सतना गए-
पता नहीं हमको की सरगढ़ गए है-
अर्जी पुर्जी सब हमें करवय-
सतना में हमें धरना धरवय...

Posted on: Jan 23, 2017. Tags: INDRAKALI SATNA SONG VICTIMS REGISTER

वीरां हैं मेरी शाम ,परेशां मेरी नजर...गजल गीत

सुनील कुमार मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से गजल सुना रहे है:
वीरां हैं मेरी शाम ,परेशां मेरी नजर-
अच्छा हुआ की तुम न हुए मेरे हमसफर-
कहीं सदा नहीं की जिसे जिंदगी कहूं-
मुद्दत से हैं खामोश मेरे दिल की रहगुजर-
तेरे बगैर कितनी फुर्सद हैं बज्में शेर-
ऐ दोस्त अब पढ़ूं मैं गजल किसको देखकर-
जालिब मुझे तो उनके गरीबां की फिक्र हैं-
जो हंस रहे हैं मेरे गरीबां के चाक पर...

Posted on: Jan 23, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

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