अमवाँ महुअवा के झूमे डलिया...झूमर विवाह गीत

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार, झूमर विवाह गीत सुना रहे हैं :
अमवाँ महुअवा के झूमे डलिया-
तनी ताक न बलम वा हमार ओरिया-
अमवा मोजर गईले महुआ कोचाई गईले-
रसवा से भरी गईले फूल डरिया-
तनी ताक न बलमुआ हमार ओरिया-
महुआ बिनन हम गईली महुआ बगिया-
रहिया जे छेकले देवर पपिया-
तनी ताक न बलमुआ हमार ओरिया-
कोयली के बोली सुनी मन बऊराई गईले-
नाही अईले हमरो बलम रसिया-
तनी ताक न बलमुआ हमार ओरिया...

Posted on: May 14, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

चला गौरी तोहका, बजरिया घुमाय दे...बघेली गीत

ग्राम-पाली, पोस्ट-जामुह, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से शिव कुमार द्विवेदी बघेलखंडी भाषा में एक गीत सुना रहे है :
चला गौरी तोहका, बजरिया घुमाय दे-
घुमत बनिना तो, घुमत बताई दे-
हार बनवाई दे, चेन दिलवाई दे-
पहिनत बनिना तो, पहिन के बताई दे-
चला गौरी तोहका, बजरिया घुमाय दे-
होटल देखाई दे, बजरिया घुमाय दे-
चुनरी देवाई दे, साड़ी देवाई दे...

Posted on: May 14, 2017. Tags: SHIVKUMAR DWIVEDI SONG VICTIMS REGISTER

सुख का सूरज यहाँ नही ढलता है, जिन्दगी को सुकून यहाँ मिलता है...गीत -

ग्राम-गोविन्दपुर, पोस्ट-तेजपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से अरविन्द कुमार यादव एक गीत सुना रहे है :
सुख का सूरज यहाँ नही ढलता है, जिन्दगी को सुकून यहाँ मिलता है-
माँ के आँचल की ठण्डी छाया है, पिता के प्यार का सर पे साया है-
थाम कर हाथ चलना सिखाया हमें, प्यार की थपकियों से सुलाया हमें-
यहाँ आसान नही चुकाना इनको हम पर, जो क़र्ज़ है-
माता पिता के चरणों में स्वर्ग है, माता-पिता के चरणों में स्वर्ग है...

Posted on: May 14, 2017. Tags: ARVIND KUMAR YADAV SONG VICTIMS REGISTER

ये बिकते हैं वो बिकते हैं,तक्षक के कमान बिक जाते हैं...कविता -

ग्राम-रजवाड़ा, थाना-साहेबगंज, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से विजय प्रकाश लोकप्रिय एक स्वरचित कविता सुना रहे हैं :
ये बिकते हैं वो बिकते हैं,तक्षक के कमान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते पूरे हिंदुस्तान बिक जाते हैं-
आन बिकते हैं मन बिकते हैं मानव का सम्मान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते यहाँ तो इंसान बिक जाते हैं-
मंदिर बिकते हैं,मस्जिद बिकते हैं, उसमे स्थित भगवान् बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते साधू,भगवान बिक जाते हैं-
प्राण बिकते हैं निशान बिकते है किसी गरीबों का कत्लेआम बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते मानवता का प्रमाण बिक जाते हैं-
शान बिकते हैं सम्मान बिकते है,बेचने वाले क्या नहीं बेचते-
इंसानियत का फरमान बिक जाते हैं-
धन बिकते हैं तन बिकते हैं सोने का खान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते देश का आर्थिक लगान बिक जाते हैं-
अमीन बिकते हैं,जमीन बिकते हैं,खया की गिरेबान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते गरीबों का दालान बिक जाते हैं-
मन बिकते हैं,तन बिकते हैं ,गरीबों का शरन बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते धोबी का चाँद बिक जाते हैं-
मांग बिकते हैं समांग बिकते हैं राजगद्दी का टांग बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते जनता का अरमान बिक जाते हैं-
ये बिकते हैं वो बिकते हैं,गद्दारों के ईमान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचतेहैवानो से हिंदुस्तान बिक जाते हैं-

Posted on: May 14, 2017. Tags: SONG VICTIMS REGISTER Vijay Kumar Lokpriya

जाग रहा हिन्दुस्तान, जाग रहा मजदूर किसान...जागृति गीत -

ग्राम-धीरी, पोस्ट-जैतपुरी, तहसील-बैहर, जिला-बालाघाट (मध्यप्रदेश) से जगदीश मरकाम एक जागृति गीत सुना रहे हैं :
जाग रहा हिन्दुस्तान जाग रहा मजदूर किसान-
अब जागेगा हर इंसान शुरू है साक्षरता अभियान-
सब जानेंगे अपना मान सब में उपजेगा ज्ञान-
अब साक्षर का होगा ध्यान साक्षरता का है अभियान-
बूढ़े बच्चे सभी पढेंगे पढ़कर नव् इतिहास रचेंगे-
नहीं अंगूठा अब पहचान साक्षरता का है अभियान-
हटे निरक्षता अज्ञान घर-घर होंगे फिर विद्वान्-
फिर लौटेगा भारत की शान साक्षरता का है अभियान-
साक्षर देश है सक्षम होगा और निरक्षर अक्तम होगा-
पढना लिखना पहला काम साक्षरता का है अभियान-
जाग रहा हिन्दुस्तान, जाग रहा मजदूर किसान...

Posted on: May 13, 2017. Tags: JAGDISH KUMAR MARKAM SONG VICTIMS REGISTER

« View Newer Reports

View Older Reports »